BSP ने जारी नहीं किया फिलहाल EPS 95 का कोई कैलकुलेटर, कर्मियों को मिला कम EL इंकैशमेंट, हर साल करनी है VPF कटवाने की घोषणा

BSP Has not Released any EPS 95 Calculator Employees Received Less EL Encashment and have to Declare VPF Deductions Every Year
  • मुख्य महाप्रबंधक वित्त एवं लेखा के साथ टीम सीटू की बैठक।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। बहुत दिनों से सेल भिलाई स्टील प्लांट के कर्मियों के बीच ईपीएस 95 के कैलकुलेशन को करने वाला एक कैलकुलेटर मोबाइल लिंक के माध्यम से सर्कुलेट हो रहा था। साथ ही साथ ईएल एनकैशमेंट में कम पैसा मिलने तथा सेवानिवृत्ति के समय 20 लाख रुपए से ऊपर मिलने वाले ग्रेच्युटी पर इनकम टैक्स लगने जैसी सवाल भी उठ रहे थे। तमाम विषयों पर चर्चा करने के लिए सीटू के पदाधिकारी वित्त एवं लेखा विभाग के मुख्य महाप्रबंधक राजीव महेंद्रु के साथ बैठक की। इस अवसर पर वित्त एवं लेखा विभाग के महाप्रबंधक आरके भट्टाचार्जी भी उपस्थित थे।

प्रबंधन ने हाल फिलहाल में नहीं जारी किया ईपीएस 95 का कोई कैलकुलेटर

जब सीटू ने प्रबंधन के सामने इस बात को रखा है कि ईपीएस 95 में मिलने वाले हायर पेंशन से संबंधित एक कैलकुलेटर मोबाइल लिंक के माध्यम से कर्मियों के बीच में घूम रहा है, जिसे लेकर कर्मी भ्रमित हो रहे हैं।

इस पर मुख्य महाप्रबंधक ने कहा कि हाल फिलहाल में प्रबंधन की ओर से ऐसा कोई कैलकुलेटर अथवा गणना करने वाला लिंक जारी नहीं किया गया है। बल्कि यह लिंक पहले से कारपोरेट पोर्टल पर पड़ा हुआ है एवं ई सहयोग में भी दिख रहा है। किंतु वर्तमान में ईपीएस 95 से संबंधित हायर पेंशन का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसीलिए इस पर कुछ भी कहना उचित नहीं होगा।

इस पर सीटू ने कर्मियों को संदेश देते हुए कहा कि वे इस तरह के किसी भी भ्रम जाल में ना रहे। जब हायर पेंशन का केस न्यायालय में निर्णय हो जाएगा, तब पूरा का पूरा मामला कर्मियों के सामने आ जाएगा।

केंद्र सरकार की नजर में प्राइवेट कर्मियों के जैसे दर्ज है सेल कर्मियों का दर्जा

सीटू के महासचिव टी.जोगा राव ने कहा कि सरकार के कहे अनुसार इनकम टैक्स केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारी को मिलने वाले ग्रेच्युटी के पैसे पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगता है। किंतु प्राइवेट में कार्य करने वाले कर्मचारियों को मिलने वाले ग्रेच्युटी पर 20 लाख रुपए तक के रकम पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगता है।

सरकार सार्वजनिक उद्योगों के कर्मियों के लिए ग्रेच्युटी की सीमा को 20 लाख रुपए से बढ़कर 25 लाख रुपया करने के बाद इनकम टैक्स में मिलने वाले छूट के दायरे को भी 20 लाख से 25 लाख नहीं किया गया है। इससे यही समझ में आता है कि केंद्र सरकार सेल जैसे सार्वजनिक उद्योग में कार्य करने वाले कर्मियों को केंद्र सरकार अथवा राज्य सरकार का दर्जा न देकर निजी कंपनियों में काम करने वाले प्राइवेट कर्मियों का दर्जा दे रही है।

यह है वीपीएफ सर्कुलर का असली मतलब

फरवरी माह में वीपीएफ के लिए घोषणा करने के संदर्भ जारी हुए सर्कुलर को लेकर बहुत से कर्मी भ्रमित हो रहे हैं। इस के संदर्भ में चर्चा करने के बाद बात पूरी स्पष्ट हो गई है कि कर्मी को हर साल एक अप्रैल में मिलने वाले वेतन में वीपीएफ कटवाने के लिए घोषणा करना होगा, जो कर्मी 10 मार्च के अंदर घोषणा करेंगे।

उनके वेतन से एक अप्रैल से लेकर अगले वर्ष के एक मार्च तक मिलने वाले मासिक वेतन से घोषणा की गई वीपीएफ की राशि की कटौती होती रहेगी, जो कर्मी मार्च में घोषणा नहीं कर पाए हैं वे मार्च के बाद जिस भी माह में 10 तारीख के अंदर घोषणा करेंगे। उसके अगले माह से आगामी वर्ष के एक मार्च तक मिलने वाले वेतन में वीपीएफ की कटौती होती रहेगी।

कर्मी बीच में कभी भी अपने वीपीएफ के पैसे को बढ़ा सकते हैं,घटा सकते हैं। अथवा बंद भी कर सकते हैं। बढ़ाया हुआ अथवा घटाया हुआ रकम की कटौती अगले वर्ष के एक मार्च तक मिलने वाले वेतन तक जारी रहेगा। उसके बाद फिर से यदि हमें वीपीएफ की कटौती जारी रखना हो तो पुनः घोषणा करना होगा।

इसीलिए करना होगा हर साल वीपीएफ कटवाने की घोषणा

प्रबंधन के साथ चर्चा के दौरान यह बात स्पष्ट होकर सामने आई कि सरकार के नए-नए नियमों के चलते सीपीएफ एवं वीपीएफ की कटौती मिलाकर यदि ढाई लाख रुपए से ऊपर होती है तो ढाई लाख के ऊपर की राशि पर मिलने वाले ब्याज के राशि पर इनकम टैक्स कटना शुरू हो जाता है। कर्मी लंबे समय से इनकम टैक्स बचाने एवं छोटी बचत योजना के तहत पैसा बचाने के लिए वीपीएफ कटौती की घोषणा कर देने के बाद यह तक नहीं देख पा रहे हैं कि सरकार की नई-नई टैक्स रिज्यूम परिवर्तन के चलते हमारे बचत योजनाओं में मिलने वाले इनकम टैक्स छूट समाप्त होकर बचाए जाने वाले पैसे पर ही इनकम टैक्स लगने लगा है।

और कई लोग इसे बंद कर देना चाहते हैं। इसी सब को देखते हुए इस तरह की व्यवस्था बनाई गई है कि हर साल पूरे कटौतियों की गणना कर लें और आवश्यकता अनुसार वीपीएफ कटवाने अथवा ना कटवाने की घोषणा कर दें ताकि इनकम टैक्स कटौती से बचा जा सके।

फरवरी में ईएल इंकैशमेंट भरने वाले कर्मियों को मिला है कम ईएल इंकैशमेंट

सीटू के पदाधिकारियों ने पूछा कि कई सभी कर्मियों का ईएल इंकैशमेंट में महंगाई भत्ते की राशि कम मिली है। इस पर प्रबंधन में स्पष्ट किया कि जिन कर्मियों ने फरवरी के महीने में ईएल इंकैशमेंट भरा है, उनको फरवरी तक नया महंगाई भत्ता लागू न होने के कारण फरवरी के अनुसार पुराना महंगाई भत्ता मिल गया है, जिसकी गणना की जा रही है। उन सभी को आने वाले वेतन में बचा हुआ रकम मिल जाएगा।