मूवी देखने सांसद विजय बघेल पहुंचे। टैक्स फ्री करने की मांग राज्य सरकार से करेंगे। कलाकार डॉ. उदय, प्रेरणा धावर्डे, प्रतिमा मिश्र रहीं मौजूद।
- बाबा साहब अंबेडकर पर आधारित मूवी रमाई में पूर्व मिसेज यूनिवर्स प्रेरणा धावर्डे ने रमाई का किरदार निभाया है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट द्वारा संचालित सेक्टर 9 हॉस्पिटल के सीएमओ डाक्टर उदय की बॉलीवुड मूवी की चर्चा हर तरफ है। बाबा साहब की पत्नी रमाई पर आधारित मूवी काफी इमोशनल है। आंखों में आंसू छलकाने वाले दृश्य दिखाए गए हैं। सिनेमा घरों से मूवी निकल चुकी है। जल्द ही ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आपको देखने को मिलेगी।
रविवार को भिलाई के चंद्रा-मौर्या सिनेमा घर में एक मीडिया ग्रुप के फिल्मोत्सव में मूवी रमाई दिखाई गई। सांसद विजय बघेल भी पहुंचे। कलाकारों से मुलाकात के बाद सांसद ने कहा-राज्य सरकार से मांग करूंगा कि इस मूवी को टैक्स फ्री किया जाए। राज्य सरकार की ओर से इस मूवी को मंत्रियों, विधायकों, सांसदों संग देखने की मांग करेंगे।
फिल्म में बाबा साहब अंबेडकर की भूमिका में भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी व प्रसिद्ध बर्न सर्जन डॉ. उदय कुमार ने बाबा साहेब की भूमिका को बड़े पर्दे पर निभाया है। कलाकार डाक्टर उदय, प्रेरणा धावर्डे और बाबा की विदेशी दोस्त Fanny Fitzgerald का किरदार निभाने वाली प्रतिमा मिश्रा, जीएम प्लांट गैरेज बीडी बाबू, एससी-एसटी एसोसिएशन के अध्यक्ष कोमल प्रसाद आदि सिनेमा घर में मौजूद रहे।
फिल्म में शाहू महाराज बड़ौदा नरेश की भूमिका रजा मुराद ने निभाई है। बाबा साहेब के बड़े भाई की भूमिका में नत्था उर्फ ओमकार दास मानिकपुरी हैं। दुर्ग-भिलाई, नागपुर के बाद अब यह मूवी मुंबई और दिल्ली में रिलीज होने जा रही है। इसके बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाई जाएगी।
चार बच्चों की मौत के बाद भी रमाई डटी रहीं
सेल भिलाई स्टील प्लांट के सीएमओ डाक्टर उदय की बॉलीवुड मूवी रमाई में छुआछूत के खिलाफ चलाए गए आंदोलन की झलक दिखाई गई है। साथ में बाबा साहब की पत्नी रमाई के संघर्षों को मार्मिक तरीके से दिखाया गया है। चार बच्चों की असमय मौत और तंगहाली के बीच भी बाबा साहब के साथ रमाई खड़ी रहीं। लकड़ी बेचकर रमाई पति की पढ़ाई के लिए पैसा भेजती रहीं।
बाबा साहब अंबेडकर पर आधारित मूवी रमाई में पूर्व मिसेज यूनिवर्स प्रेरणा धावर्डे ने रमाई का किरदार निभाया है। फिल्म को प्रेजेंट प्रेरणा यूनिवर्सल फिल्म ने किया है। शूटिंग भिलाई और मुंबई में हुई है और अधिकांश कलाकार छत्तीसगढ़ के हैं। फिल्म में शाहू महाराज बड़ौदा नरेश के भूमिका प्रसिद्ध कलाकार रजा मुराद ने निभाई है, जिनके शानदार अभिनय और बुलंद आवाज के सभी दीवाने हैं।
इसलिए महात्मा गांधी से टकराए थे बाबा साहब
दलितों (अछूत) के राजनीतिक अधिकार और प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर बाबा साहब ने आंदोलन चलाया गया था। इसके लिए मूक नायक समाचार पत्र निकाला। जन जागरण अभियान के दौरान दलितों को अलग निर्वाचन (Separate Electorate) की मांग ने सबको हिलाकर रख दिया था। महात्मा गांधी भी बाबा साहब की मांग के विरोध में आ गए थे।
डॉ. भीमराव अंबेडकर चाहते थे कि दलितों को अलग निर्वाचन मिले, ताकि वे अपने प्रतिनिधि खुद चुन सकें और सवर्ण दबाव से मुक्त रह सकें। महात्मा गांधी इसके खिलाफ थे। उनका मानना था कि इससे हिंदू समाज विभाजित हो जाएगा। वहीं, मूवी में बाबा साहब के डायलॉग ने सबको आकर्षित किया। बाबा साहब ने स्पष्ट रूप से कहा-हम अलग देश की मांग नहीं कर रहे, क्योंकि हमारे लिए देश प्रथम है। इसी देश में शोषित वर्ग को बराबरी का हक दिलाना है।

विवाद किस सम्मेलन से जुड़ा था?
यह विवाद मुख्य रूप से द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (Second Round Table Conference, 1931) से जुड़ा था, जो लंदन में हुआ था। इस सम्मेलन में अंबेडकर ने दलितों के लिए अलग निर्वाचन की जोरदार मांग रखी। गांधी जी ने इसका विरोध किया। इसके विरोध में गांधी जी ने जेल में रहते हुए आमरण अनशन (Fast unto death) शुरू कर दिया था।

गांधी जी ने बाबा साहब की शर्तों को स्वीकार किया, फिर हुआ समझौता, मिला आरक्षण
अलग निर्वाचन खत्म किया गया।
दलितों को सामान्य हिंदू निर्वाचन क्षेत्र में ही आरक्षित सीटें दी गईं।
प्रांतीय विधानसभाओं में दलितों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाई गई
दलितों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में विशेष सुविधाएं देने का वादा किया गया।








