- यह शिखर सम्मेलन स्टील क्षेत्र में संवाद, नवाचार और रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख वैश्विक मंच बनने की ओर अग्रसर है।
सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली। Ministry of Steel ने अपने बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय आयोजन ‘भारत स्टील 2026 से पहले दुनिया भर के वरिष्ठ राजनयिकों के साथ उच्चस्तरीय इंटरएक्टिव सत्र आयोजित किया। इस बैठक का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर स्टील क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना और भारत की भविष्य की रूपरेखा को साझा करना रहा।
बैठक में स्टील मंत्रालय के सचिव संदीप पौंड्रिक ने कहा कि भारत के औद्योगिक और आर्थिक परिवर्तन में स्टील उद्योग की केंद्रीय भूमिका है। उन्होंने बताया कि देश ने स्टील उत्पादन क्षमता को वर्ष 2030 तक 300 मिलियन टन (एमटी) और 2035 तक 400 मिलियन टन तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इससे भारत वैश्विक स्टील उत्पादन में अग्रणी देशों की कतार में मजबूती से खड़ा होगा।
सचिव श्री पाउंड्रिक ने कहा कि भारतीय स्टील उद्योग तेजी से आधुनिकीकरण की ओर बढ़ रहा है और अब लो-कार्बन उत्पादन प्रक्रियाओं तथा उन्नत तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने वैश्विक भागीदारों को इस परिवर्तन यात्रा में भारत के साथ जुड़ने का आमंत्रण दिया। उनका कहना था कि भारत नवाचार, दक्षता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर आधारित मजबूत एवं टिकाऊ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आगामी ‘भारत स्टील 2026’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन-सह-प्रदर्शनी 16-17 अप्रैल 2026 को Bharat Mandapam, नई दिल्ली में आयोजित होगी। इस मंच के जरिए भारत कच्चे माल की सुरक्षा, तकनीकी हस्तांतरण, हरित एवं टिकाऊ स्टील उत्पादन और वैश्विक सहयोग को नई दिशा देने की रणनीति पर आगे बढ़ेगा।
बैठक में मौजूद विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने भारत की दूरदर्शी नीति की सराहना की और ‘भारत स्टील 2026’ में सक्रिय भागीदारी को लेकर उत्साह जताया। यह शिखर सम्मेलन स्टील क्षेत्र में संवाद, नवाचार और रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख वैश्विक मंच बनने की ओर अग्रसर है।





















