भिलाई स्टील प्लांट के कार्मिक बोले-यदि ट्रांसफर आदेश जारी हो चुके हैं, तो उनका पालन समान रूप से क्यों नहीं कराया जाता है।
- नगर सेवाएं विभाग की कार्य संस्कृति को लेकर उठ रहे सवाल।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। इस्पात सचिव के निर्देश पर सेल के सभी प्लांट में बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों का ट्रांसफर किया गया। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) प्रबंधन ने नगर सेवा विभाग के 28 अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में कर्मचारियों के अन्य विभागों में स्थानांतरण के आदेश जारी किए थे। इन आदेशों को जारी हुए लगभग दो माह का समय बीत चुका है, लेकिन विभाग के कुछ अधिकारी अब भी अपने पुराने पदों पर जमे हुए हैं। इससे स्थानांतरण आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं, 11 कर्मचारियों को रिलीव करने की शुरुआत हो गई है।
इन कर्मचारियों को यहां के लिए कर रहे रिलीव
वी. संदीप कुमार नायडू: जनरल एस्टैब्लिशमेंट (L&A)
विश्वनाथ देवांगन: C&IT
सुभाष चंद्र महाराणा : L&D
राकेश वर्मा : CED
विजय नारायण प्रसाद : OHP
दाकेश्वर परगनिहा : C&IT
इंदु दुबे: GE
भूपेश कुमार धोटे: GE
सुसान अब्राहम : GE (ऑफिस ऑफ GM I/C, L&A एवं PR)
भगवान : कंस्ट्रक्शन (Construction)
रामाकांत यादव : कंस्ट्रक्शन (Construction)
एजीएम सरोज झा पर सबकी नज़र
ट्रांसफर की मार झेल चुके कार्मिकों की नज़र टाउनशिप के एजीएम सरोज झा पर टिक गई है। सरोज झा का भी ट्रांसफर प्रोजेक्ट में हुआ है। लेकिन, अब तक उन्हें रिलीव नहीं किया गया है। चर्चा है कि विभाग ने बेहतरीन फिल्डिंग सजा दी है, जिसके चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। टाउनशिप के बंगलों में अच्छी पकड़ का फायदा मिल रहा है। कार्मिकों ने कहा-नगर सेवाएं विभाग से दिव्यांग कार्मिकों तक को हटा दिया गया, लेकिन, हट्टे-कट्टे को छोड़ दिया गया है। नगर सेवाएं विभाग में ही 15-20 साल से कार्मिक डटे हैं। इलेक्ट्रिकल, लैंड, इंफोर्समेंट, हॉर्टिकल्चर, सिविल पर सबकी नजर जमी है।
ट्रांसफर ऑर्डर का पालन समान रूप से क्यों नहीं
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिन अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया था, उनमें से कुछ विशेष अधिकारियों को छोड़कर प्रायः सभी कार्यमुक्त (रिलीव) हो अन्य विभागों में कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। साथ ही अन्य विभागों से नगर सेवा विभाग में आए अधिकारियों ने भी कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
विभाग के कर्मचारियों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि यदि स्थानांतरण आदेश जारी हो चुके हैं, तो उनका पालन समान रूप से क्यों नहीं कराया जा रहा।
विभागीय कर्मचारियों के बीच यह भी चर्चा है कि संबंधित अधिकारी स्वयं यह दावा करता है कि उच्च प्रबंधन में अपनी पहुंच के कारण उसे विभाग से रिलीव नहीं किया जाएगा। और कुछ समय में इस आदेश का असर खत्म हो जाएगा और लोग इसे भूल जायेंगे।
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