BAKS पदाधिकारियों की बैठक में CRM-3 की समस्याओं पर बड़ा फैसला, CGM ने तय टाइमलाइन में समाधान का दिया भरोसा।
- मोबाइल से बायोमेट्रिक अटेंडेंस की सुविधा दी जाए तथा पंच मशीनों की संख्या बढ़ाई जाए।
- सीजीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से फोन पर चर्चा की और समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल पहल की।
- अलग इंसेंटिव फॉर्मूला, कैंटीन, रेस्ट रूम, महिला शौचालय और स्पीड ब्रेकर समेत कई मांगों पर बनी सहमति।
सूचनाजी न्यूज, बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) के सीआरएम-3 विभाग की वर्षों पुरानी स्थानीय समस्याओं के समाधान की दिशा में अहम पहल हुई है। बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) के प्रतिनिधियों ने सीआरएम-3 के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) के साथ विस्तृत बैठक कर कर्मचारियों से जुड़े सुरक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत सुविधाओं और कार्यस्थल की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि सीजीएम ने अधिकांश स्थानीय मुद्दों के समाधान पर सहमति जताते हुए तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई का भरोसा दिया।
बैठक के दौरान बीएकेएस ने स्पष्ट कहा कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि हर मुद्दे के समाधान की समय-सीमा तय की जाए। इस पर सीजीएम ने सभी मांगों पर चरणबद्ध कार्रवाई कराने की सहमति दी। कुछ मामलों में उन्होंने बैठक के दौरान ही संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों से फोन पर बात कर तत्काल समाधान की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए।
इन मुद्दों पर सबसे ज्यादा जोर
बीएकेएस ने कहा कि वर्तमान में सीआरएम-3 बोकारो स्टील प्लांट का सबसे युवा और आधुनिक विभाग है, लेकिन यहां कार्यरत कर्मचारियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
यूनियन ने प्रमुख रूप से इन मांगों को रखा
कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए मल्टीपल एलओपी व्यवस्था लागू की जाए।
सीआरएम-3 कर्मचारियों के लिए उत्पादन आधारित अलग इंसेंटिव फॉर्मूला बनाया जाए।
मुख्य गेट के पास स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराया जाए।
एचआरसीसी मैकेनिकल सेक्शन में कंक्रीट रेस्ट रूम बनाया जाए।
मोबाइल से बायोमेट्रिक अटेंडेंस की सुविधा दी जाए तथा पंच मशीनों की संख्या बढ़ाई जाए।
सभी अनुभागों में बेहतर रेस्ट रूम, फर्नीचर, पंखा, एसी, कूलर, बेड, टेबल और कुर्सियों की व्यवस्था की जाए।
कैंटीन में स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उचित दर पर उपलब्ध कराया जाए।
एचआरसीसी कर्मचारियों के लिए वाहन पार्किंग की सुविधा विकसित की जाए।
कर्मचारियों को उच्च गुणवत्ता का ग्रीज किला पाउडर उपलब्ध कराया जाए।
सभी सेक्शनों में शौचालय और मूत्रालय की व्यवस्था तथा क्षतिग्रस्त शौचालयों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
टीसीएम ऑटोमेशन रूम के ऊपर शेड का निर्माण कराया जाए।
महिला संविदा कर्मचारियों के लिए अलग महिला शौचालय बनाया जाए।
पुलपिट में कार्यरत कर्मचारियों को मानक गुणवत्ता की आरामदायक कुर्सियां उपलब्ध कराई जाएं।
कर्मचारियों बीएन मिश्रा और सौम्या राज के एनपीएस संबंधी मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए।
बैठक में तुरंत दिखा असर
बीएकेएस पदाधिकारियों के मुताबिक बैठक के दौरान ही कुछ मांगों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सीजीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से फोन पर चर्चा की और समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल पहल की। इससे कर्मचारियों में सकारात्मक संदेश गया।
‘सुविधा नहीं, सुरक्षा और उत्पादकता का सवाल’
बीएकेएस के विभागीय प्रतिनिधि सह उपमहासचिव मानिक राम मुंडा ने कहा कि ये मांगें केवल कर्मचारियों की सुविधा तक सीमित नहीं हैं। इनका सीधा संबंध कार्यस्थल की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, उत्पादकता और औद्योगिक सौहार्द से है। यदि इन समस्याओं का समयबद्ध समाधान होता है तो कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, कार्यस्थल अधिक सुरक्षित बनेगा और विभाग की उत्पादकता में भी सकारात्मक वृद्धि होगी।

