SAIL BSL: मेडिकल चेकअप पर गहराया विवाद, Bokaro Steel Plant में हंगामा, प्रोडक्शन को लेकर बड़ी धमकी, देखिए वीडियो
एनजेसीएस सदस्य राजेंद्र सिंह ने कहा-पेट पर मारोगे तो सीने पर खाओगे। ईंट का जवाब पत्थर से मिलेगा। सूचनाजी न्यूज, बोकारो। सेल के बोकारो स्टील प्लांट (SAIL - Bokaro Steel Plant) से एक बड़ी खबर आ रही है। सैकड़ों मजदूर सड़क पर उतरे और प्रबंधन विरोधी जमकर नारेबाजी की। प्रबंधन होश में आओ और गुंडागर्दी नहीं चलेगी…के नारे लगे। ये खबर भी पढ़ें : Lok Sabha Election 2024: NDA के नेता चुने गए Modi, इधर INDIA गठबंधन सरकार बनाने लगा रही दम क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ (हिंद मजदूर सभा) के बैनर तले प्रदर्शन किया गया
- एनजेसीएस सदस्य राजेंद्र सिंह ने कहा-पेट पर मारोगे तो सीने पर खाओगे। ईंट का जवाब पत्थर से मिलेगा।
यूनियन ने कहा-प्लांट का धुआं बंद होगा, संपूर्ण चक्का जाम होगा। प्रबंधन के इस काले कानून के खिलाफ सभी मजदूर एकजुट हैं।[/caption]
एनजेसीएस सदस्य राजेंद्र सिंह ने कहा…
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संघ के महामंत्री सह सदस्य एनजेसीएस राजेंद्र सिंह ने कहा कि सेल बोकारो प्रबंधन नित नए-नए कानून लाकर मजदूरों के हाथों से नौकरी छिनने की साजिश करती रही है। ये खबर भी पढ़ें : World Environment Day 2024: वॉकथॉन के बाद बीएसपी कर्मचारियों-अधिकारियों ने रोपे 400 फलदार पौधे मजदूरों ने अपनी एका से हर बार प्रबंधन के मंसूबों पर पानी फेरने का काम किया है। फिर भी ये बाज नहीं आते हैं। इस मजदूर विरोधी प्रबंधन ने मजदूरों के शोषण के लिए एक और कदम आगे बढ़कर नया काला कानून लाया है मेडिकल चेकअप का। जो मजदूर अपने हक की मांग करेंगे उसे किसी न किसी बहाने अनफिट कर काम से निकलना है। ये खबर भी पढ़ें : Bhilai Steel Plant: पर्यावरण के लिए पीबीएस की मुहिम, जीवन बचाने की राह पर बढ़े कार्मिकप्रबंधन पर साजिश करने का आरोप
यूनियन का कहना है कि सर्वोत्तम उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभाने के बावजूद हर वक्त प्रबंधन ऐसी साजिश में क्यों रहती है कि जो सर्वोत्तम कार्य करते हैं उन्हीं को काम से हटा दिया जाए। 15 -20 वर्षों तक अपने खून पसीने से संयंत्र को सीचने के बावजूद मेडिकल चेकअप के नाम पर जो मजदूरों के पेट पर लात मारने की साजिश हो रही है। ये खबर भी पढ़ें : BSP Director Incharge Trophy Inter Alumni Tennis Ball Cricket Tournament 2024: गनर के साये में अनिर्बान दासगुप्ता के हाथ में बैट और विकेट के पीछे एनके बंछोर, पढ़िए डिटेलक्या कोई अधिकार बीपी-शुगर का मरीज नहीं…
एकदम निंदनीय एवं शर्मनाक है। इस विशाल प्रदर्शन के माध्यम से प्रबंधन के आलाधिकारियों से पूछा कि क्या किसी अधिकारी को शुगर एवं ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं है? अगर है तो वह कैसे ड्यूटी कर रहे हैं? अगर फिटनेस के नाम पर ठेका मजदूरों को काम से हटाया जा रहा है तो अधिकारियों को क्यों नहीं? ऐसी दोगली नीति किसी भी कीमत पर नहीं चलेगी। [caption id="attachment_35680" align="alignnone" width="1024"]
यूनियन ने कहा-प्लांट का धुआं बंद होगा, संपूर्ण चक्का जाम होगा। प्रबंधन के इस काले कानून के खिलाफ सभी मजदूर एकजुट हैं।[/caption]
अगर मेडिकल चेकअप करना है तो बिल्कुल करिये मगर ड्यूटी में रहते हुए और अगर कोई समस्या है तो उनके इलाज की भी व्यवस्था आप ही को करनी है,जैसे अधिकारियों का होता है।
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