उत्पादन क्षमता 4.65 एमटी प्रति वर्ष से बढ़कर 7.25 मिलियन टन प्रति वर्ष तथा हॉट मेटल उत्पादन क्षमता 7.55 एमटी प्रति वर्ष होगा।
- बोकारो: नई दिशाएँ -बोकारो स्टील प्लांट के ब्राउनफील्ड विस्तार से विकास के नए युग की ओर अग्रसर बोकारो।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) देश के अग्रणी एकीकृत इस्पात संयंत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। पिछले पाँच दशकों से भारत सरकार के स्वामित्व वाली महारत्न कंपनी सेल (SAIL) का यह प्रतिष्ठित संयंत्र न केवल देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास का एक सशक्त आधार रहा है, बल्कि राष्ट्र की सामरिक शक्ति को भी मजबूती प्रदान करता रहा है। बोकारो में निर्मित उच्च गुणवत्ता का विशेष इस्पात भारतीय अवसंरचना, ऊर्जा, रेलवे और ऑटोमोबाइल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के साथ-साथ भारतीय नौसेना के युद्धपोतों के निर्माण में भी उपयोग किया जाता है। इस प्रकार बीएसएल केवल इस्पात का उत्पादन नहीं करता, बल्कि राष्ट्र की प्रगति और सुरक्षा—दोनों को समान रूप से सुदृढ़ करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बोकारो एवं आसपास के क्षेत्रों की सामाजिक-आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार रहे इस संयंत्र के लिए अब एक और ऐतिहासिक अवसर सामने है। सेल के विजन-2030 के अंतर्गत प्रस्तावित ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजना बोकारो स्टील प्लांट को नई उत्पादन क्षमता, अत्याधुनिक तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता से सुसज्जित करते हुए विकास के एक नए अध्याय की ओर अग्रसर करेगी।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत संयंत्र की कच्चे इस्पात उत्पादन क्षमता को वर्तमान 4.65 मिलियन टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 7.25 मिलियन टन प्रति वर्ष तथा हॉट मेटल उत्पादन क्षमता को 7.55 मिलियन टन प्रति वर्ष तक विकसित किया जाएगा। परियोजना की प्रत्यक्ष पूंजीगत लागत लगभग ₹15,000 करोड़ है।
ब्राउनफील्ड विस्तार की विशेषता यह है कि इसे संयंत्र की उपलब्ध भूमि एवं मौजूदा आधारभूत संरचना का अधिकतम उपयोग करते हुए विकसित किया जाएगा। इससे अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता न्यूनतम रहेगी तथा संसाधनों का प्रभावी एवं संतुलित उपयोग सुनिश्चित होगा।
परियोजना के अंतर्गत 4500 घनमीटर क्षमता वाली नई ब्लास्ट फर्नेस, आधुनिक स्टील मेल्ट शॉप, अत्याधुनिक थिन स्लैब कास्टिंग एवं डायरेक्ट रोलिंग (TSCDR) संयंत्र, नई एयर सेपरेशन यूनिट, उन्नत रॉ मटेरियल हैंडलिंग प्रणाली, ऊर्जा पुनर्प्राप्ति प्रणाली तथा इंडस्ट्री 4.0 आधारित डिजिटल ऑटोमेशन एवं डिजिटल ट्विन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को स्थापित किया जाएगा। इन सुविधाओं के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले फ्लैट स्टील, हाई स्ट्रेंथ स्टील तथा ऑटोमोबाइल ग्रेड इस्पात का उत्पादन संभव होगा, जिससे घरेलू एवं वैश्विक बाजारों में बोकारो स्टील प्लांट की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और सुदृढ़ होगी।
पर्यावरणीय संरक्षण एवं सतत विकास इस परियोजना की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। परियोजना के अंतर्गत कार्बन उत्सर्जन की तीव्रता में कमी, ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्रणाली, ऊर्जा दक्ष तकनीकों का उपयोग तथा व्यापक हरित क्षेत्र (ग्रीन बेल्ट) के विकास की परिकल्पना की गई है। यह पहल आधुनिक औद्योगिक विकास एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के संतुलित समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करेगी।
इस विस्तार परियोजना से निर्माण, इंजीनियरिंग, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, उपकरण आपूर्ति, लघु एवं मध्यम उद्योगों, सेवा क्षेत्र तथा अन्य सहायक गतिविधियों में व्यापक आर्थिक अवसर सृजित होने की अपेक्षा है। परियोजना के विभिन्न चरणों के दौरान स्थानीय व्यापार, उद्यमिता तथा कौशल विकास को भी नई अपूर्व गति मिलने की तीव्र संभावना है।
भारत में आधारभूत संरचना, रेलवे, रक्षा, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा एवं विनिर्माण क्षेत्रों में इस्पात की बढ़ती मांग को देखते हुए यह विस्तार परियोजना राष्ट्रीय औद्योगिक विकास, मेक इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
बोकारो स्टील प्लांट का मानना है कि किसी भी बड़े औद्योगिक निवेश की सफलता केवल तकनीकी उत्कृष्टता पर नहीं, बल्कि समाज के सकारात्मक सहयोग, संवाद और विश्वास पर भी आधारित होती है। बोकारो की औद्योगिक विरासत, अनुशासन, सामाजिक समरसता एवं विकासोन्मुख सोच ने सदैव इसे देश के अग्रणी औद्योगिक नगरों में स्थान दिलाया है। ऐसे में यह विस्तार परियोजना केवल उत्पादन क्षमता में वृद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के समग्र विकास, रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नयन तथा भावी पीढ़ियों के लिए नई संभावनाओं का आधार बनने जा रही है।
बोकारो स्टील प्लांट सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, उद्योग जगत, व्यापारिक समुदाय एवं सामाजिक संगठनों से अपेक्षा करता है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर को क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के परिप्रेक्ष्य में देखें तथा सकारात्मक सहभागिता के माध्यम से बोकारो को औद्योगिक प्रगति की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में अपना रचनात्मक योगदान दें। यह विस्तार केवल बोकारो स्टील प्लांट का विस्तार नहीं, बल्कि पुरे क्षेत्र एवं प्रदेश की नई दिशा, नए विश्वास और नए भविष्य की आधारशिला है।

