स्टील इम्पलाइज यूनियन इंटक भिलाई के महासचिव Sanjay Kumar Sahu ने कहा कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज।
- कर्मचारियों का प्रदर्शन, लंबित मांगों और छंटनी के खिलाफ इंटक का विरोध।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। Steel Authority of India Limited के Bhilai Steel Plant के कर्मचारियों ने सोमवार को इंटक के बैनर तले मुर्गा चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रबंधन की कथित मजदूर विरोधी नीतियों, लंबित मांगों, प्रमोशन में बाधा बन रही ग्रेडिंग प्रणाली तथा कर्मचारियों की छंटनी और कंपलसरी रिटायरमेंट के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शन के बाद प्रबंधन को संबोधित मांग पत्र आइआर विभाग को सौंपा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ठेका मजदूर भी मौजूद रहे।
कर्मचारियों ने कहा कि 39 महीने का एरियर और 1 जनवरी 2017 से लंबित वेतन समझौते को जल्द पूरा किया जाए। साथ ही 1 जनवरी 2027 से नए वेज बोर्ड का गठन करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने 650 वर्ग फीट के सभी आवासों को लाइसेंस पर देने की मांग करते हुए कहा कि कर्मचारियों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
प्रदर्शन सोमवार सुबह 7:45 बजे से 8:45 बजे तक मुर्गा चौक में किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि अपने हक और भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष जरूरी है। यूनियन पदाधिकारियों ने कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेने की अपील की।
स्टील इम्पलाइज यूनियन इंटक भिलाई के महासचिव Sanjay Kumar Sahu ने कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ठेका श्रमिकों के लिए केंद्रीय न्यूनतम वेतन लागू कर न्यूनतम मासिक वेतन ₹26,000 निर्धारित करने, 35% ठेका श्रमिकों की छंटनी पर रोक लगाने, काम की गारंटी सुनिश्चित करने तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग पर अमल किया जाए।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
1. 01 जनवरी 2017 से लंबित वेतन समझौते के अंतर्गत 39 माह के एरियर राशि का शीघ्र पूर्ण भुगतान किया जाए।
2. 01 जनवरी 2027 से प्रारंभ होने वाले आगामी वेतन समझौते हेतु एनजेसीएस समिति का शीघ्र गठन किया जाए।
3. वर्ष 2007 से संचालित मंथली इंसेंटिव स्कीम में वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक संशोधन किया जाए।
4. 650 वर्ग फीट तक के आवासों को शीघ्र लाइसेंस के अंतर्गत प्रदान किया जाए।
5. बीएसपी सेक्टर-9 अस्पताल के प्रस्तावित निजीकरण को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
6. बीएसपी कर्मचारियों के बच्चों को टाउनशिप के विद्यालयों में पूर्ण सब्सिडी प्रदान की जाए तथा उच्च शिक्षा हेतु शिक्षा भत्ता दिया जाए।
ठेका श्रमिकों की प्रमुख मांगें
1. प्रस्तावित 35% ठेका श्रमिकों की छंटनी तत्काल प्रभाव से बंद की जाए।
2. ठेका श्रमिकों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन अथवा न्यूनतम ₹26,000 प्रतिमाह वेतन सुनिश्चित किया जाए।
3. ठेका श्रमिकों को एस-1 ग्रेड के अनुरूप वेतन प्रदान किया जाए।
4. स्थायी प्रकृति के कार्य में लगे ठेका श्रमिकों को रात्रि भत्ता, अवकाश, आवास भत्ता, शिक्षा भत्ता एवं मोटरसाइकिल भत्ता दिया जाए।
5. कौशल उन्नयन हेतु नियमित प्रशिक्षण एवं रोजगार की निरंतरता सुनिश्चित की जाए।
6. स्थानीय श्रमिकों एवं बीएसपी से अप्रेंटिस प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को ठेका कार्यों में प्राथमिकता दी जाए।
7. ठेका श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में ए.डब्ल्यू.ए. (अतिरिक्त कल्याण सुविधाएं) को समाहित किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान पूरन वर्मा, जी आर सुमन, विश्वनाथ सिंह साहू, सुरेश श्याम कुमार, जीके सूर्यवंशी, रेशम राठौर रमन मूर्ति, सीपी वर्मा, ताम्रध्वज सिन्हा, गुरुदेव साहू, दीनानाथ सिंह सार्वा, विजय विश्वकर्मा, जयराम ध्रुव, गोविंद राठौर आदि पदाधिकारी उपस्थित थे।

