BSP स्क्रैप चोरी Files 4: टेक्नीकल साक्ष्य क्या है, इस बारे में पुलिस ने राज नहीं खोला है। कानूनी प्रक्रिया में सारी चीजों को गोपनीय रखा।
- जीएम, उनकी पत्नी, बेटे के बैंक एकाउंट समेत अन्य दस्तावेज तक पुलिस ने खंगाले थे।
- 27 मई से लगातार पूछताछ का दौर चलता रहा। 9 जुलाई को आखिरकार गिरफ्तारी हुई।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। BSP स्क्रैप चोरी Files 4: सेल भिलाई स्टील प्लांट से लोहा चोरी मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी है। गुरुवार को पुलिस ने पूछताछ के लिए जीएम को बुलाया और हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी की जानकारी प्रेस रिलीज के माध्यम से दी गई। जीएम हिमांशु भूषण मलिक की गिरफ्तारी की खबर आते ही कई तरह के सवाल उठने लगे?
बीएसपी एसएमएस 3 के कार्मिकों ने कहा-हिमांशु मलिक ने ही साई एसोसिएट के चीफ सुपरवाइजर घनश्याम गुप्ता के बारे में पुलिस को जानकारी दी थी। बकायदा इसका साक्ष्य भी पुलिस को सौंपा था। फिर, क्यों हिमांशु को अरेस्ट किया गया? इस सवाल के जवाब में एएसपी सुखनंदन राठौर का कहना है कि Technical Evidence के आधार पर हिमांशु मलिक को गिरफ्तार किया गया है। इनके साथ ही मनोज कुमार देवांगन की भूमिका सामने आने के बाद विधिवत गिरफ्तारी की गई।
वहीं, चर्चा ये भी है कि पुलिस की गिरफ्त में आए लोहा चोरों ने गवाही में हिमांशु मलिक का नाम ले लिया है। इस आधार पर पुलिस ने अरेस्ट किया। फिलहाल, टेक्नीकल साक्ष्य क्या है, इस बारे में पुलिस ने राज नहीं खोला है। कानूनी प्रक्रिया के तहत बहुत सारी चीजों को गोपनीय भी रखा जा रहा है।
दूसरी ओर, इस प्रक्ररण पर बीएसपी प्रबंधन ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। किसी तरह की कानूनी मदद देने से इन्कार कर दिया है। 26 मई से लोहा चोरी का मामला उजागर होने के बाद से पुलिस लगातार हिमांशु मलिक से पूछताछ कर रही थी। एसएमएस-3 में जिस स्थान से लोहा चोरी हुआ है, उसके ऑपरेटिंग अथॉरिटी हिमांशु मलिक ही हैं। इसलिए पुलिस के रडार पर शुरू से ये थे। पुलिस रात 12 बजे तक थाने में बैठाकर पूछताछ करती रही। जीएम, उनकी पत्नी, बेटे के बैंक एकाउंट समेत अन्य दस्तावेज तक पुलिस ने खंगाले थे। 27 मई से लगातार पूछताछ का दौर चलता रहा। 9 जुलाई को आखिरकार गिरफ्तारी हुई।
4 जुलाई को ही सस्पेंड
गिरफ्तारी से पहले ही भिलाई स्टील प्लांट-बीएसपी प्रबंधन ने जीएम हिमांश मलिक के साथ स्क्रैप बे इंचार्ज असिस्टेंट मैनेजर धनंजय वर्मा, स्टोर कीपर कर्मचारी मनोज कुमार देवांगन को 4 जुलाई को ही सस्पेंड कर दिया था। जबकि पुलिस ने 9 जुलाई को अरेस्ट किया। इस पूरे मामले में जीएम की क्या भूमिका है, पुलिस ही बता सकती है। कौन-कौन से टेक्नीकल साक्ष्य मिले, यह भी राज ही बना हुआ है। बीएसपी प्रबंधन का कहना है कि जांच प्रक्रिया किसी तरह से प्रभावित न होने पाए, इसलिए अधिकारी और कर्मचारी को सस्पेंड किया था,ताकि प्लांट न आ सकें। निष्पक्ष जांच हो रही है। दोषी बचेगा नहीं, बेगुनाह फंसेगा नहीं…?
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अब तक 15 गिरफ्तारी हो चुकी
दुर्ग पुलिस का कहना है कि भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से फ्लू डस्ट के परिवहन की आड़ में संगठित तरीके से लौह स्क्रैप चोरी करने के मामले में अब तक कुल 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले की विवेचना जारी है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
26 मई को पुलिस ने किया था चोरी का माल जब्त
दुर्ग पुलिस के अनुसार, 26 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिलने पर ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स, प्लॉट नंबर-18, एचआईए हथखोज, भिलाई में छापेमारी की गई। मौके पर हाईवा, ट्रकों और अन्य वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री भरी मिली। परिसर में बड़ी मात्रा में लौह स्क्रैप अलग-अलग ढेरों में भी रखा हुआ था।
जांच के दौरान लगभग 250 टन लौह प्लेट, बीम कटिंग और अन्य लौह सामग्री जब्त की गई। इसके अलावा स्क्रैप परिवहन में इस्तेमाल होने वाले हाईवा, ट्रक, जेसीबी, हाईड्रा और अन्य मशीनरी भी जब्त की गई थी।

