NJCS कोर ग्रुप मीटिंग: 39 महीने के एरियर पर SAIL प्रबंधन जल्द ले फैसला, पढ़ें संजय साहू ने बीएसपी से क्या मांगा…?

12 नवंबर की NJCS कोर ग्रुप बैठक में सकारात्मक पहल की मांग। इंटक भिलाई ने 650 वर्गफुट तक के आवासों को लाइसेंस पर देने तथा नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम शुरू करने की मांग की।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील इम्पलाइज यूनियन इंटक की कार्यकारिणी की बैठक यूनियन कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में कर्मचारियों के 39 महीने के वेतन एरियर का भुगतान, टाउनशिप के 650 वर्गफुट तक के आवासों को नई नीति बनाकर लाइसेंस पर देने तथा भिलाई इस्पात संयंत्र में नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम शुरू करने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

यूनियन के महासचिव संजय कुमार साहू ने कहा कि सेल कर्मचारियों के 1 जनवरी 2017 से लागू वेतन समझौते के अंतर्गत 39 महीने के एरियर का मुद्दा लंबे समय से लंबित है। यह एरियर कर्मचारियों के मूल वेतन में अंतर से संबंधित है। यदि वेतन समझौता 1 जनवरी 2017 को ही लागू हो जाता, तो कर्मचारियों को उसी तिथि से संशोधित वेतनमान का लाभ मिलता। इसके साथ ही संबंधित सीपीएफ राशि जमा होती और उस पर ब्याज का लाभ भी प्राप्त होता।

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उन्होंने कहा कि वेतन समझौते के दौरान 39 महीने के एरियर के संबंध में लिखित सहमति बनी थी कि इस विषय का निर्णय सब-कमेटी में किया जाएगा। इसके बावजूद कर्मचारियों को अब तक भुगतान का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने सेल प्रबंधन से मांग की कि 12 नवंबर को होने वाली एनजेसीएस कोर ग्रुप की बैठक में इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेकर एरियर भुगतान का रास्ता साफ किया जाए।

महासचिव संजय साहू ने कहा कि वर्ष 2017 से 2026 के बीच सेल ने अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार तथा कर्ज प्रबंधन के क्षेत्र में प्रयास किए हैं। वित्तीय प्रदर्शन और उत्पादन लक्ष्यों में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित लाभ लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सेल के कर्मवीर पूरी मेहनत और प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। ऐसे में कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित आर्थिक हितों पर निर्णय लेना आवश्यक है। एरियर भुगतान से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और उत्पादन एवं उत्पादकता के लक्ष्यों को हासिल करने में सकारात्मक वातावरण बनेगा।

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650 वर्गफुट तक के आवासों को लाइसेंस पर देने नई नीति बनाए प्रबंधन

बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र की टाउनशिप में स्थित 650 वर्गफुट तक के आवासों को नई नीति बनाकर लाइसेंस पर देने की मांग भी उठाई गई। इंटक यूनियन का मानना है कि इससे कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी और टाउनशिप को उजड़ने से बचाने में मदद मिलेगी।

कार्यकारी अध्यक्ष पूरन वर्मा कहा कि रिटेंशन एवं लाइसेंस संबंधी सुविधाएं बंद होने के कारण बीएसपी के आवासों में अवैध कब्जे बढ़ने और अच्छे आवासों के भी खंडहर होने की समस्या सामने आ रही है। लगभग 60 वर्ष पुराने आवासों का उचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रबंधन को व्यावहारिक नीति बनानी चाहिए। इससे आवासों का रखरखाव बेहतर होगा, कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी और संयंत्र को भी राजस्व प्राप्त हो सकेगा।

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नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम जल्द शुरू करने की मांग

अतिरिक्त महासचिव शिव शंकर सिंह ने कहा भिलाई इस्पात संयंत्र में नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम जल्द शुरू करने की मांग की गई। इंटक यूनियन ने कहा कि कर्मचारियों के योगदान को सम्मानित करने और उनकी कार्यक्षमता तथा उत्साह बढ़ाने के लिए इस प्रकार की योजना महत्वपूर्ण है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन एवं सम्मान देने से उत्पादन, गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार को बढ़ावा मिल सकता है।

इंटक यूनियन ने सेल प्रबंधन से मांग की कि कर्मचारियों के एरियर भुगतान, आवासों की लाइसेंस नीति और नॉन-फाइनेंशियल मोटिवेशन स्कीम जैसे मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए। महासचिव संजय साहू ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर समय रहते सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो इंटक यूनियन कर्मचारियों के हित में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

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बैठक में उपस्थित सदस्य

बैठक में पूरन वर्मा, जी.आर. सुमन, गिरिराज देशमुख, विश्वनाथ सिंह साहू, सुरेश, श्याम कुमार, शिव शंकर सिंह, रेशम राठौर, रमन मूर्ति, सी.पी. वर्मा, गुरुदेव साहू, दीनानाथ सिंहसार्वा, विजय विश्वकर्मा, राजकुमार सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।