कार्मिकों के हित में कनीय प्रबंधक परीक्षा नीति 2026 में बदलाव की मांग तेज। पॉलिसी से कार्मिक प्रभावित हो रहे हैं।
- पूर्व में चयनित कर्मियों को ई-0 और ई-1 ग्रेड में एक-एक वर्ष के बाद ई-2 ग्रेड में पदोन्नति दी जाती थी, उसी व्यवस्था को बहाल करने की मांग की गई है।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने प्रभारी चेयरमैन सह निदेशक (कार्मिक) केके सिंह को पत्र लिखकर कनीय प्रबंधक परीक्षा नीति 2026 में बदलाव की पुनः मांग की है। यूनियन महासचिव हरिओम कुमार ने बताया कि सेल कॉर्पोरेट कार्यालय द्वारा 24 अप्रैल 2026 को कनीय प्रबंधक पदोन्नति परीक्षा हेतु जारी सर्कुलर में कई प्रावधान कार्मिकों के हितों के विरुद्ध हैं। इन मुद्दों पर यूनियन पहले भी पत्राचार कर चुकी है।
यूनियन ने मांग की है कि सीधे नियुक्त एमटीटी तथा कर्मचारी से पदोन्नत कनीय प्रबंधकों के लिए ई-1 ग्रेड में अलग-अलग कार्यकाल का प्रावधान समाप्त किया जाए। वर्तमान में एमटीटी मार्ग से आए कर्मियों को एक वर्ष बाद ही सहायक प्रबंधक पद पर पदोन्नति मिल जाती है, जबकि कर्मचारी से अधिकारी बने कर्मियों को ई-1 ग्रेड में तीन वर्ष पूरा करने के बाद पदोन्नति दी जाती है। पूर्व में चयनित कर्मियों को ई-0 और ई-1 ग्रेड में एक-एक वर्ष के बाद ई-2 ग्रेड में पदोन्नति दी जाती थी, उसी व्यवस्था को बहाल करने की मांग की गई है।
साथ ही, शैक्षणिक योग्यता की अंतिम तिथि 24.04.2026 निर्धारित करने पर भी आपत्ति जताई गई है, जबकि अन्य मापदंडों के लिए 30.06.2026 की तिथि तय है। यूनियन ने न्यूनतम ग्रेड व सेवा अवधि में छूट तथा वरिष्ठ कर्मचारियों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए प्रश्नपत्र तैयार करने की मांग भी उठाई है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पत्र की प्रतिलिपि इस्पात सचिव और मुख्य सतर्कता अधिकारी को भी भेजी गई है।
अंतिम तारीख में असमानता
बिंदु संख्या 1.4 में उपरोक्त पद के लिए शैक्षणिक योग्यता पूरा करने की अंतिम तारीख 24.04.2026 अंकित किया गया है, जबकि अन्य पैरामीटर जैसे न्यूनतम सर्विस, सेवा अवधि की गणना, विजिलेंस क्लियरेंस जैसे पैरामीटर के लिए समय काल 30.06.2026 निर्धारित किया गया है, तो शैक्षणिक योग्यता की गणना के लिए समय काल 24.04.2026 निर्धारित करना कहीं न कहीं उन कर्मचारियों के लिए भेदभाव है, जो अपने कोर्स के अंतिम वर्ष/अंतिम सेमेस्टर में अध्ययनरत हैं, जबकि भारत में सभी नियुक्ति प्रक्रिया में पहले से नियम है कि शैक्षणिक योग्यता को साक्षात्कार तथा अंतिम नियुक्ति प्रक्रिया से पहले पूरा करना होता है।
न्यूनतम ग्रेड, सर्विस काल को और कम करना
इस संदर्भ में यूनियन पूर्व में मांग कर चुकी है, जिसके तहत नीचे के ग्रेड वाले कार्यरत कार्मिकों को भी परीक्षा में बैठने हेतु पात्र किया जाए।
वरिष्ठ कर्मचारियों को ध्यान में रखकर प्रश्न पत्र सेट करना
पदोन्नति परीक्षा का मूल आधार कार्य अनुभव तथा प्रबंधकीय दक्षता होती है, जो कर्मचारी, अपने पिछले कार्यकाल के दौरान सिखा हुआ रहता है।
पिछले कई परीक्षा में कुछ विषयों के लिए चयनित प्रश्न काफी कठिन पूछे गए थे, जिसके कारण उपरोक्त कठीन प्रश्नों वाले विषय में अधिकतर वरिष्ठ कर्मचारी असफल हो गए थे।
वरिष्ठ कर्मचारियों की उम्र, शिक्षण के प्रति रुची को ध्यान में रखकर ही प्रश्न पत्र सेट किया जाना चाहिए। यूनियन ने पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए पत्र की प्रतिलिपि इस्पात सचिव तथा सेल के मुख्य सर्तकता पदाधिकारी को भी भेजा है।
सेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप
Junior Manager Examination Policy में प्रत्येक बार धांधली हुआ है, जिसका सबूत सीबीआई द्वारा दर्ज मुकदमा है। वहीं, सेल प्रबंधन विवाद पैदा करने तथा कर्मचारियों को भ्रमित रखने के लिए जान बूझकर विवादित नीति लाती है, ताकि कर्मचारी अपने मूल मुद्दों से कटे रहें।
हरिओम, महासचिव-बीएकेएस बोकारो


