BSP Ex-Employees Welfare Association: कॉर्पोरेट बफर फंड में वृद्धि की मांग। गंभीर मरीजों को बेहतर सहायता दें।
- उम्मीद है कि अब आने वाले समय में SAIL की मेडिक्लेम नीति में बदलाव को लेकर कोई अहम फैसला लिया जाए, ताकि राहत मिले।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। BSP Ex-Employees Welfare Association ने वर्ष 2026-27 के लिए SAIL मेडिक्लेम स्कीम में व्यापक बदलाव की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन ने Steel Retired Federation of India को एक विस्तृत प्रस्ताव पत्र भेजा है, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं।
बीमा राशि बढ़ाने की मांग
प्रस्ताव में कहा गया है कि वर्तमान स्वास्थ्य बीमा कवर को 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये प्रति सदस्य किया जाना चाहिए, ताकि बढ़ते इलाज खर्च का सामना किया जा सके।
ओपीडी लाभ में बढ़ोतरी
ओपीडी (आउट पेशेंट) लाभ की राशि में 25-30% तक बढ़ोतरी की मांग की गई है। साथ ही, वर्तमान नियमों में संशोधन कर सदस्यों को क्लेमिंग की बेहतर सुविधा देने की बात कही गई है।
गंभीर बीमारियों के लिए फंड बढ़े
कॉर्पोरेट बफर फंड में भी वृद्धि की मांग की गई है, ताकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर सहायता मिल सके।
आयु सीमा में संशोधन का सुझाव
सीनियर सदस्यों के लिए आयु सीमा की कैटेगरी में बदलाव कर 60-65, 65-70 और 70 वर्ष से अधिक वर्ग बनाने का प्रस्ताव दिया गया है।
प्रीमियम दरों पर चिंता
पत्र में यह भी कहा गया है कि लगातार प्रीमियम बढ़ने और गैप केस के कारण रिटायर्ड कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इसलिए प्रीमियम दरों को कम करने और संतुलित करने की मांग की गई है।
आधुनिक इलाज को शामिल करने की मांग
स्कीम में रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है, ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल सके।
अस्पताल सुविधाओं में सुधार जरूरी
संगठन ने यह भी बताया कि कई आवश्यक दवाएं प्लांट अस्पतालों में उपलब्ध नहीं होतीं, जिससे कर्मचारियों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। इस स्थिति में सुधार की मांग की गई है।
प्रबंधन से संवेदनशीलता की अपील
रिटायर्ड कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने कंपनी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, ऐसे में बुढ़ापे में उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिलनी चाहिए। महंगाई और बढ़ते इलाज खर्च को देखते हुए प्रबंधन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की गई है।

