SAIL Bonus: आंकड़ों से बनता है 1 लाख 36 हजार बोनस, BAKS बोला-हक दीजिए, वरना घसीटेंगे कोर्ट में

सेल के उत्पादन, रिकॉर्ड, बेहतर आँकड़ो की भरमार। फिर भी अवैध बोनस फॉर्मूला बरकरार। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल कर्मचारियों के बोनस को लेकर मांग का सिलसिला तेज हो गया है। हर स्तर पर आवाज उठाई जा रही है। सेल प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए सेल के सभी प्लांट से ये आवाज उठ रही है। बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने सेल के निदेशक कार्मिक को कड़ा पत्र लिखकर एएसपीएलआईएस फॉर्मूला को बदलने की माँग किया है। अपने पत्र में यूनियनों/कार्मिको तथा प्रबंधन के बीच औद्योगिक संबंध खराब होने के लिए प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराय

सेल के उत्पादन, रिकॉर्ड, बेहतर आँकड़ो की भरमार। फिर भी अवैध बोनस फॉर्मूला बरकरार।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल कर्मचारियों के बोनस को लेकर मांग का सिलसिला तेज हो गया है। हर स्तर पर आवाज उठाई जा रही है। सेल प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए सेल के सभी प्लांट से ये आवाज उठ रही है। बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने सेल के निदेशक कार्मिक को कड़ा पत्र लिखकर एएसपीएलआईएस फॉर्मूला को बदलने की माँग किया है। अपने पत्र में यूनियनों/कार्मिको तथा प्रबंधन के बीच औद्योगिक संबंध खराब होने के लिए प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया गया है। ये खबर भी पढ़ें: बोकारो स्टील प्लांट के डायरेक्टर इंचार्ज का इंटरव्यू 22 को, BSP ED राकेश कुमार संग बैठेंगे PSU के ये 12 अधिकारी विगत 7 सालों में उत्पादन, लाभ, टर्नओवर , एबीटा , लेबर प्रोडक्टिविटि मे रिकॉर्ड बनने तथा कर्ज में कमी, मैनपावर कॉस्ट मे कमी होने के बावजुद सेल प्रबंधन द्वारा बोनस सहित सभी मामलों में तानाशाही भरा फैसला लिया जा रहा है। अधिकतर मामलों में यूनियनों को न्यायालय की शरण में जाना पड़ रहा है। इसी के परिपेक्ष्य में यूनियन को पूरे आँकड़े के साथ पत्र लिखना पड़ा है। ये खबर भी पढ़ें: अंबेडकर और बिरसा मुंडा का संग्रहालय बनेगा बोकारो में, एससी-एसटी आरक्षण पर प्रबंधन राजी

यूनियन द्वारा दिए गए आँकड़े उत्पादन का आँकड़ा —

वित्त वर्ष — क्रुड स्टील — सैलेबल स्टील 2024-25 —19.17 — 17.89 2023-24 — 19.24 — 18.43 2022-23 — 18.29 — 17.24 2021-22 — 17.36 — 16.89 2020-21 — 15.21 — 14.60 2019-20 — 16.15 — 15.14 2018-19 —16.26 — 15.06 (आँकड़े मिलियन टन में)

कंपनी द्वारा किया गया व्यापार /कुल बिक्री (आँकड़े करोड़ रुपये में)

2024-25— 102478 2023-24 —104545 2022-23 —103729 2021-22 —102805 2020-21 —68452 2019-20 —61025 2018-19 —66267 ये खबर भी पढ़ें: सेल में एरियर कभी नहीं मिलेगा, बस कोर्ट का सहारा, संगठन में बदलाव, चुनाव में गठबंधन पर BMS अध्यक्ष का ये नज़रिया

एबीटा तथा कर पूर्व लाभ का आँकड़ा (आँकड़े करोड़ रुपये में)

वर्ष — EBITDA — PBT 2024-25—11764 — 3009 2023-24 —12280 — 3688 2022-23 — 9379 — 2637 2021-22 — 22364 — 16039 2020-21 — 13740 — 6879 2019-20 — 11199 — 3171 2018-19 — 10283 — 3368

कंपनी पर कुल कर्ज तथा किया गया ब्याज भुगतान (आँकड़े करोड़ रुपये में)

वर्ष — कर्ज — ब्याज भुगतान 2024-25 — 29811 — 2792 2023-24 — 36315 — 2499 2022-23 — 30773 — 2037 2021-22 — 17284 — 1698 2020-21 — 37677 — 2817 2019-20 —54127 — 3487 2018-19 — 45170 — 3155

इस कारण कारण पीबीटी, एबीटा से 25% नीचे

बीएकेएस का कहना है कि कंपनी पर भारी कर्ज पिछले मॉर्डनाईजेशन के नाम पर लिए गए कर्ज तथा आगे के मॉर्डनाईजेशन के नाम पर प्रत्येक वर्ष किए जा रहे कैपेक्स के कारण है। सेल का एबीटा से भी पैसे को निकालकर कंपनी के कैपेक्स मे प्रत्येक वर्ष 6000 करोड़ रुपया से अधिक लगाया जा रहा है, जिसके कारण पीबीटी , एबीटा का 25% से नीचे है। ये खबर भी पढ़ें: बोनस और एरियर पर हल्ला बोल होगा बोकारो में, क्या आवाज पहुंचेगी दिल्ली तक

अधूरा तथा अवैध वेज रीविजन लागू होने के बाद मैन पावर कॉस्ट

वर्ष— मैनपावर कॉस्ट (आँकड़े करोड़ रुपये में) 2024-25— 11658 2023-24 —11747 2022-23 — 12053 2021-22 — 12846

लेबर प्रोडक्टिविटि का आँकड़ा (आँकड़े टन क्रुड स्टील /मैन/वर्ष में)

2024-25— 615 2023-24 —579 2022-23 —521 2021-22 —461 2020-21 — 396 2019-20 — 400 2018-19 — 389 सेल में गैर कार्यपालक कर्मचारियों की संख्या तथा मिले एएसपीएलआईएस (बोनस) की राशि वर्ष Non Ex कार्मिको की संख्या (31 मार्च तक)- प्रति कर्मचारी बोनस राशि-कुल बोनस राशि-कुल PBT का प्रतिशत 2024—45931— ₹26500— ₹121 करोड़—3.28% 2023 —49196— ₹23000— ₹113 करोड़— 4.28% 2022—51677— ₹28000 +12500 ₹209 करोड़ 1.3% 2021 —54782 —₹21000 —₹115 करोड़ —1.67% 2020 —57971— ₹16500 — ₹95.65 करोड़ —3.01% 2019 —60488— ₹15500— ₹93.75 करोड़ —2.78%

पीआरपी और बोनस पर ये नजरिया

यूनियन का कहना है कि सभी आँकड़े खुद बयाँ कर रहे है कि किस तरह सेल प्रबंधन द्वारा अपने ही गैर कार्यपालक कार्मिकों के साथ भारी भेदभाव किया जा रहा है। जहाँ एक तरफ सेल के चेयरमैन, डायरेक्टर सहित सभी अधिकारी कर पूर्व लाभ (PBT) का 5% हिस्सा बोनस रुपी PRP ले रहे है, जो अधिकारियो के वरिष्ठता के अनुसार तय होती है। दूसरी तरफ सेल के गैर कार्यपालक कर्मचारियों को मनमाने तरिके से, एनजेसीएस संविधान का उल्लंघन कर बोनस रुपी एएसपीएलआईएस फॉर्मुला (जो मैनेजमेंट द्वारा बनाया गया है) के हिसाब से , पिछले चार वर्षो से बोनस जबरदस्ती खाते में भेज दिया जा रहा है। यूनियन ने माँग किया है कि सेल गैर कार्यपालक कर्मियों को प्रोडक्शन रिलेटेड लागू किया जाए। ये खबर भी पढ़ें: दिवाली और छठ की छुट्टी का उठाइए फायदा, रेल यात्रियों को ऑफर, रेलवे देगा किराए पर 20% छूट यूनियन के फॉर्मूला के हिसाब से अगर 30 पैसे प्रति किलो (प्रति टन ₹300 बोनस ) क्रूड स्टील उत्पादन के दर से भी बोनस फॉर्मूला बनाया जाए तो उत्पादन —19.17 मिलियन टन कुल बोनस राशि —575.1 करोड़ गैर कार्यपालक कर्मचारियों की संख्या-42100 अनुमानित बोनस प्रति कर्मचारी— ₹1 लाख 36 हजार रुपया बोनस बनेगा। ये खबर भी पढ़ें: अगस्त क्रांति: बोकारो स्टील प्लांट के कर्मचारी भड़के, बोनस फॉर्मूला, लाइसेंस, लीज और जॉब गारंटी पर SAIL प्रबंधन को चेतावनी

न्यायालय की शरण मे जाना ही एक मात्र उपाय बचा

बीएकेएस भिलाई के महासचिव अभिषेक सिंह का कहना है कि कंपनी प्रबंधन ने अभी जो हालत बना कर रखा है, उससे तय है कि बोनस फॉर्मूला मामला भी कोर्ट की शरण में जाएगा। वर्तमान समय में ऊपर के अधिकारी सभी मामलों को वर्षों से लटका रहे हैं। उसको हल कराने के इच्छुक भी नहीं हैं। अतः न्यायालय की शरण मे जाना ही एक मात्र उपाय बचा है।