सेल चेयरमैन का राउरकेला स्टील प्लांट को बड़ा लक्ष्य। अधिकारियों-कर्मचारियों से किया संवाद। प्रोजेक्ट एरिया का किया दौरा।
- निदेशक प्रभारी आलोक वर्मा ने कहा कि प्रतिस्पर्धी इस्पात बाजार में बने रहने के लिए उत्पादन लागत कम करना जरूरी है।
सूचनाजी न्यूज, राउरकेला। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) डॉ. अशोक कुमार पांडा एक बार फिर राउरकेला स्टील प्लांट (RSP) पहुंचे। 30 मई को दौरा किए थे। 25 दिन बाद दोबारा सीएमडी आरएसपी पहुंचे और कर्मचारियों-अधिकारियों से संवाद किया। अपने मन की बात को साझा किया। आरएसपी से कॅरियर शुरू करने वाले डॉक्टर अशोक पंडा ने हौसला बढ़ाया और प्रोजेक्ट एरिया का मौका-मुआयना किया। बाउंड्री वाल कंस्ट्रक्शन आदि पर अधिकारियों से विचार-विमर्श किए।
सेल का सर्वश्रेष्ठ संयंत्र बताते हुए कर्मचारियों से इसकी प्रतिष्ठा बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राउरकेला स्टील प्लांट को सेल के सर्वश्रेष्ठ स्टील प्लांट के रूप में देखा जा रहा है और इस उपलब्धि को बनाए रखना पूरे आरएसपी परिवार की जिम्मेदारी है।
डॉ. अशोक पंडा गोपबंधु ऑडिटोरियम में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में निदेशक प्रभारी (डीआईसी) आलोक वर्मा, सभी कार्यपालक निदेशक, मुख्य महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष और विभिन्न विभागों के लगभग 500 कर्मचारी उपस्थित थे।
10,000 करोड़ रुपये से अधिक पीबीटी का लक्ष्य
. पंडा ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर-पूर्व लाभ (PBT) अर्जित करना आरएसपी का प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने संयंत्र की कार्यप्रणाली का विस्तृत विश्लेषण करते हुए छह प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया।
सुरक्षा (Safety)
उपकरणों का स्वास्थ्य (Equipment Health)
ब्रेकडाउन की समाप्ति
नेट सेल्स रियलाइजेशन
ग्राहक आदेश आधारित उत्पादन
वैल्यू एडेड उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाना
उन्होंने राष्ट्रीय मानकों के साथ विभिन्न प्रदर्शन मानकों की तुलना करते हुए बताया कि इन क्षेत्रों में सुधार कर संयंत्र नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
मानसिकता में बदलाव से मिलेंगे बेहतर परिणाम
अपने संबोधन में डॉ. पंडा ने विभिन्न सेल संयंत्रों के उदाहरण देते हुए कहा कि कार्य संस्कृति और सोच में सकारात्मक बदलाव से असाधारण परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने विभागाध्यक्षों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए उत्पादन, गुणवत्ता, यील्ड और दक्षता बढ़ाने के लिए नए अवसर तलाशने को कहा। उन्होंने हाउसकीपिंग को भी सुरक्षा, उत्पादन और बेहतर कार्य संस्कृति का महत्वपूर्ण आधार बताया।
विस्तार परियोजना की सराहना
. पंडा ने निदेशक प्रभारी आलोक वर्मा और आरएसपी की पूरी टीम की जमकर सराहना की। उन्होंने आगामी विस्तार परियोजना के लिए सीमा दीवार (Boundary Wall) निर्माण के विशाल कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उत्पादन लागत कम करने पर जोर
इस अवसर पर निदेशक प्रभारी आलोक वर्मा ने कहा कि प्रतिस्पर्धी इस्पात बाजार में बने रहने के लिए उत्पादन लागत कम करना जरूरी है। उन्होंने विभिन्न उपायों के माध्यम से लागत नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
कर्मचारियों ने साझा किए अनुभव और सुझाव
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण संवाद सत्र रहा, जिसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने अपनी उपलब्धियों, चुनौतियों और संयंत्र के विकास के लिए प्रस्तावित योजनाओं को साझा किया। सीएमडी और डीआईसी ने सभी सुझावों और विचारों पर विस्तार से चर्चा की, उपलब्धियों की सराहना की तथा भविष्य की रणनीति पर मार्गदर्शन दिया।
आरएसपी के पहले मैनेजमेंट ट्रेनी से सेल चेयरमैन तक का सफर
कार्यक्रम की शुरुआत में सीजीएम (सर्विसेज) एवं कार्यवाहक ईडी (वर्क्स) अतिश चंद्र सरकार ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. अशोक कुमार पंडा आरएसपी के पहले मैनेजमेंट ट्रेनी हैं, जिन्होंने सेल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक पद तक पहुंचकर युवा कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कार्यक्रम में सीएमडी के फोकस क्षेत्रों पर प्रस्तुति एजीएम (पीआर) अशोक जेना, डिप्टी मैनेजर (पीआर) अनिल झा तथा असिस्टेंट मैनेजर (एसएमएस-2) दीपक मोहंती ने दी। संचालन असिस्टेंट मैनेजर (पीआर) जॉयदेव मजूमदार ने किया।
एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
डॉ. पंडा सुबह राउरकेला पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर निदेशक प्रभारी आलोक वर्मा और कार्यपालक निदेशकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने उन्हें एयरपोर्ट पर गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया।

