भिलाई टाउनशिप के मकान, दुकान, भवनों के अवैध निर्माण पर नगर निगम बोला-कराइए नियमितीकरण, पढ़ें BSP की पुरानी चिट्ठी

Regarding the illegal Sonstruction of Houses, Shops and Buildings in Bhilai Township the Municipal Corporation said – Regularize Them Read the Old Letter of BSP
  • बीएसपी से जारी पूर्व के आदेश के मुताबिक आवंटियों द्वारा की गई ऐसी कोई भी नियमितीकरण की कार्यवाही से सेल-बीएसपी पर बंधनकारी नहीं है।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। आम जनता सेल भिलाई स्टील प्लांट नगर निगम भिलाई के बीच फंस गई है। नगर पालिक निगम भिलाई ने भिलाई इस्पात संयंत्र की टाउनशिप क्षेत्र में लीज पर दिए गए आवासीय, व्यावसायिक एवं अन्य भवनों के संबंध में एक सार्वजनिक सूचना जारी कर तनाव बढ़ा दिया है। इस आदेश के बाद टाउनशिप क्षेत्र में रहने वाले और व्यवसाय संचालित करने वाले लोगों में हलचल बढ़ गई है।

बीएसपी के अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम गलत प्रक्रिया को अपना रहा है। साल 2023 में भी सेक्टर 5 में टेबल-कुर्सी लगाकर बैठ गए थे। लेकिन, सच्चाई सबके सामने पर कोई भी वहां नही गया था।

भिलाई टाउनशिप के आवास सेल बीएसपी के अधीन है। यहां मकान, दुकान और संस्थाओं को भवन बीएसपी की ओर से लीज पर दिया गया है, न कि नगर निगम या राज्य सरकार की ओर से। इसलिए नगर निगम का तरीका गलत है। अब देखना यह है कि नगर निगम इस पूरे मामले पर क्या आधिकारिक बयान जारी करता है।

क्या है आदेश का सार
जारी आम सूचना के अनुसार, भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा लीज पर प्रदान किए गए भवनों में यदि किसी ने लीज शर्तों का उल्लंघन करते हुए अनधिकृत विस्तार या अतिरिक्त निर्माण किया है, तो ऐसे भवनों का नियमितीकरण नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के प्रावधानों के तहत किया जाएगा।

संबंधित लोगों को निगम द्वारा जारी योजना का लाभ उठाकर अपने अनधिकृत निर्माण का वैधकरण कराने और निर्धारित शुल्क जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिक जानकारी के लिए निगम मुख्यालय के कक्ष क्रमांक 04 में संपर्क करने को कहा गया है।

किस पर पड़ेगा असर
भिलाई नगर निगम के आदेश विशेष रूप से उन आवासों और दुकानों पर लागू होगा, जिनमें बिना अनुमति अतिरिक्त कमरे, शेड, गैलरी, व्यावसायिक उपयोग या अन्य संरचनात्मक परिवर्तन किए गए हैं। टाउनशिप क्षेत्र में वर्षों से ऐसे कई निर्माण होने की चर्चाएं रही हैं।

क्या-क्या संभावनाएं हो सकती हैं
बड़े पैमाने पर नियमितीकरण अभियान
निगम द्वारा विशेष शिविर या सर्वे अभियान चलाया जा सकता है, जिससे बड़ी संख्या में मकानों और दुकानों को वैध किया जा सके।

राजस्व में वृद्धि
नियमितीकरण शुल्क और जुर्माने के माध्यम से नगर निगम को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है।

कठोर कार्रवाई की संभावना
जो लोग निर्धारित समय में आवेदन नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध जुर्माना, नोटिस या अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।

टाउनशिप प्रशासन पर प्रभाव
चूंकि टाउनशिप का संचालन Steel Authority of India Limited (सेल) के अंतर्गत आता है, इसलिए भविष्य में नगर निगम और सेल प्रबंधन के बीच समन्वय और स्पष्ट नियमों की आवश्यकता बढ़ सकती है।

व्यावसायिक गतिविधियों की जांच
आवासीय भवनों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी समीक्षा हो सकती है, जिससे उपयोग परिवर्तन (Change of Use) के मामले सामने आ सकते हैं।

स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया
टाउनशिप के निवासियों और दुकानदारों के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या यह सिर्फ नियमितीकरण की प्रक्रिया है या आगे सख्त निगरानी और कार्रवाई का संकेत। कई लोग इसे राहत के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे संभावित दंडात्मक कार्रवाई की शुरुआत मान रहे हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट है कि भिलाई टाउनशिप क्षेत्र में भवन संबंधी नियमों को लेकर आने वाले दिनों में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ने वाली है।

2023 में तत्कालीन जीएम विजय शर्मा ने निगम की कार्रवाई को बताया था गलत, पढ़िए

14 फरवरी 2023 को बीएसपी के तत्कालीन हाउस लीज, शॉप, लाइसेंस सेक्शन के महाप्रबंधक (नगर सेवा विभाग) विजय शर्मा ने जनहित में सूचना प्रसारित की थी। यह पत्र बीएसपी की ओर से आधिकारिक रूप से जारी किया गया था।
पत्र में उल्लेख किया गया था कि भिलाई टाउनशिप में दुकानों एवं मकानों में जो अनाधिकृत अतिरिक्त निर्माण किया गया है, उसके नियमितीकरण के लिए भिलाई नगर निगम द्वारा टाउनशिप में शिविर लगाया जा रहा है।

उक्त संबंध में एतद् द्वारा भिलाई टाउनशिप में दुकान/मकानों में काबिज/आबंटी को सूचित किया जाता है कि भिलाई इस्पात संयंत्र टाउनशिप क्षेत्र उसके स्वामित्व की संपत्ति लोक परिसर अधिनियम 1971 के अंतर्गत “लोक परिसर” है जिसका आवंटन, प्रबंधन एवं संचालन, भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा, आवंटन की नियम एवं शर्तों के अंतर्गत किया जाता है।

जिसमें यह स्पष्ट शर्त है कि आवंटी द्वारा अनाधिकृत निर्माण वर्जित है एवं आवंटन की नियम एवं शर्तों की अवहेलना, अनाधिकृत निर्माण इत्यादि होने पर आवंटन/लीज निरस्त किया जाता है एवं तत्संबंध में आबंटी के विरुद्ध कार्यवाही लगातार किया जा रहा है।

उपरोक्त तथ्यों के आलोक में आवंटी के विरुद्ध आवंटन की शर्तों के अंतर्गत कार्यवाही की जाती है और प्रबंधन की अनुमति के बिना किसी भी अथॉरिटी द्वारा जारी आदेश, प्रबंधन पर बंधनकारी नहीं है। अतः सेल-बीएसपी सभी आवंटियों को सूचित करता है कि आबंटी, द्वारा सेल-बीएसपी के सहमति के बिना नियमितीकरण का आवेदन नहीं किया जा सकता है।

सेल-बीएसपी ऐसे सभी आवंटियों के विरुद्ध लीज/लाइसेंस के नियम एवं शर्तों के अंतर्गत कार्यवाही करने के लिये पूर्णतः स्वतंत्र हैं। आवंटी नियमितीकरण की कार्यवाही अपने जोखिम एवं लागत पर करेंगे। आवंटियों द्वारा की गई ऐसी कोई भी नियमितीकरण की कार्यवाही से सेल-बीएसपी पर बंधनकारी नहीं है।