राष्ट्रीय अध्यक्ष डाक्टर संजीवा रेड्डी ने डायरेक्टर पर्सनल से एनजेसीएस की मीटिंग नहीं बुलाने पर नाराजगी जाहिर की। बोनस फॉर्मूला बदलें।
- सेल के सीएमडी डॉक्टर अशोक कुमार पंडा संसदीय कमेटी की मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए हैदराबाद गए थे। इस वजह से उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल कर्मचारियों के बोनस को लेकर ताज़ा अपडेट है। दुर्गा पूजा से पहले बोनस भुगतान का संकेत दिया जा रहा है। लेकिन, राशि क्या होगी, इसको लेकर विवाद बना हुआ है। नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील इंडस्ट्री-एनजेसीएस की बैठक न होने से मामला बिगड़ता जा रहा है।
इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर. संजीवा रेड्डी और बोकारो इंटक के महासचिव बीएन चौबे ने सेल के डायरेक्टर पर्सनल केके सिंह से मुलाकात की। जल्द से जल्द बोनस मीटिंग बुलाने पर जोर दिया। सेल प्रबंधन की ओर से जानकारी दी गई कि जल्द ही एनजेसीएस कोर ग्रुप की मीटिंग बुला लेते हैं। इस मीटिंग में इंटक, सीटू, एटक, एचएमएस, और बीएमएस से 2 सदस्यों को शामिल किया जाएगा।
एनजेसीएस कोर ग्रुप मीटिंग में सहमति बनने के बाद बोनस मीटिंग बुलाकर एमाउंट फाइनल कर लिया जाएगा। बीएन चौबे के अनुसार सेल के सीएमडी डॉक्टर अशोक कुमार पंडा संसदीय कमेटी की मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए हैदराबाद गए थे। इस वजह से उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।
डायरेक्टर पर्सनल के साथ बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष डाक्टर संजीवा रेड्डी ने एनजेसीएस की मीटिंग नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। कर्मचारियों के मुद्दों को हल करने के बजाय लटकाने की परंपरा पर आक्रोश जाहिर किया गया। काफी देर तक बातचीत के बाद प्रबंधन की ओर से जानकारी दी गई कि एनजेसीएस कोर ग्रुप की मीटिंग जल्द बुलाते हैं। इसके बाद बोनस की राशि के लिए एनजेसीएस नेता प्रबंधन के साथ बैठकर अंतिम मुहर लगाएंगे। संभावना जताई जा रही है कि सितंबर में बैठक होगी। दुर्गा पूजा से पहले बोनस का भुगतान करने की बात कही जा रही है।
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बता दें कि पिछले साल बोनस फॉर्मूला के आधार पर ही 29 हजार 500 रुपए बोनस दिया गया था। जबकि बातचीत के दौरान प्रबंधन 31 हजार रुपए देने को तैयार था। एनजेसीएस लीडर 31 हजार से अधिक रशि की मांग कर रहे थे। इस वजह से बैठक बेनतीजा खत्म होने के बाद प्रबंधन ने 29 हजार 500 रुपए कर्मचारियों के खाते में बोनस की राशि भेज दिया। बोनस फॉर्मूले पर सीटू और एटक ने साइन नहीं किया था। बोनस फॉर्मूला बदलने की भी मांग की जा रही है।
