स्वतंत्रता दिवस पर उत्कृष्ट कार्य के लिए दिए जाने वाले प्रशस्ति पत्र के चयन में भी बायोमेट्रिक उपस्थिति को आधार बनाया जाएगा।
- जनप्रतिनिधियों को भी मिलेगी सरकारी ई-मेल आईडी।
- ग्राम पंचायत सचिवों और पटवारियों के लिए भी बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू।
- जिला अस्पताल सहित स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की रोस्टर ड्यूटी ई-ऑफिस के माध्यम से होगी।
सूचनाजी न्यूज, दुर्ग। दुर्ग जिले में अब सरकारी कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर सख्ती बढ़ने जा रही है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो अधिकारी और कर्मचारी प्रतिदिन 7 घंटे की निर्धारित कार्य अवधि पूरी नहीं करेंगे, उन्हें नोटिस जारी किया जाए। साथ ही स्वतंत्रता दिवस पर उत्कृष्ट कार्य के लिए दिए जाने वाले प्रशस्ति पत्र के चयन में भी बायोमेट्रिक उपस्थिति को आधार बनाया जाएगा।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी लिया गया कि अब जनप्रतिनिधियों को भी शासकीय ई-मेल आईडी उपलब्ध कराई जाएगी। नगर निगमों के महापौर, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, ग्राम पंचायतों के सरपंच-सचिव तथा पार्षदों को सरकारी ई-मेल आईडी देकर शासकीय फाइलों का डिजिटल माध्यम से संचालन किया जाएगा। इससे सरकारी कामकाज में तेजी और पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत सचिवों और पटवारियों के लिए भी बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। वहीं जिला अस्पताल सहित स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की रोस्टर ड्यूटी ई-ऑफिस के माध्यम से जारी करने को कहा गया।
बैठक में आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 1300 नए आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
बरसात के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखने, जलजनित बीमारियों की रोकथाम, नियमित फॉगिंग और मच्छर नियंत्रण अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विभागों के लंबित बिजली बिलों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने और विभागवार बजट की जानकारी तैयार करने को कहा।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, जनदर्शन और पीजीएन पोर्टल पर लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि कोई आवेदन संबंधित विभाग का नहीं है तो इसका स्पष्ट उल्लेख किया जाए, ताकि आवेदक सही विभाग में दोबारा आवेदन कर सके। जनदर्शन में दो महीने से लंबित 96 आवेदनों का तत्काल निराकरण करने के भी निर्देश दिए गए।
इसके अलावा पट्टाधारी सर्वे, स्कूलों में बायोमेट्रिक अपडेट, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की भर्ती, खाद की उपलब्धता, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की भर्ती प्रक्रिया, नामांतरण-बंटवारा प्रकरणों और विधानसभा प्रश्नों के समयबद्ध जवाब सहित विभिन्न प्रशासनिक विषयों की भी समीक्षा की गई।

