टाउनशिप के जर्जर आवासों में रह रहे कर्मियों के लिए अन्य सुरक्षित आवास एलाटमेंट कराने के लिए हेल्प डेस्क स्थापित करने की मांग की।
- किसी प्रकार के टकराव का विषय नहीं, बल्कि कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मानवीय मुद्दा है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सीटू के पदाधिकारियों ने कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) का ध्यान टाउनशिप की तरफ कराया है। महाप्रबंधक (औद्योगिक संबंध विभाग) के द्वारा पत्र प्रेषित किया है। टाउनशिप के जर्जर आवासों में रह रहे कर्मियों के लिए अन्य सुरक्षित आवास एलाटमेंट कराने के लिए हेल्प डेस्क स्थापित करने की मांग की।
भिलाई इस्पात संयंत्र की टाउनशिप में बारिश शुरू होते ही जर्जर आवासों की वास्तविक स्थिति सामने आने लगी है। अनेक क्वार्टरों की छतों से लगातार पानी टपक रहा है, भारी सीपेज हो रहा है तथा कई स्थानों पर छत का प्लास्टर और छज्जे गिरने की घटनाएँ सामने आ रही हैं। कई कर्मचारी अपने परिवार और छोटे बच्चों के साथ भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं। यह केवल आवासों की खराब स्थिति का मामला नहीं, बल्कि कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा गंभीर प्रश्न है।
रिक्त आवास मौजूद, फिर भी कर्मचारियों को राहत क्यों नहीं
हिन्दुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन (सीटू) के महासचिव टी. जोगा राव ने कहा कि वर्तमान में रिटेंशन स्कीम बंद है और लाइसेंस पद्धति के अंतर्गत भी आवासों का आवंटन नहीं किया जा रहा है। दूसरी ओर प्रत्येक माह बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं अधिकारी सेवानिवृत्त होकर अपने आवास प्रबंधन को वापस सौंप रहे हैं। इससे पर्याप्त संख्या में क्वार्टर रिक्त हो रहे हैं, लेकिन जरूरतमंद कर्मचारियों को उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति दर्शाती है कि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग नहीं हो रहा है और कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं के समाधान के प्रति अपेक्षित संवेदनशीलता दिखाई नहीं दे रही है।
प्रबंधन को सुरक्षा के प्रश्न पर तुरंत निर्णय लेना होगा
सीटू का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो कोई भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन पर होगी। कर्मचारियों को ऐसे आवासों में रहने के लिए विवश नहीं किया जा सकता जहाँ कभी भी छत या छज्जा गिरने का खतरा बना रहे। संयंत्र प्रबंधन की पहली जिम्मेदारी अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित करना है। केवल मरम्मत के आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
समस्या का समाधान संभव, केवल इच्छाशक्ति की जरूरत
सीटू के सहायक महासचिव जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी ने सुझाव दिया है कि हाउस अलॉटमेंट कार्यालय में तत्काल एक हेल्प डेस्क स्थापित किया जाए, जहाँ कर्मचारी अपनी आवास संबंधी समस्याओं का पंजीयन करा सकें और उनका शीघ्र समाधान हो। सेवानिवृत्ति अथवा अन्य कारणों से रिक्त होने वाले आवासों का प्राथमिकता के आधार पर आवंटन किया जाए।
जिन आवासों में पानी का अत्यधिक रिसाव, सिपेज अथवा छत और छज्जे गिरने का खतरा है, वहाँ रहने वाले कर्मचारियों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराए जाएँ। साथ ही रिक्त आवासों के पारदर्शी आवंटन एवं बड़े और सुरक्षित आवासों में स्थानांतरण की स्पष्ट नीति बनाई जाए तथा “सब्जेक्ट टू वेकेशन” के तहत आवंटित आवासों का वेलकम एवं मेंटेनेंस कार्य भी तत्काल प्रारंभ किया जाए।
कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि, प्रबंधन संवेदनशील निर्णय लें
टी. जोगा राव ने कहा कि यह किसी प्रकार का टकराव का विषय नहीं, बल्कि कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मानवीय मुद्दा है। हिन्दुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन (सीटू) प्रबंधन से आग्रह करती है कि बारिश के मौसम की गंभीरता को देखते हुए जर्जर आवासों का विशेष सर्वे कराया जाए, आवश्यक मरम्मत तत्काल कराई जाए तथा जिन आवासों में रहना असुरक्षित हो चुका है वहाँ के कर्मचारियों को बिना विलंब सुरक्षित वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए जाएँ। समय पर लिया गया एक सकारात्मक निर्णय भविष्य की किसी बड़ी दुर्घटना को रोक सकता है और कर्मचारियों में प्रबंधन के प्रति विश्वास भी मजबूत करेगा।

