Bokaro Steel Plant: बकाया एरियर और मजदूरों की छंटनी पर एडीएम बिल्डिंग के बाहर हंगामा

रामाश्रय प्रसाद सिंह ने मैनपावर कम करने के मुद्दे पर भी प्रबंधन और सरकार पर निशाना साधा। सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट में लंबित वेतन समझौते, 39 माह के एरियर भुगतान और ठेका मजदूरों की छंटनी सहित विभिन्न मांगों को लेकर बोकारो इस्पात कामगार यूनियन (एटक) ने 19 सितंबर को एडीएम बिल्डिंग के

  • रामाश्रय प्रसाद सिंह ने मैनपावर कम करने के मुद्दे पर भी प्रबंधन और सरकार पर निशाना साधा।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट में लंबित वेतन समझौते, 39 माह के एरियर भुगतान और ठेका मजदूरों की छंटनी सहित विभिन्न मांगों को लेकर बोकारो इस्पात कामगार यूनियन (एटक) ने 19 सितंबर को एडीएम बिल्डिंग के पास प्रदर्शन किया। यूनियन ने प्रबंधन की मजदूर विरोधी नीतियों पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान यूनियन की ओर से लंबित वेतन समझौता तत्काल संपन्न कराने, 39 माह के एरियर का भुगतान करने, ठेका मजदूरों की प्रस्तावित छंटनी पर रोक लगाने, बोकारो स्टील प्लांट में बढ़ती दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और सम्मानजनक बोनस का भुगतान करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यूनियन के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने सेल की वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में बेहतर वित्तीय प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में सेल का शुद्ध मुनाफा 2,148 करोड़ रुपये था, जबकि 2025-26 में यह बढ़कर 3,233 करोड़ रुपये हो गया। उनके अनुसार, इस दौरान सेल ने करीब 8,148 करोड़ रुपये का बैंक कर्ज भी चुकाया है। उन्होंने कहा कि सेल के उत्पादन और बिक्री में भी वृद्धि हुई है। यूनियन का कहना है कि वित्त वर्ष 2025-26 में पिछले वर्ष की तुलना में स्टील की बिक्री में 11.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने में कर्मचारियों और मजदूरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ये खबर भी पढ़ें: ISP Burnpur Union Election: पढ़ें BMS के घोषणा पत्र में क्या है खास, चुनाव रुकवाने सुप्रीम कोर्ट में 21 को सुनवाई, हिमांशु बल बोले… वेतन समझौते और एरियर को लेकर नाराजगी यूनियन महामंत्री ने कहा कि लंबे समय से लंबित वेतन समझौते को लेकर मजदूरों को उम्मीद थी कि उन्हें वेतन फिटमेंट का लाभ मिलेगा और 39 माह के एरियर का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा इंसेंटिव और रिवॉर्ड में बढ़ोतरी तथा चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की भी उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि ठेका मजदूरों को भी मकान भाड़ा भत्ता, रात्रि पाली भत्ता और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं मिलने की अपेक्षा है। 40 प्रतिशत मैनपावर घटाने के मुद्दे पर विरोध रामाश्रय प्रसाद सिंह ने मैनपावर कम करने के मुद्दे पर भी प्रबंधन और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लागत नियंत्रण के नाम पर सेल में मैनपावर कम करने की बात कही जा रही है। यूनियन का आरोप है कि इसका असर बीएसएल के स्थायी कर्मचारियों के साथ-साथ ठेका मजदूरों पर भी पड़ेगा। ये खबर भी पढ़ें: Breaking News: भिलाई स्टील प्लांट में लंच करते-करते अधिकारी ने तोड़ा दम, हर तरफ हड़कंप उन्होंने कहा कि वीआरएस के बाद अन्य योजनाओं के जरिए भी कर्मचारियों की संख्या कम करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। यूनियन ने खराब ग्रेडिंग अथवा अन्य आधार पर स्थायी कर्मचारियों को हटाए जाने की आशंका भी जताई। रामाश्रय प्रसाद सिंह ने मजदूरों से एकजुट होकर आंदोलन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि मजदूर अलग-अलग खेमों में बंटे रहे तो उनके हितों की रक्षा मुश्किल होगी। मजदूरों की एकता और संघर्ष के जरिए ही अपनी मांगों को मजबूती से उठाया जा सकता है। ये खबर भी पढ़ें: Sector 9 Hospital: छंटनी पर आमरण अनशन, हालत बिगड़ी, आधी रात को पुलिस ने कराया मेडिकल चेकअप, BSP IR पर गंभीर आरोप प्रदर्शन में आईडी प्रसाद, राजीव, कालीपत रजक, प्रवेश कुमार, प्राण सिंह, आरएस दे, आरआर दास, राजीव रंजन, बीरेन्द्र, बीके राम, सहदेव, दिलीप सहित यूनियन के अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।