Save Sector 9 Hospital: अंदर खिचड़ी पक रही है, बाहर रिनोवेशन का ढोल, टेंडर पेपर हो रहा तैयार

चलता-फिरता अस्पताल भी नहीं चाहिए? निजीकरण की पटरी पर धकेला जा रहा सेक्टर-9। सेक्टर 1 को सजाओ, सेक्टर 9 को ठिकाने लगाओ, क्या यही है नई अस्पताल नीति? कोविड अस्पताल बनाया, फिर ताला लगाया,करोड़ों की व्यवस्था आखिर किसके लिए? सूचनाजी न्यूज, भिलाई। बीएसपी की पूर्व मान्यता प्राप्त यूनियन सीटू का कहना ह

  • चलता-फिरता अस्पताल भी नहीं चाहिए? निजीकरण की पटरी पर धकेला जा रहा सेक्टर-9।
  • सेक्टर 1 को सजाओ, सेक्टर 9 को ठिकाने लगाओ, क्या यही है नई अस्पताल नीति?
  • कोविड अस्पताल बनाया, फिर ताला लगाया,करोड़ों की व्यवस्था आखिर किसके लिए?
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। बीएसपी की पूर्व मान्यता प्राप्त यूनियन सीटू का कहना है कि भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन सेक्टर-9 अस्पताल के संबंध में अंदर खाने बड़ी खिचड़ी पका रहा है। सीटू को जानकारी मिली है कि अस्पताल को निजी हाथों में देने के लिए टेंडर निकालने की तैयारी चल रही है और टेंडर पेपर्स को अंतिम रूप दिया जा रहा है। दूसरी ओर जनता और कर्मचारियों का ध्यान भटकाने के लिए रिनोवेशन और अन्य कार्यों की बयानबाजी की जा रही है। आखिर प्रबंधन जनता को स्पष्ट रूप से क्यों नहीं बताता कि सेक्टर-9 अस्पताल का भविष्य क्या है? सेक्टर 1 को सजाओ, सेक्टर 9 को ठिकाने लगाओ, क्या यही है नई अस्पताल नीति? महासचिव टी. जोगा राव ने कहा-सीटू को यह भी जानकारी मिली है कि सेक्टर-1 अस्पताल और हेल्थ सेंटर का रिनोवेशन कर वहां बीएसपी के डॉक्टरों को बैठाने तथा बीएसपी कर्मियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवारों का इलाज करने की योजना बनाई जा रही है। यदि यह खबर सही है तो सवाल उठता है कि क्या सेक्टर-1 अस्पताल और हेल्थ सेंटर को विकल्प बनाकर धीरे-धीरे सेक्टर-9 अस्पताल को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है? सीटू ने कहा कि कर्मचारियों को इलाज का झुनझुना दिखाकर भिलाई की सबसे महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्था को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें: 5 बार के पार्षद वशिष्ठ नारायण मिश्र पंचतत्व में विलीन, पूर्व सीएम भूपेश बघेल पहुंचे मुक्तिधाम, विधायक संग भाजपा नेताओं ने दिए कंधे, देखें फोटो कोविड अस्पताल बनाया, फिर ताला लगाया,करोड़ों की व्यवस्था आखिर किसके लिए? कोविड काल के बाद भविष्य में महामारी की आशंका जताकर एचआरडी के पीछे स्थित वर्कशॉप को नए-नए उपकरणों के साथ कोविड अस्पताल में बदल दिया गया। उस समय सीटू ने प्रबंधन के इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा था कि सेक्टर-1 अस्पताल को ही कोविड सेंटर के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। लेकिन सीटू की बात को नजरअंदाज कर वर्कशॉप को अस्पताल में बदल दिया गया। विडंबना यह है कि आज तक उस अस्पताल को न तो नियमित रूप से चालू किया गया और न ही उसकी स्थिति की किसी को चिंता है। क्या सार्वजनिक धन से प्रयोगशाला बनाने और फिर उसे भूल जाने की यही प्रबंधन की नीति है? ये खबर भी पढ़ें: लगातार 5 चुनाव जीतने वाले पार्षद वशिष्ठ नारायण मिश्र बीमारी से हार गए, शोक की लहर, पढ़ें BSP से लगाव-सियासी सफर चलता-फिरता अस्पताल भी नहीं चाहिए? निजीकरण की पटरी पर धकेला जा रहा सेक्टर-9 सीटू ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र, सेक्टर-9 अस्पताल को बेहतर प्रबंधन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर और अधिक उत्कृष्ट तरीके से चलाया जा सकता है। इसके बावजूद उच्च प्रबंधन और सरकार की नीतियों के दबाव में अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से कमजोर कर निजी हाथों में देने के लिए परिस्थितियां बनाई जा रही हैं। लगातार रिनोवेशन, सेवाओं में कटौती, विशेषज्ञ सुविधाओं पर संकट और वैकल्पिक अस्पताल की तैयारी-इन सबको अलग-अलग घटनाओं के रूप में नहीं देखा जा सकता। सीटू ने सवाल किया कि कहीं यह पूरी कवायद निजीकरण की अंतिम पटकथा तो नहीं है? ये खबर भी पढ़ें: SAIL Junior Manager Exam 2026 के रिजल्ट में देरी, कुमार अमित ने इस्पात मंत्री, CMD का खटखटाया दरवाजा इलाज के नाम पर झुनझुना नहीं चलेगा, भिलाई को बचाने के लिए संघर्ष तेज होगा सीटू ने चेतावनी दी कि यदि सेक्टर-9 अस्पताल को निजी हाथों में देकर सेक्टर-1 अस्पताल के रिनोवेशन को कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए विकल्प के रूप में पेश किया गया, तो इसका गंभीर खामियाजा आने वाले दिनों में भिलाई की आम जनता को भुगतना पड़ेगा। सेक्टर-9 अस्पताल केवल बीएसपी कर्मचारियों का अस्पताल नहीं, बल्कि भिलाई की महत्वपूर्ण चिकित्सा व्यवस्था का आधार है। ये खबर भी पढ़ें: Breaking News: हाईकोर्ट तक हारा बोकारो स्टील प्लांट, 13 साल बाद इंटक की जीत, कर्मचारियों में बंटेगा 70 से 80 करोड़ तक इसे कमजोर करना और निजीकरण की दिशा में धकेलना भिलाई के इतिहास में एक काले अध्याय की शुरुआत होगी। सीटू ने कर्मचारियों, पेंशनरों, उनके परिवारों और भिलाई की जनता से अपील की है कि एकजुट होकर संघर्ष के अगले दौर को तेज करने और सेक्टर-9 अस्पताल को बचाने के लिए 14 जुलाई को एक बड़ा आंदोलन किया गया था और आने वाले दिनों में और ज्यादा लोगों को एकजुट कर हर हाल में सेक्टर 9 अस्पताल को बचाने के लिए संघर्ष को तेज करेंगे। ये खबर भी पढ़ें: SAIL Bonus 2026 Update: डॉ. संजीवा रेड्डी, बीएन चौबे मिले डायरेक्टर पर्सनल से, होने जा रही NJCS कोर ग्रुप मीटिंग