करो या मरो के नारे के साथ EPS 95 पेंशनर्स दिल्ली रवाना, जंतर-मंतर पर निकालेंगे मोदी सरकार पर भड़ास

With the Slogan Do or Die EPS 95 Pensioners Leave for Delhi Protest Against Modi Government at Jantar Mantar
  • आंदोलनकारी बोले- “गूंगी-बहरी सरकार” को जगाने के लिए एक महाआंदोलन है।
  • सरकार को चेतावनी दी कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक पेंशनर्स धरना स्थल से नहीं हटेंगे।

सूचनाजी न्यूज, रायपुर। कर्मचारी पेंशन योजना 1995: ईपीएस 95 न्यूनतम पेंशन को लेकर बवाल जारी है। ईपीएस-95 पेंशनर्स के संगठन राष्ट्रीय संघर्ष समिति (NAC) के आह्वान पर देशभर के पेंशनर्स अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच कर रहे हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के रायपुर और राजनांदगांव से 8 और 9 मार्च 2026 को दो जत्थे क्रमशः छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और गोंडवाना एक्सप्रेस से दिल्ली के लिए रवाना हुए।

समिति के छत्तीसगढ़ राज्य अध्यक्ष एल.एम. सिद्दीकी ने बताया कि ईपीएस-95 पेंशनर्स पिछले 12 वर्षों से न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये से बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में न्यूनतम पेंशन में वृद्धि, आश्रितों को 100 प्रतिशत पेंशन और बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं शामिल हैं। उनका आरोप है कि इन मांगों पर सरकार ने अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है।

इसी के चलते समिति ने 9, 10 और 11 मार्च को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल धरना-प्रदर्शन का निर्णय लिया है। देश के कई राज्यों उत्तर प्रदेश, असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पंजाब सहित अन्य राज्यों से हजारों पेंशनर्स लंबी यात्रा कर दिल्ली पहुंच रहे हैं।

समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर राउत और राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह राजावत ने कहा कि यह आंदोलन “गूंगी-बहरी सरकार” को जगाने के लिए एक महाआंदोलन है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक पेंशनर्स धरना स्थल से नहीं हटेंगे।

सिद्दीकी ने बताया कि 1 अप्रैल से प्रस्तावित नई योजना ईपीएस-2026 में भी न्यूनतम पेंशन बढ़ाने का कोई उल्लेख नहीं है, जबकि उच्च पेंशन से जुड़े प्रावधान समाप्त कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से प्रधानमंत्री, मंत्रियों, सांसदों और ईपीएफओ के अधिकारियों को ज्ञापन देने और बैठकें करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला।

उन्होंने यह भी कहा कि 30-40 वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मचारियों ने अपने पेंशन फंड में नियमित अंशदान किया, लेकिन आज उन्हें नाममात्र की पेंशन मिल रही है।

रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव रेलवे स्टेशनों पर साथियों ने दिल्ली जाने वाले पेंशनर्स को फूलमालाओं से सम्मानित कर विदाई दी। इस दौरान एल.एम. सिद्दीकी, राज्य वन विकास निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अध्यक्ष नारायण भावसार, एनएमडीसी के सुजय कुमार, बी.जे. पटनायक, नारायण मंडल, टीकाराम साहू, दुर्ग जिले के एनएसी अध्यक्ष उमेश उपाध्याय, भिलाई स्टील प्लांट के पूर्व कर्मी राजेंद्र पिल्लै, राजनांदगांव में एजाज रहमान और आर.के. वर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।