राउरकेला इस्पात कारखाना कर्मचारी संघ- बीएमएस ने यूनियन कार्यालय में कर्मचारियों के लिए एक पाठशाला लगाया। हिमांशु शेखर बल ने दी जानकारी।
- कर्मचारियों-अधिकारियों के वेतन से SESBF के लिए होने वाली बेसिक वेतन+डीए का 2% कटौती बंद कर दी जाएगी। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। देश की प्रमुख इस्पात कंपनी Steel Authority of India Limited (SAIL) प्रबंधन ने कर्मचारियों-अधिकारियों के जमा पैसे को एनपीएस में शिफ्ट करने का फैसला लिया है। इसके समर्थन में सेफी-बीएसपी ओए के बाद अब राउरकेला इस्पात कारखाना कर्मचारी संघ-बीएमएस आ गया है।
बीएमएस के सह उद्योग प्रभारी एवं राउरकेला इस्पात कारखाना कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हिमांशु शेखर बल ने यूनियन कार्यालय में कर्मचारियों के लिए एक पाठशाला लगाया। कर्मचारियों के सवालों का जवाब दिया। कर्मचारियों से कहा गया कि 2 प्रतिशत अंशदान को जारी रखें। एसईएसबीएफ ट्रस्ट जब खत्म होने वाला है तो वहां पैसा रखने से क्या फायदा है। एनपीएस में पैसा शिफ्ट करना फायदे का सौदा है।
नौकरी में रहते हुए 2 प्रतिशत सैलरी से कट रहा है, मालूम भी नहीं पड़ता है। इसको सेविंग की तरह लें। जानकारी दी गई कि एसईएसबीएफ पेंशन के लिए ही बना था। 2021 में एनपीएस आ गया। टैक्स से बचने के लिए एनपीएस में पैसा डालना अच्छा है।
सेल पेंशन स्कीम 2012 से शुरू हुआ है। लेकिन, जून 2021 के बाद से सेल ने एनपीएस में पैसा डाला। 2012 से जून 2021 तक यानी साढ़े 9 साल का कोई भी ब्याज नहीं मिला। अगर, यही पैसा आज ट्रस्ट में रखते हैं तो नुकसान होगा। इससे पहले है कि अपने पैसे का एनपीएस में शिफ्ट करने का विकल्प चुनें।
अगर 2% योगदान चलता रहा तो वो NPS खाते में जाएगा और इस पर कोई टैक्स राहत नहीं होगी। विकल्प भरने की अंतिम तिथि 26 मार्च है। सभी से अनुरोध किया गया है कि 2% विकल्प भरें।
बता दें कि 5 मार्च 2026 को जारी आदेश के अनुसार अब कर्मचारियों-अधिकारियों के वेतन से SESBF (SAIL Employees Superannuation Benefit Fund) के लिए होने वाली बेसिक वेतन+डीए का 2% कटौती बंद कर दी जाएगी। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
SAIL में अब SAIL Pension Scheme (SPS) लागू हो चुका है, जिसके तहत कंपनी का अंशदान सीधे National Pension System (NPS) में जमा किया जा रहा है। चूंकि SESBF और SAIL पेंशन स्कीम का उद्देश्य लगभग समान है, इसलिए SESBF के लिए वेतन से 2% की अनिवार्य कटौती समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
21 दिनों में देना होगा विकल्प
इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कर्मचारियों को सर्कुलर जारी होने के 21 दिनों के भीतर ऑनलाइन विकल्प देना होगा। इसके लिए कर्मचारी इस लिंक पर जाकर ऑप्शन चुन सकते हैं: https://webapp.sailcorp.in/pensionloginemp.aspx यदि कोई कर्मचारी इस लिंक पर जाकर विकल्प नहीं चुनता है, तो उसके 2% अंशदान को NIL (शून्य) माना जाएगा।
NPS में स्वेच्छा से कर सकते हैं निवेश
प्रबंधन ने कर्मचारियों को यह विकल्प दिया है कि वे चाहें तो बेसिक+डीए का 2% अपनी इच्छा से NPS (टियर-1) खाते में जमा कर सकते हैं। यह निवेश स्वैच्छिक होगा और नियमित NPS अंशदान के अतिरिक्त माना जाएगा।








