श्रद्धालुओं ने महाप्रभु के नवयौवन रूप का किया दर्शन।
सूचनाजी न्यूज़, भिलाई। श्री जगन्नाथ मंदिर सेक्टर-4 में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की 57वीं रथयात्रा महोत्सव 2026 मनाने जा रही है। इसी क्रम में आज, 14 जुलाई 2026 को, महाप्रभु का नेत्र उत्सव कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया।
परम्परागत पूजा और नवयौवन दर्शन
नेत्र उत्सव का आयोजन परम्परा अनुसार किया गया। देव स्नान पूर्णिमा के पश्चात् लंबी बीमारी के बाद आज महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी के मंदिर के पट खोले गये। उत्कल समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व श्री परितोष पाणिग्रही द्वारा परम्परागत पूजा अर्चना और हवन-पूजन सम्पन्न किया गया। पुरोहित श्री पितवास पाढ़ी ने संपूर्ण विधि विधान से महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी को रत्न सिंहासन पर आरुढ़ किया। पूजा अर्चना के पश्चात् मंगलध्वनि व घंटावादन के साथ श्रद्धालुओं ने प्रभु का प्रथम दर्शन किया। नेत्र उत्सव के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने महाप्रभु के नवयौवन रूप का दर्शन किया। आज रथ पर ध्वज भी स्थापित किया गया।
सफल आयोजन के लिए योगदान
इस उत्सव को सफल बनाने में जगन्नाथ समिति के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सतपथी व महासचिव सत्यवान नायक सहित समिति के पदाधिकारी सर्वश्री अनाम नाहक,भीम स्वांई, बीसी बिस्वाल, बसंत प्रधान, डी त्रिनाथ, वृंदावन स्वांई, निरंजन महाराणा, सुशान्त सतपथी, प्रकाश स्वांई, कवि बिस्वाल,कैलाश पात्रो, कालू बेहरा, रंजन महापात्र, जगन्नाथ पटनायक, बीस केशन साहू, सीमांचल बेहेरा, एस दलाई, वी के होता, रवि महाकुड़,हिमांशु शांती, सुदर्शन शांती ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।
रथयात्रा हेतु तैयारी और विशेष अनुरोध
महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा दिनांक 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को दोपहर 1-00 बजे सेक्टर-4, सड़क-15 में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर सेंट्रल ऐवेन्यु होते हुये सेक्टर-10 में निर्मित भव्य गुंण्डिचा मंडप में पंहुचेगी। मुख्य अतिथि के रुप में भिलाई इस्पात संयंत्र के डायरेक्टर इंचार्ज श्री चितरंजन महापात्र जी के करकमलों से छेरा पंहरा का धार्मिक अनुष्ठान संपंन्न किया जायेगा। यह परम्परा पुरी के महाराज सम्पन्न करते है।
दोपहर 2:30 बजे मंदिर से रथ होगा रवाना
सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे इस पवित्र व महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उपस्थित होकर महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी का पुण्य दर्शन प्राप्त करें। रथयात्रा पंहडी विजय कार्यक्रम दोपहर 1:00 बजे प्रारंभ कर दिया जाएगा और 2:30 बजे मंदिर से रथ प्रस्थान होगा।

