सेक्टर 5 के लीकेज वाले हिस्से पर रबर का बैंड लगाकर उसे रस्सी से बांध दिया गया और ऊपर से टीन से ढक दिया गया।
- लीकेज को ठीक करने के लिए लाइन बंद कर रिपेयर करना जरूरी हो सकता है, लेकिन ऐसा करने से बचा जा रहा है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भीषण गर्मी के बीच पानी की एक-एक बूंद के लिए लोग जूझ रहे हैं, वहीं भिलाई टाउनशिप के सेक्टर-5 के सामने रोड पार नाले के ऊपर से गुजर रही पाइपलाइन में भारी लीकेज से पिछले चार दिनों से लगातार हजारों लीटर पानी बह रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या को ठीक करने के बजाय सिर्फ लीपापोती कर ढकने की कोशिश की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार पाइपलाइन फटने से पानी तेज गति से बह रहा था। इस मामले को देखकर मजदूर संगठन सीटू नेताओं ने तत्काल संबंधित उच्च अधिकारियों को सूचना दी और वीडियो भी साझा किया। अधिकारियों ने शुरुआत में जल्द मरम्मत का भरोसा दिया, लेकिन अगले ही दिन जो कदम उठाया गया, वह चौंकाने वाला था।
लीकेज वाले हिस्से पर रबर का बैंड लगाकर उसे रस्सी से बांध दिया गया और ऊपर से टीन से ढक दिया गया। इससे पानी का बहाव बंद नहीं हुआ, बल्कि केवल बाहर से दिखाई देना कम कर दिया गया। अंदर ही अंदर पानी लगातार नाले में बहता रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आज सुबह दोबारा निरीक्षण करने पर स्थिति जस की तस मिली। चार दिनों में हजारों लीटर पानी बर्बाद हो चुका है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं किया गया।
बताया जा रहा है कि यह पाइपलाइन प्लांट की सप्लाई से जुड़ी है और इसकी देखरेख WMD विभाग करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी लीकेज को ठीक करने के लिए लाइन बंद कर रिपेयर करना जरूरी हो सकता है, लेकिन ऐसा करने से बचा जा रहा है।
इस घटना ने जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या समस्याओं को छिपाकर समय बिताना ही अब व्यवस्था बन गई है? खासकर उस समय जब भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए परेशान हैं, ऐसी संवेदनहीनता न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि बेहद चिंताजनक भी है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने इस मामले में तत्काल स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके।

