BHILAI STEEL PLANT: कर्मचारियों को चाहिए हैप्पीनेस, पेटी ठेकेदारी की परंपरा से खाने की क्वालिटी खराब

BHILAI STEEL PLANT Employees want Happiness But Subcontracting Practices Lead to Poor Food Quality
  • हैप्पीनेस को लेकर मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल) एवं सीटू के बीच हुई मीटिंग।
  • आरामदायक रेस्ट रूम का हो रहा है निर्माण। हैप्पीनेस को लेकर विभिन्न पहलुओं पर बातचीत हुई।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों को हादसे से बचाने और सेहत से हो रहे खिलवाड़ पर लगाम लगाने की आवाज उठी है। कार्यस्थल की समस्याओं को लेकर सीटू नेताओं ने गंभीर सवाल उठाए हैं। एथिकल स्टील के चार महत्वपूर्ण स्तंभ हैं सेफ्टी, हाउसकीपिंग, टेक्नोलॉजिकल डिसिप्लिन एवं हैप्पीनेस। मुख्य महाप्रबंधक पीके सिंह एवं सीटू की टीम के बीच हैप्पीनेस को लेकर विभिन्न पहलुओं पर बातचीत हुई, जिसमें पीके सिंह ने कहा कि संयंत्र में काम कर रहे कर्मियों को संयंत्र के अंदर हैप्पीनेस लाने के लिए टॉयलेट, बाथरूम, रेस्टरूम एवं कैंटीन जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करना बहुत जरूरी है, जिस पर प्रबंधन लगातार कार्य कर रहा है।

एथिकल स्टील के लिए आवश्यक है खुशनुमा माहौल

सीटू के महासचिव टी. जोगा राव के मुताबिक चर्चा के दौरान मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि प्राइमरी जोन में 125 टॉयलेट एवं 67 रेस्टरूम का सर्वे करके काम शुरू किया गया था, जो अब लगभग अंतिम पड़ाव पर है। इसके पश्चात सेकेंडरी जोन अर्थात स्टील एवं मिल एरिया में टॉयलेट एवं रेस्ट रूम के रिनोवेशन का काम शुरू होगा।

मूलभूत सुविधाएं जब कर्मियों को मिलने लगती है तो संयंत्र का माहौल खुशनुमा रहता है जोकि एथिकल स्टील बनाने के लिए बहुत जरूरी है।

आरामदायक रेस्ट रूम का हो रहा है निर्माण

रेस्टरूम रिनोवेशन के तहत आरामदायक गद्दे वाले बेंच का निर्माण किया जा रहा है। अलग-अलग विभागों के जिम्मेदार अपने विभाग के रेस्ट रूम के बेंच को पैटर्न शॉप के पास पहुंचाने से वहां के कर्मचारी एवं कारीगर उन बेंच पर गद्दा कुशन लगाकर दे रहे हैं।

इसके साथ ही कुर्सियों की भी रिपेयर की जा रही है, जहां की बेंच जमीन में कंक्रीट करके स्थापित किए गए हैं उन स्थानों से बेंच उखाड़ने के बजाय उसी स्थिति में वहां कारीगर पहुंचकर नाप लेकर गद्दे कुशन लगाने का कार्य कर रहे हैं। जिन विभागों में यह कार्य हो चुका है, वहां कर्मी बेहतर महसूस कर रहे हैं नक्शे में दर्ज रेस्टरूमों का कार्य पूर्ण हो जाने के बाद आवश्यकता अनुसार विभागों में निर्माण किए गए अन्य रेस्टरूम पर भी उचित निर्णय लिया जाएगा।

कैंटीन व्यवस्था में भी हो रहा है कई परिवर्तन

उच्च स्तर पर निर्णय लिया गया कि संयंत्र के अंदर जितने भी कैंटीन है, उनके किचन का हर 4 महीने के बाद पुताई किया जाएगा। साल में एक बार कैंटीनों की भी पुताई की जाती रहेगी। चर्चा के दौरान सीटू की टीम ने कहा कि कैंटीन के रखरखाव की गुणवत्ता के साथ-साथ भोजन सामग्री की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है, क्योंकि चार-पांच बड़े ठेकेदार मिलकर संयंत्र के सभी कैंटीनो का ठेका उठा लेते हैं।

इसके बाद उसे पेटी ठेका में दूसरों को दे देते हैं। पेटी में उठाया हुआ ठेकेदार अपने नीचे किसी और को पेटी में ठेका दे देता है अर्थात बीएसपी से कैंटीन का ठेका उठाने वाले ठेकेदार कैंटीन को चलाने के लिए दूसरों को किराए पर दे देते हैं, जिस पर रोक लगाना होगा, तभी भोजन पदार्थ के गुणवत्ता में सुधार होगा एवं जवाबदारी तय की जा सकेगी।

टॉयलेट बाथरूम की सफाई पर सीटू ने सवाल उठाते हुए दिया सुझाव

मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि संयंत्र के कई पुराने विभागों के मेन सीवरेज लाइन जो पुराने हो गए हैं और चोक हो गये है उन्हें चिन्हित कर नयी सीवरेज लाइन डालने का काम शुरू किया जा रहा है। जहां सीवरेज लाइन नहीं बदल सकेंगे, वहां सोक पिट का निर्माण किया जाएगा।

सीटू के पदाधिकारियों ने कहा कि टॉयलेट बाथरूम गंदे एवं बदबूदार रहने की शिकायत हर दिन किसी न किसी विभाग से सीटू के पास प्राप्त होती रहती है इसके बारे में शिकायत संबंधित कार्मिक विभाग अथवा कार्मिक अधिकारी से की जाती है। बावजूद इसके स्थिति जस की तस बनी रहती है क्योंकि सफाई के लिए सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से कर्मियों को बुलाना पड़ता है।

उनकी उपलब्धता के अनुसार ही सफाई हो पाता है। इस पर सीटू ने कहा कि सीटू ने बहुत पहले उच्च प्रबंधन के समक्ष लिखित में यह सुझाव पेश किया था कि विभागों के अंदर टॉयलेट बाथरूम की सफाई की जिम्मेदारी भी विभाग में सफाई के लिए होने वाले ठेके के अधीन दे देना चाहिए, ताकि इसकी मॉनिटरिंग विभाग के कार्मिक अधिकारी कर सकें। मुख्य महाप्रबंधक ने इस सुझाव को बेहतर बताते हुए इस पर उच्च स्तर पर बात कर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया।

अन्य विषयों पर भी हुआ मंथन

सीटू के सहायक महासचिव जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी ने बताया कोक ओवन में गैलरी गिरने, सिंटर प्लांट के धूल का मामला, स्टील मेल्टिंग शॉप 2 के केबल ब्लास्ट दुर्घटना सहित विभिन्न विभागों में आवश्यक मेंटेनेंस कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
पीके सिंह ने कहा कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोई भी असुरक्षित स्ट्रक्चर दिखने अथवा असुरक्षित कार्य होता देखे तो उसे संज्ञान में लेकर आए। जिस पर जरूर उचित कदम उठाया जाएगा। संयंत्र के कई विभागों के टॉयलेट में पानी नहीं आने की भी शिकायत की गई।

इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए 24 घंटे के अंदर काम शुरू हो जाने की जानकारी भी प्राप्त हो रही है। ओएचपी एवं फाउंड्री सहित अन्य विभागों में कैंटीन की आवश्यकता पर जोर दिया गया, जिस पर सकारात्मक पहल किए जाने का आश्वासन मिला।

निशुल्क सुलभ शौचालय का सभी करें इस्तेमाल

संयंत्र के अंदर कुछ स्थानों को चिन्हित करके सर्व सुविधा युक्त सुलभ शौचालय बनवाया गया है। किंतु संयंत्र के कर्मी उसका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। प्रबंधन ने बैठक में यह संदेश दिया कि संयंत्र के साथी ज्यादा से ज्यादा इन सर्व सुविधा युक्त सुलभ शौचालय का इस्तेमाल करें।