दिव्यांग कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। ऐसे कर्मचारी व्हीकल अथवा कन्वेंस अलाउंस का चयन कर सकते हैं।
- सीटू ने कहा-पर्क्स का चयन सोच-समझकर करें, तभी मिलेगा आयकर छूट का अधिकतम लाभ। पर्क्स केवल सुविधा नहीं, आयकर बचत का भी अवसर।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल कर्मचारियों और अधिकारियों को आयकर बचत का अवसर पर्क्स दे रहा है। इसलिए इसको भरने से पहले पूरा हिसाब जरूर लगा लें। सीटू की टीम ने भिलाई इस्पात संयंत्र के वित्त विभाग के कुछ अधिकारियों तथा कुछ जानकारों से चर्चा करने के बाद पर्क्स के संदर्भ में कई खास बातों को साझा किया है।
यूनियन ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत कर्मचारियों को पर्क्स (Perks) के तहत उनके मूल वेतन का 26.5 प्रतिशत विभिन्न मदों में चयन करने का अवसर दिया जाता है। यह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि सही जानकारी के साथ किया गया चयन कर्मचारियों को आयकर में उल्लेखनीय बचत करा सकता है। इसलिए पर्क्स भरते समय जल्दबाजी या अनुमान के आधार पर निर्णय लेने के बजाय प्रत्येक मद को समझना आवश्यक है।
व्हीकल रिपेयर एवं मेंटेनेंस अलाउंस से कैसे मिलेगी आयकर छूट
नए टैक्स रिजीम के अनुसार कुछ विशेष मद ऐसे हैं, जिन पर नियमानुसार आयकर में छूट उपलब्ध है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण व्हीकल रिपेयर एवं मेंटेनेंस मद है। इस मद में कर्मचारी अपने मूल वेतन का अधिकतम 10 प्रतिशत तक चयन कर सकते हैं।
यदि कर्मचारी के नाम पर बीएसपी में विधिवत पंजीकृत 1.6 लीटर (1600 सीसी) से कम क्षमता की चार पहिया गाड़ी है, तो उसे ₹5,000 प्रतिमाह तक की राशि पर आयकर छूट का लाभ मिल सकता है। वहीं 1.6 लीटर (1600 सीसी) से अधिक क्षमता की चार पहिया गाड़ी होने पर यह सीमा ₹7,000 प्रतिमाह तक है।
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दोपहिया वाहन रखने वाले कर्मचारियों के लिए यह छूट ₹3,000 प्रतिमाह तक उपलब्ध है। अर्थात नियमानुसार स्वीकृत यह राशि कर्मचारी की कर योग्य आय से घटा दी जाती है, जिससे आयकर का बोझ कम हो जाता है। इसीलिए इस मद में कर्मी अधिकतम 10% तक के अंदर मूल वेतन का कम से कम उतना प्रतिशत चुने, जितना की नियमानुसार उनके द्वारा बीएसपी में पंजीकृत करवाए गए वाहन पर उनको मिलने वाली छूट की रकम के बराबर हो।
मील वाउचर का चयन सोच-समझकर करें
नए टैक्स रीजिम में मील वाउचर भी एक महत्वपूर्ण विकल्प है। इस मद में कर्मचारी मूल वेतन का अधिकतम 10 प्रतिशत तक राशि चुन सकते हैं, लेकिन इसकी अधिकतम सीमा ₹10,000 प्रतिमाह है। वर्तमान नियमों के अनुसार एक कर्मचारी प्रतिदिन ₹400 तक का मील वाउचर प्राप्त कर सकता है। 25 कार्य दिवस के अनुसार ₹10,000 तक का लाभ मिल सकता है।
यह राशि नकद वेतन के रूप में नहीं मिलती, बल्कि सोडेक्सो कार्ड अथवा कूपन के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। इसलिए उतनी ही राशि का चयन करें, जितनी की वास्तविक उपयोग आप सोडेक्सो कूपन अथवा कार्ड में मिली रकम खर्चों में कर सकें। अब यह राशि पहले की तरह तीन माह में एक बार नहीं, बल्कि प्रत्येक माह कार्ड में उपलब्ध कराई जाएगी।
दिव्यांग कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान
दिव्यांग कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। ऐसे कर्मचारी व्हीकल अथवा कन्वेंस अलाउंस का चयन कर सकते हैं। वर्तमान प्रावधानों के अनुसार गैर-मेट्रो शहरों में ₹8,000 प्रतिमाह तथा मेट्रो शहरों में ₹15,000 प्रतिमाह तक की राशि को आयकर छूट के दायरे में रखा जा सकता है। पात्र कर्मचारी इस सुविधा का लाभ अवश्य लें।
ज्ञात हो कि दिव्यांग कर्मचारी को व्हीकल अथवा कन्वेंस अलाउंस के तहत यह छूट मिलती है वहीं सामान्य कर्मियों को रिपेयर अथवा मेंटिनेस एलाउंस मिलता है ।
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हर पर्क्स पर नहीं मिलती आयकर छूट
ध्यान देने योग्य बात यह है कि पर्क्स के अन्य कई मदों में भी राशि का चयन किया जा सकता है, लेकिन उन सभी पर आयकर छूट उपलब्ध नहीं होती। इसलिए केवल प्रतिशत पूरा करने के लिए किसी भी मद का चयन करने के बजाय पहले जिस मद में वास्तविक आवश्यकता हो और जहाँ कर लाभ उपलब्ध हो, उसे प्राथमिकता देना अधिक लाभदायक रहेगा। उसके बाद बचे हुए प्रतिशत को आप अपनी इच्छा के अनुसार भर सकते हैं।
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अंतिम चयन से पहले जानकारी अवश्य लें
महासचिव टी. जोगा राव ने कहा-इन जानकारियों को सीटू ने भिलाई इस्पात संयंत्र के वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा इस विषय की जानकारी रखने वाले साथियों से चर्चा के आधार पर संकलित किया है। फिर भी प्रत्येक कर्मचारी से आग्रह है कि पर्क्स का अंतिम चयन करने से पहले अपने विभाग के कार्मिक अधिकारी, वित्त विभाग अथवा इस विषय के जानकार अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आवश्यक सलाह अवश्य लें। सही जानकारी के आधार पर किया गया पर्क्स चयन न केवल भविष्य में होने वाली परेशानियों से बचाएगा, बल्कि आयकर में अधिकतम वैधानिक छूट प्राप्त करने में भी सहायक होगा। इसलिए पर्क्स का चयन पूरी समझदारी, आवश्यकता और नियमों को ध्यान में रखकर ही करें।

