एटक के बैनर तले बाइक रैली। छंटनी की प्रक्रिया शुरू की गई तो मजदूर सड़क पर उतरेंगे। अशांति का माहौल उत्पन्न होगा।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो इस्पात कामगार यूनियन एटक के ठेका मजदूरों ने मोटर साइकिल जुलूस निकाला। विस्थापित गांवों में जन जागरण अभियान की शुरुआत कर जंग का एलान कर दिया है। ठेका मजदूरों की छंटनी के खिलाफ प्लांट के अंदर और बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में जंग का एलान किया गया, क्योंकि अधिकतर गरीब ठेका मजदूर इस इलाके के विस्थापित हैं।
महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि मोदी सरकार के इशारे पर इस्पात मंत्रालय बोकारो स्टील प्लांट को कॉरपोरेट के हवाले करने की साजिश कर रहा है, जो नाकाबिले बर्दाश्त है। सेल के पूर्व से चल रहे कांट्रैक्ट में बेहतर सुधार की आवश्यकता है। मजदूरों की छंटनी बेरोजगारी को बढ़ावा देगी। मजदूरों के लिए असुरक्षित काम करने को मजबूर कर देगा,जो श्रम कानून के विपरीत, अनुचित एवं श्रम व्यवहार के विपरीत है।
एनजेसीएस सदस्य व बोकारो इस्पात कामगार यूनियन एटक के महासचिव रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा-सेल बीएसएल में जो हालात बनाए गए हैं, वह भयानक रूप ले सकता है। अगर, छंटनी की प्रक्रिया शुरू की गई तो मजदूर सड़क पर उतरेंगे। अशांति का माहौल उत्पन्न होगा। और उत्पादन के साथ आने वाला आधुनिकीकरण प्रक्रिया पूरी तरह से ठप हो सकती हैं।
पहले 20 प्रतिशत ठेका मजदूरों को हटाने की बात थी। अब यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। सेल के कारखानों का औद्योगिकि संबंध अगर बिगड़ा तो जिसकी पूरी जिम्मेवारी सेल प्रबंधन की होगी।
जुलूस का नेतृत्व प्राण सिंह ने किया। मुख्य रूप से प्राण सिंह, मोइन आलम, ओम प्रकाश, ईश्वर दयाल, लोबीन मांझी, सादे महतो, गुर्जर, सत्येंद्र सनातन, प्रताप वीरेंद्र महतो, विरेंद्र मोहाली, डी सोरेन, अक्षय मंडल, रामबाबू, रवि कुमार, सोनाराम मांझी, संदीप महतो, दिलीप कुमार, जयराम कुमार, केडी सिंह, आनंद कुमार, वीरेंद्र मोदी, सकलदेव, अजय कुमार, संजीव सिंह, शंकर सिंह, कार्तिक, विजय, आकाश, वीरेन महतो, कुश बावड़ी आदि शामिल थे।

