- स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया-सेफी के पदाधिकारियों ने मुलाकात की।
सूचनाजी न्यूज, नई दिल्ली/भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के सीएमडी अमरेंदु प्रकाश का कार्यकाल 1 अप्रैल को खत्म हो जाएगा। इससे पहले स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया-सेफी के पदाधिकारियों ने मुलाकात की। अधिकारियों के लंबित विषयों पर चर्चा की। अंत में बतौर सीएमडी अमरेंदु प्रकाश के योगदान को याद किया गया।
सेफी और विभिन्न प्लांट के ओए पदाधिकारियों की ओर से विदाई दी गई। वहीं, सीएमडी की ओर से स्पष्ट रूप से कहा गया कि सभी लोग प्रोजेक्ट को लेकर सक्रिय रहें। प्लांट को आगे बढ़ाना है तो समय पर प्रोजेक्ट पूरा कराने में हर संभव मदद करते रहें, ताकि सेल का विकास तेजी से होता रहे।
सेफी चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर, वाइस चेयरमैन अजय कुमार पांडेय, नरेंद्र सिंह, जनरल सेक्रेटरी संजय आर्या, बोकारो स्टील आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एके सिंह, इस्को बर्नपुर आफिसर्स एसोसिएशन अध्यक्ष सुशील कुमार सुमन, राउरकेला स्टील प्लांट आफिसर्स एसोसिएशन अध्यक्ष अबकाश बहरा, सीएमओ अध्यक्ष नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
CCL नीति में संशोधन की मांग
स्टील एग्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (सेफी) के चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर ने पदाधिकारियों के साथ स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर अमरेंद्र प्रकाश से मुलाकात कर महिला अधिकारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव (CCL) नीति में संशोधन की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
मांग पत्र में बताया गया कि वर्तमान में सेल की नीति के अनुसार CCL केवल बच्चे के 5 वर्ष की आयु तक और दो हिस्सों में ही दी जाती है, जो कि Department of Public Enterprises और Department of Personnel and Training के दिशा-निर्देशों की तुलना में काफी सीमित है।
DPE/DoPT गाइडलाइंस
सेफी ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि DPE/DoPT गाइडलाइंस के अनुसार पात्र महिला कार्मिक अपने पूरे सेवा काल में 2 वर्ष (730 दिन) तक CCL ले सकती हैं, जो अधिकतम दो बच्चों के लिए 18 वर्ष की आयु तक (दिव्यांग बच्चे के मामले में कोई आयु सीमा नहीं) लागू होती है। साथ ही यह अवकाश प्रमोशन और सीनियरिटी के लिए सेवा में बाधा नहीं माना जाता।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसे…
संघ ने यह भी बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसी अन्य सार्वजनिक उपक्रमों में इन प्रावधानों को पहले ही लागू किया जा चुका है। सेफी ने प्रबंधन से तीन प्रमुख संशोधन करने की मांग की।
CCL की पात्रता बच्चों की आयु 18 वर्ष तक बढ़ाई जाए (दिव्यांग बच्चों के लिए बिना सीमा)।
CCL को DoPT दिशानिर्देशों के अनुसार एकाधिक चरणों (multiple spells) में लेने की अनुमति दी जाए।
CCL अवधि को प्रमोशन और सीनियरिटी के लिए सेवा में ब्रेक न माना जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि इन बदलावों से सेल की नीति DPE/DoPT मानकों के अनुरूप होगी, लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा और महिला अधिकारियों को बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस मिल सकेगा। सेफी ने उम्मीद जताई है कि प्रबंधन इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर महिला कर्मचारियों को राहत प्रदान करेगा।












