SAIL Bonus 2026: NJCS नेता पहुंच रहे दिल्ली, देखना ये है-प्रबंधन की चलेगी या नेताओं की दाल गलेगी
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल कर्मचारियों का बोनस तय करने के लिए 1 अक्टूबर को दिल्ली में बैठक है। एनजेसीएस सदस्य दिल्ली पहुंच रहे हैं। कुछ पहुंच चुके हैं। कुछ नेता रास्ते में हैं। एनजेसीएस यूनियन सदस्य इंटक, सीटू, एटक, एचएमएस, बीएमएस के नेता गुरुवार दिन में प्रबंधन के साथ बैठक करेंगे। बोनस की राशि तय की
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल कर्मचारियों का बोनस तय करने के लिए 1 अक्टूबर को दिल्ली में बैठक है। एनजेसीएस सदस्य दिल्ली पहुंच रहे हैं। कुछ पहुंच चुके हैं। कुछ नेता रास्ते में हैं। एनजेसीएस यूनियन सदस्य इंटक, सीटू, एटक, एचएमएस, बीएमएस के नेता गुरुवार दिन में प्रबंधन के साथ बैठक करेंगे। बोनस की राशि तय की जाएगी। तीन यूनियनों ने जिस फार्मूले पर साइन किया, उसके हिसाब से बोनस लगभग ₹30000 के आसपास मिलना तय है। अब देखना यह है, क्या प्रबंधन यूनियनों के तर्कों को मानेगा, जो लगभग असंभव सा प्रतीत होता है। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण है बहुमत के आधार पर बीएमसी, इंटक और एसएमएस ने इस समझौते पर साइन किया। लेकिन साइन करने के बाद इस पूरे बोनस फार्मूले की सच्चाई गणना करने के बाद बाहर निकाल कर आई 2021 में 40500 बोनस मिला। उसके बाद लगातार यह मांग होती रही की बोनस फार्मूला बनाया जाए और हर स्तर पर इसकी मांग होती रही। 2023 में जनवरी-फरवरी में इस पर व्यापक चर्चा हुई और 23 मार्च 2023 को इंटक, बीएमसी और एसएमएस ने बहुमत के आधार पर इस बोनस फार्मूले पर साइन किया। और वर्ष 2023 24 25 26 और 27 के लिए यानी 5 वर्षों के लिए इसी समझौते पर हस्ताक्षर किए। ये खबर भी पढ़ें: बोकारो स्टील प्लांट की ED HR राजश्री बनर्जी के घर का घेराव, प्रदर्शनकारियों ने लहराया झाड़ू, पुलिस से झड़प, दोपहर 3 बजे निकल सकीं बाहर, पढ़ें अक्टूबर 2024 में 29500 अकाउंट में प्रबंधन ने जबरदस्ती डाल दिया बीएसपी कर्मचारियों का कहना है कि बोनस फार्मूले में साइन करने वाले यूनियनों को जब यह क्लियर हुआ फॉर्मूला फायदे के बजाय नुकसान का सौदा है और उस समझौते को तोड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया गया। सबको उम्मीद थी की बोनस फार्मूला टूट जाएगा और कुछ बढ़कर प्रबंधन भी देने को राजी भी हो गया, लेकिन सेल के एक बड़े अधिकारी ने आकर कहा बोनस फार्मूला में साइन किया हुआ है और उसका उल्लंघन हम नहीं कर सकते हैं। आपकी राशि इतनी बनती है। आप साइन करो मत करो वह आपकी मर्जी है। उसके बाद 29500 उनके अकाउंट में डाल दिया गया। ये खबर भी पढ़ें: Breaking News: DGM समेत 3 BSP अधिकारी सस्पेंड, ED वर्क्स का चला चाबुक, सेफ्टी की धज्जियां उड़ाने पर एक्शन कल 1 अक्टूबर को हैबिटेट सेंटर में बोनस पर प्रेजेंटेशन के पश्चात प्रबंधन बोनस की राशि की घोषणा करेगा और वह राशि भी लगभग लगभग फार्मूले के तहत ही यूनियन के सामने रखेगा। लेकिन इस तरह के समझौते और निर्णय से यूनियनों कि कर्मचारियों के बीच स्थिति अच्छी नहीं है। इसका जीता जागता उदाहरण अभी कुछ ही दिन पूर्व इस्को बर्नपुर में चुनाव हुआ और बीएमसी वहां रिकार्ड मतों से जीती। अगर यूनियने चाहती तो वहां के नेताओं को NJCS भेजती, लेकिन उन्हें किनारे रखा गया। ये खबर भी पढ़ें: बधाई हो…भिलाई स्टील प्लांट के कार्मिकों को मिल रहा गिफ्ट केंद्रीय नेतृत्व ही बोनस मीटिंग में भाग लेने पहुंच रहा तो आखिर क्या है मतलब है इस तरह के यूनिट चुनाव जीतने का कर्मचारी आपस में लड़ते हुए लोकल स्तर पर चुनाव जीतते एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहते हैं। और केंद्रीय नेतृत्व अपनी मन मर्जी करता रहता है। शायद इसी का नतीजा है जो यूनिट लेवल के नेताओं से चर्चा किए बिना चाहे वह वेतन समझौते का MOU चाहे वह बोनस फार्मूला चाहे, वह नाइट अलाउंस के साथ बायोमेट्रिक को जोड़कर किया गया समझौता। ये खबर भी पढ़ें: SAIL News: रेगुलर कर्मियों को 1 माह की सैलरी के बराबर दें बोनस, कुमार अमित का पत्र सीएमडी को कुल मिलाकर कर्मियों में निराशा है, क्योंकि सबके सामने यह स्थितियां लगभग साफ हो चुकी है कि प्रबंधन हर बार एक पैंतरा खेलता है और उसमें कुछ यूनियनों को झांसे में लेकर उम्मीदों पर पानी फेरता है। इसके इतर युवा कर्मी जोश से भरे हैं। सोशल मीडिया में आक्रामक है। लेकिन जमीन पर नदारद हैं। लेकिन कर्मचारी करें तो क्या करें, जिसे 5 साल पहले 40500 बोनस मिला हो और 5 साल बाद कंपनी उससे ज्यादा फायदे में होने के बाद भी 30000 के लगभग बोनस अगर उसके अकाउंट में आए तो मायूसी हाथ लगती है।