हादसे के बाद बीएसपी प्रबंधन ने डीजीएम मंगेश सेलकर और एजीएम टाउन सर्विसेस रमेश कुमार हेडऊ को सस्पेंड कर दिया है।
सूचनाजी न्यूज, राजहरा। सेल भिलाई स्टील प्लांट के राजहरा माइंस हादसे का विवाद अब हल हो गया है। टाउनशिप हादसे में तीन मजदूरों की मौत के बाद भड़के परिजनों को राजी कर लिया गया है। तीनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बीएसपी के जीएम इंचार्ज एचआर जेएन ठाकुर ने हालात को बिगड़ने से संभाल लिया। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से बेहतर तालमेल का रिजल्ट दिखा। जबकि भीड़ हंगामा करने का संकेत दे चुकी थी। सीजीएम आरबी गहरवार भी काफी सक्रिय थे।
बीएसपी प्रबंधन की मौजूदी में अंतिम संस्कार के लिए 50-50 हजार रुपए तीनों परिवार को सौंपा गया। इसके अलावा साढ़े 5-5 लाख रुपए का चेक दिया गया। इस तरह कुल 18 लाख रुपए में सहमति बनी। इसके अलावा ठेका कंपनी के अधीन आश्रित परिवार को नौकरी देने का आश्वासन बीएसपी की ओर से दिया गया है। परिवार ने डीएमएफ से सहायता राशि की मांग की थी। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जो भी होगा, सहायता की जाएगी। परिवार ने 2-2 लाख रुपए की मांग की है।
मंगलवार शाम को टाउनशिप में सीवर लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे में मिट्टी धंसने से तीन मजदूर बैशाखिन, राकेश, किशुन की मौत हो गई थी। हादसे से गुस्साए लोगों को शांत करने के लिए भिलाई स्टील प्लांट के जीएम इंचार्ज एचआर जेएन ठाकुर, जीएम आइआर विकास चंद्रा सुबह से ही सभी पक्षों से संवाद कर रहे थे। घंटों चली वार्ता के बाद दोपहर में मामला हल कर लिया गया।
अंतिम संस्कार के लिए परिवार को 50-50 हजार सौंप दिए गए हैं। इस दौरान कांकेर सांसद भोजराज नाग, पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया, स्थानीय नेता संतोष देवांगन, पूर्व विधायक जनक लाल ठाकु, नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू आदि बीएसपी प्रबंधन के संपर्क में रहे।
समझौता होने के बाद परिजनों ने शव के पोस्टमार्टम की सहमति दी। पंचनामा के बाद पुलिस तीनों शव को लेकर पोस्टमार्टम के लिए रवाना हो गई। हादसे के बाद बीएसपी प्रबंधन की ओर से डीजीएम मंगेश सेलकर और एजीएम टाउन सर्विसेस रमेश कुमार हेडऊ को सस्पेंड किया जा चुका है।

