यूनियन बोली-यदि छंटनी का आदेश वापस नहीं लिया गया, तो 12 मई को हजारों मजदूर गोलचक्कर पर जुटकर जोरदार प्रदर्शन करेंगे।
- जय झारखंड मजदूर समाज के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया गया।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट में 40 प्रतिशत ठेका कर्मियों को काम से हटाने के आदेश के बाद मजदूरों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को सेल प्रबंधन का पुतला दहन किया गया। रोजी-रोटी छिनने के डर से प्लांट में अफरा-तफरी का माहौल है। इस निर्णय के विरोध में जय झारखंड मजदूर समाज ने 23 अप्रैल से 9 मई तक सभी विभागों में जनजागरण अभियान शुरू किया है, वहीं 12 मई को प्लांट गोलचक्कर पर ‘हल्लाबोल’ प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।
इसी क्रम में गांधी चौक, सेक्टर-4 में झामुमो के केंद्रीय सदस्य सह जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बी. के. चौधरी के नेतृत्व में भारी बारिश के बीच सेल प्रबंधन का पुतला दहन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद रहे।
मजदूरों को संबोधित करते हुए बी. के. चौधरी ने कहा कि प्लांट में मैनपावर की जरूरत को प्रबंधन भली-भांति समझता है, इसके बावजूद छंटनी का आदेश लागू करना उत्पादन और मुनाफा देने वाले इस प्लांट को कमजोर करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि अधिकांश मजदूर स्थानीय और मूलवासी हैं, जिनके पूर्वजों ने अपनी जमीन देकर इस प्लांट की स्थापना में योगदान दिया था।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छंटनी का आदेश वापस नहीं लिया गया, तो 12 मई को हजारों मजदूर गोलचक्कर पर जुटकर जोरदार प्रदर्शन करेंगे और जरूरत पड़ी तो 100 प्रतिशत चक्का जाम किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त महामंत्री एन. के. सिंह ने किया, जबकि कई यूनियन पदाधिकारी और नेता उपस्थित रहे।


