संयुक्त यूनियन इंटक, सीटू, एटक, यूटीयूसी का प्रदर्शन। प्रबंधन के सामने पूजा बोनस को लेकर भी ज़ोरदार मांगें उठाई गई।
सूचनाजी न्यूज, दुर्गापुर। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल दुर्गापुर स्टील प्लांट के कर्मचारी भड़क गए हैं। बोनस, बकाया एरियर आदि विषयों को लेकर भयंकर नाराजगी है। स्टील मेल्टिंग शॉप-एसएमएस के आउटसोर्सिंग से नाराज कर्मचारियों ने इंटक के बैनर तले सीजीएम कार्यालय का घेराव कर दिया। काफी देर तक यहां हंगामा चलता रहा। जैसे-तैसे मामले को शांत किया।
दूसरी तरफ संयुक्त यूनियन इंटक, सीटू, एटक, यूटीयूसी के नेताओं ने प्लांट की खराब सड़क, हॉस्पिटल आदि विषयों को लेकर ईडी वर्क्स के पास पहुंच गए। यहां भी जमकर हंगामा किया गया। गुस्से से तिलमिलाए यूनियन लीडर सड़क और सेफ्टी के विषय पर ईडी वर्क्स को खूब खरी-खोटी सुनाया। ईडी वर्क्स को पत्र दिए थे। इसको लेकर ईडी वर्क्स ने मीटिंग के लिए बुलाया था। नेताओं ने कहा-पिछले 8 माह से एक्सरे मशीन की मांग की जा रही है। अभी तक मशीन नहीं आई है। टाउनशिप के हालात बदतर हो गए हैं। प्लांट की सड़क जानलेवा हो गई है।
एकजुट आंदोलन के जरिए पेंडिंग मुद्दों और नए वेज बोर्ड को जल्द लागू करने पर भी यूनियन ने अपना नजरिया साफ कर दिया है। बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। यूनियन नेताओं ने मौजूदा हालात और वर्कर्स की अलग-अलग समस्याओं पर डिटेल से चर्चा की। खास तौर पर दुर्गापुर स्टील प्लांट की टाउनशिप, हॉस्पिटल और दूसरी प्रॉपर्टीज़ और इंफ्रास्ट्रक्चर के सही मेंटेनेंस और मैन पॉवर की कमी पर चिंता जताई गई।
यूनियन नेताओं ने कहा-मज़दूरों के हित में भविष्य में एक और ज़्यादा ऑर्गनाइज़्ड और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सभी मज़दूरों और कर्मचारियों को एकजुट करके जायज़ मांगों के लिए आंदोलन को सिर्फ़ एक डिपार्टमेंट तक सीमित न रखकर पूरे प्लांट में करने की अपील की।
जल्द ही ED HR कार्यालय का घेराव किया जाएगा। प्रबंधन के सामने पूजा बोनस को लेकर भी ज़ोरदार मांगें उठाई गईं। दुर्गापुर स्टील प्लांट की फाइनेंशियल सफलता और मुनाफे को देखते हुए, मज़दूरों को सम्मानजनक पूजा बोनस देने की मांग की गई। साथ ही, यह मांग की गई कि मज़दूरों की सभी पुरानी बकाया मांगें, जो लंबे समय से पेंडिंग हैं, उन्हें तुरंत निपटाया जाए और 01/0/2027 के समय के लिए नया वेज बोर्ड जल्दी लागू किया जाए। मीटिंग में यह भी साफ संदेश दिया गया कि मज़दूरों को मिलने वाले फाइनेंशियल बेनिफिट्स और सैलरी स्ट्रक्चर को लागू करने में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
