एनडीएमए से बिग्रेडियर रविन्दर गुरूंग के नेतृत्व में अधिकारियों के दल ने भिलाई स्टील प्लांट के एसएमएस 3 का किया स्थल निरीक्षण।
- बीएसपी प्रबंधन एवं जिला प्रशासन के मॉकड्रिल में संलग्न विभागीय अधिकारियों की ब्रीफिंग लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। दुर्ग जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने और नागरिकों को आपदा की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 20 अगस्त 2026 गुरुवार को बाढ़ के कारण उत्पन्न रासायनिक दुर्घटना की स्थिति पर मॉकड्रिल आयोजित की गई है। यह मॉकड्रिल सुबह 10 बजे भिलाई इस्पात संयंत्र, भिलाई में आयोजित होगी।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभ्यास के माध्यम से बाढ़ एवं उससे उत्पन्न रासायनिक दुर्घटना जैसी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की तैयारियों, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया जाएगा।
बुधवार, 19 अगस्त को एनडीएमए से ब्रिगेडियर रविन्दर गुरूंग वरिष्ठ सलाहकार भारत सरकार गृह मंत्रालय, गजेन्द्र पाठक असिस्टेंट सीआईएफएस, जीवन कुमार वरष्ठि सलाहकार बिहार सरकार, जितेन्द्र सोलंकी एवं एस जीत सलाहकार-2 और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने मॉक अभ्यास स्थल बीएसपी एसएमएस-3 लीड गैस होल्डर का अवलोकन किया।
उन्होंने बीएसपी प्रबंधन एवं जिला प्रशासन के मॉकड्रिल में संलग्न विभागीय अधिकारियों की ब्रीफिंग लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। भ्रमण के दौरान प्रशिक्षण एवं अभ्यास तैयारियों की समीक्षा की गई। इस दौरान बाढ़ एवं रासायनिक दुर्घटना क्षेत्रों एवं संवदेनशील स्थलों की पहचान, प्रशिक्षण हेतु चयनित प्रतिभागियों एवं संबंधित विभागों की तैयारी, इन्सीडेंट कमाण्ड पोस्ट की स्थापना एवं संचालन की तैयारी, मेडिकल कोच एवं एम्बुलेंस की उपलब्धता, बचाव एवं राहत उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता, एसडीआरएफ/एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, नगरीय निकाय, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के मध्य समन्वय, रेस्क्यू राहत एवं सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वास कार्य की योजना, संचार व्यवस्था एवं आपातकालीन संपर्क प्रणाली, मॉक एक्सरसाइज के दौरान इंसीडेंट परिदृश्यों एवं रिस्पांस प्लान तथा जिला स्तरीय अधिकारियों एवं फील्ड रिस्पांस की भूमिका की समीक्षा की गई।
इसके अलावा मॉकड्रिल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था एवं लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया गया। साथ ही बाढ़ एवं रासायनिक दुर्घटना की आपात स्थिति में जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों की तत्काल समन्वित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत बनाने व मॉक एक्सरसाइज को सफलतापूर्वक आयोजित करने हेतु आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। इस दौरान बीएसपी और जिला प्रशासन के विभिन्न संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।








