बिल्डिंग ढहने पर BSL मैनेजमेंट का ये बयान, नोटिस, संवाद, विज्ञापन, फिर भी लोग नहीं छोड़ रहे मकान

असुरक्षित आवास खाली कराने नोटिस चिपकाए गए और व्यक्तिगत लीगल नोटिस भी जारी किये गए। बावजूद लोग मकान नहीं छोड़ रहे। सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल बोकारो टाउनशिप में लगातार ढह रहे मकानों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार सुबह सेक्टर 12E के एक ब्लॉक के एक हिस्से के ढहने की घटना सामने आई है। घटना में क

  • असुरक्षित आवास खाली कराने नोटिस चिपकाए गए और व्यक्तिगत लीगल नोटिस भी जारी किये गए। बावजूद लोग मकान नहीं छोड़ रहे।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल बोकारो टाउनशिप में लगातार ढह रहे मकानों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार सुबह सेक्टर 12E के एक ब्लॉक के एक हिस्से के ढहने की घटना सामने आई है। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। इस संदर्भ में सेल बोकारो स्टील प्लांट का आधिकारिक बयान भी सामने आ गया है। बीएसएल प्रबंधन का कहना है कि पहले भी बोकारो इस्पात नगर के सेक्टर 12 एवं 6 के कुछ आवासों में कुछ हिस्सों के अचानक ढहने की घटनाएं सामने आई हैं। आवास धारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बीएसएल प्रबंधन द्वारा एक समग्र सुरक्षा पहल के तहत प्रभावित सभी आवासीय ब्लॉकों एवं क्वार्टरों का चरणबद्ध स्ट्रक्चरल ऑडिट एनबीसीसी के माध्यम से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पटना के विशेषज्ञों से कराया गया था। ये खबर भी पढ़ें: Bokaro Township: सेक्टर 12 में 14 अगस्त को गिरी थी पानी टंकी-सीढ़ी, अब पूरी बिल्डिंग ढही, फंसे लोगों को रेस्क्यू से निकाला बाहर, मारपीट प्रथम चरण में एनआईटी पटना के विशेषज्ञों के व्यापक निरीक्षण के उपरांत कुल 169 आवासीय ब्लॉकों को 'निवास हेतु असुरक्षित' घोषित किया जा चुका है। नगर प्रशासन द्वारा जारी परिपत्र के माध्यम से इन ब्लॉकों में रह रहे आवासधारकों को सुरक्षित क्वार्टरों में स्थानांतरित करने की पहल की जा चुकी है। इन 169 घोषित ब्लॉकों के अलावा भी विभिन्न सेक्टरों में अन्य ऐसे असुरक्षित ब्लॉकों का चरणबद्ध ऑडिट कर चिह्नित किया जा रहा है। यहाँ यह बताना भी आवश्यक है कि ऐसे सभी असुरक्षित घोषित ब्लॉक के आवासधारियों को सुरक्षित आवास में शिफ्ट कराने हेतु बीएसएल प्रबंधन द्वारा पूर्व में कई बार नोटिस दिया गया है। इसके अलावा अख़बारों के माध्यम से भी कई बार इस बाबत सार्वजनिक सूचना दी गई, प्रभावित आवासों में नोटिस चिपकाये गए और व्यक्तिगत लीगल नोटिस भी जारी किये गए, यहाँ तक कि NIT पटना के विशेषज्ञों के साथ प्रभावित समूहों का सीधा जन-संवाद भी करवाया गया ताकि स्थिति की गंभीरता को समझाया जा सके। बीएसएल की इन पहलों के बावजूद आवासधारी इन असुरक्षित आवासों से हटने को मना करते रहे हैं और असुरक्षित आवासों में ही निवास कर रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक और खेद की बात है। आज की घटना ने इस स्थिति की गंभीरता को पुनः स्थापित किया है। ये खबर भी पढ़ें: SAIL BSP: ड्यूटी पर अधिकारी-कर्मचारी में मारपीट, बहा खून, CISF तैनात, समझौते की कोशिश बीएसएल प्रबंधन का पुनः प्रभावित आवास धारकों से आग्रह है कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बीएसएल-नगर प्रशासन के इस संबंध में जारी परिपत्र के अनुसार अपना आवास तुरंत स्थानांतरित करवा लें। यह न केवल व्यापक सामुदायिक सुरक्षा के लिए बल्कि उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक है। प्रभावितों की शिफ्टिंग के लिए बीएसएल सभी संभव सहायता के लिए तत्पर है। एक विशेष सहायता कार्यदल बना कर उन्हें हर आवश्यक मदद उपलब्ध कराई जाएगी। प्रभावित ब्लॉक में तीन क्वार्टर खाली थे जबकि तीन क्वार्टर में लाइसेंसधारी रह रहे थे। इसी ब्लॉक में पहले जुलाई 2026 में सीढ़ी गिरने की घटना हो चुकी थी जिसके बाद नगर प्रशासन द्वारा ब्लॉक को असुरक्षित घोषित करते हुए तीनों लाइसेंस धारकों को सुरक्षित क्षेत्र में वैकल्पिक आवास को चुन वहां शिफ्ट हो जाने की सुविधा दी गई थी। इसका पालन करते हुए तीन में से एक लाइसेंसधारी ने कुछ दिन पहले वैकल्पिक आवास चुन कर ब्लॉक खाली भी कर दिया था, जबकि बाकी दो ने बार- बार नोटिस देने के बावजूद आवास खाली नहीं किया था, हांलांकि इस घटना में किसी को क्षति नहीं हुई है। अत: ऐसे सभी आवासधारियों से आग्रह है कि वे असुरक्षित ब्लॉक को खाली कर वैकल्पिक आवास में शिफ्ट कराने के बीएसएल के प्रयासों में सहयोग करें।