- संयंत्र के भीतर प्लेट मिल मोड़ पर धूल की समस्या गंभीर बनी हुई है, जिसे शीघ्र हटाया जाना चाहिए।
बायोमेट्रिक व्यवस्था के साथ यातायात सुविधाएं बढ़ाने की मांग, बीएमएस प्रतिनिधिमंडल ने सीजीएम सेफ्टी से की चर्चा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। भिलाई इस्पात मजदूर संघ (बीएमएस) के पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को सीजीएम सेफ्टी सतपति से मुलाकात कर संयंत्र की सुरक्षा एवं यातायात से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान संयंत्र के भीतर सड़कों की स्थिति में सुधार तथा मुख्य गेट पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
बैठक में बीएमएस की ओर से सुझाव दिया गया कि एचआरडीसी के समीप बने बाइक स्टैंड में वाहन खड़ा करने के बाद ठेका श्रमिकों एवं सुपरवाइजरों का पैदल विपरीत दिशा से आवागमन होता है। इससे संयंत्र के भीतर कार्यरत कर्मचारियों एवं बाइक से प्रवेश करने वाले कर्मियों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
इस संभावित जोखिम को कम करने के लिए पैदल आने वाले ठेका श्रमिकों के लिए अलग आउट गेट से प्रवेश की व्यवस्था किए जाने का प्रस्ताव रखा गया।
बीएमएस के उप महासचिव हरिशंकर चतुर्वेदी ने कहा कि संयंत्र के भीतर सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुधार हुए हैं, लेकिन गेट के बाहर की स्थिति लगातार प्रतिकूल होती जा रही है। बायोमेट्रिक सिस्टम लागू होने के बाद कर्मचारियों में जल्दबाजी बढ़ी है, जिससे वाहनों की गति तेज हो रही है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।
उप महासचिव वशिष्ठ वर्मा ने बोरिया गेट की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि वहां फिर से पहले जैसी अव्यवस्था उत्पन्न हो रही है। शुरुआत में पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, लेकिन समय के साथ वे ढीले पड़ते दिख रहे हैं।
वहीं भिलाई इस्पात मजदूर संघ के पूर्व अध्यक्ष आईपी मिश्रा ने कहा कि संयंत्र के भीतर प्लेट मिल मोड़ पर धूल की समस्या गंभीर बनी हुई है, जिसे शीघ्र हटाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीएसपी कर्मचारियों और ठेका कर्मचारियों पर नियम समान रूप से लागू होने चाहिए।
बैठक में प्रमुख रूप से आईपी मिश्रा, शारदा गुप्ता, विनोद उपाध्याय, हरिशंकर चतुर चतुर्वेदी और वशिष्ठ वर्मा उपस्थित रहे।











