BSP Transfer: सेक्टर-9 हॉस्पिटल के जीएम शाहिद अहमद की एमएम में वापसी, संजय कुमार संभालेंगे कमान
आईआईटी बीएचयू से पढ़ाई करने वाले संजय कुमार पूर्व में सेक्टर 9 हॉस्पिटल में रह चुके हैं।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट में दो जीएम का ट्रांसफर किया गया है। पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र सेक्टर-9 के जीएम मेडिकल एसएम शाहिद अहमद की घर वापसी हो गई है। मैटेरियल मैनेजम
- आईआईटी बीएचयू से पढ़ाई करने वाले संजय कुमार पूर्व में सेक्टर 9 हॉस्पिटल में रह चुके हैं।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट में दो जीएम का ट्रांसफर किया गया है। पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र सेक्टर-9 के जीएम मेडिकल एसएम शाहिद अहमद की घर वापसी हो गई है। मैटेरियल मैनेजमेंट डिपार्टमेंट (एमएम) से साल 1993 में कॅरियर शुरू करने वाले शाहिद को अब दोबारा पुराने विभाग में जिम्मेदारी दी गई है।
शाहिद अहमद के स्थान पर जीएम संजय कुमार को सेक्टर-9 हॉस्पिटल की कमान सौंपी गई है।जीएम इंवायरमेंट मैनेजर संजय कुमार ने आईआईटी बीएचयू से पढ़ाई की है। सिविल इंजीनियर संजय कुमार वर्ष 2002 से 2003 तक सेक्टर-9 हॉस्पिटल में सिविल मेंटेनेंस का कामकाज देख चुके हैं। अब उन्हें अस्पताल की जिम्मेदारी दी गई है। संजय कुमार शनिवार को सेक्टर-9 हॉस्पिटल में कार्यभार ग्रहण करेंगे। संजय कुमार यूनिवर्सल रेल मिल-यूआरएम, टाउनशिप सिविल में भी कार्य कर चुके हैं।
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साल 1993 से 2017 तक एमएमए में थे। करीब 10 माह के लिए बीएसपी के आयरन ओर माइंस राजहरा माइंस गए थे। 2018 में सेक्टर-9 हॉस्पिटल में पोस्टिंग पाने वाले शाहिद अहमद को अब दोबारा मैटेरियल मैनेजमेंट डिपार्टमेंट में जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रांसफर की खबर लगते ही बीएसपी कार्मिक हैरान हो गए। कोविड के समय दिए गए योगदान को लोग याद करने लगे। अस्पताल के हर बेड तक आक्सीजन गैस लाइन और फायर फाइटिंग सिस्टम को संवारने में खास योगदान रहा।
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लंबे समय तक सेक्टर-9 हॉस्पिटल में सेवा देने के बाद मैटेरियल मैनेजमेंट में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें वापस एमएम में लाया गया है। बता दें कि शाहिद अहमद भिलाई स्टील प्लांट ऑफिसर्स एसोसिएशन के पूर्व महासचिव भी रह चुके हैं। ओए में मजबूत पकड़ रखने वाले शाहिद अहमद को पूर्व सीईओ एम. रवि के कार्यकाल में एमएम से राजहरा माइंस ट्रांसफर किया गया था।
करीब 10 माह बाद उन्हें सेक्टर-9 हॉस्पिटल में पोस्टिंग मिली थी। अब दोबारा एमएम में जिम्मेदारी सौंप दी गई है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ईमानदार छवि वाले शाहिद अहमद को मैटेरियल मैनेजमेंट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा रही है। उन्हें जीएम एमएम-वीडीसी की कमान सौंपी जा रही है।
दूसरी ओर टाउनशिप में संजय कुमार इंजीनियरिंग हेड के पद पर रहते हुए सिविल, पीएचई, पीएचडी, रोड और हॉर्टिकल्चर विभागों का कामकाज देखते थे। उनके कार्यकाल के दौरान आवासों में छत से पानी रिसने की समस्या का समाधान किया गया। करीब 11 वर्षों के बाद संशोधित दरों के साथ सिविल रेट कॉन्ट्रैक्ट को दोबारा लागू किया गया। इससे सिविल कार्यों को आसानी से पूरा कराने में मदद मिली। इस दौरान सिविल ठेकेदारों की संख्या भी 4 से बढ़कर 32 हो गई।
संजय कुमार कर्मचारी हितैषी अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं और कर्मचारियों की समस्याओं का हमेशा समाधान करने का प्रयास करते रहे हैं। ट्रैफिक विभाग में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सभी स्टेशनों का जीर्णोद्धार कराया। इसके साथ ही रेलवे ट्रैक के किनारे वॉक-वे की व्यवस्था भी शुरू कराई।
संजय कुमार व्यवस्था के विकास और उसे बेहतर बनाने में विश्वास रखते हैं। उनका मानना है कि किसी भी संस्थान की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने के लिए बेहतर सिस्टम विकसित करना जरूरी है।
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