SAIL में कार्यरत एसटी कर्मचारियों की समस्याओं, Promotion, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य विभागीय मुद्दों पर खासा नाराजगी।
- ST समुदायों के लिए बने संवैधानिक मंच राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष शिकायत के रूप में उठाने जा रहा एसोसिएशन।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes-ST) के संगठन ने एकजुटता की ओर से कदम बढ़ा दिया है। भिलाई स्टील प्लांट के ST एसोसिएशन की “प्रथम वार्षिक आमसभा” (Annual General Body Meeting) का आयोजन इस्पात क्लब सेक्टर 2 भिलाई में हुई। इस बैठक में एसोसिएशन के सदस्यों ने हिस्सा लिया और कर्मचारी हित व संगठन की मजबूती पर चर्चा की।
कार्यक्रम संचालन कार्यकारी अध्यक्ष अजय कुमार के द्वारा की गई। धरतीआबा भगवान बिरसा मुण्डा की तस्वीर पर माल्यार्पण कर तथा नमन कर आदिवासी महापुरूषों एवं वीरांगनाओं को याद किया गया। साथ ही एसोसिएशन के सदस्य कुंभकरण ठाकुर के लिए दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजली अर्पित की।
उपस्थित सेवानिवृत्त सदस्य जीवन लाल ध्रुव को सम्मानित किया गया। साथ ही राउरकेला स्टील प्लांट ST वेलफेयर एसोसिएशन से आये विशेष आमंत्रित सदस्य सागरा मुण्डा (अध्यक्ष), फकीर मोहन एक्का (कोषाध्यक्ष) एवं मानसिंह हेंब्रम, (असिस्टेंट सचिव) सह कोषाध्यक्ष, सेल ST एम्पलाइज फेडरेशन, सेन्ट्रल कमिटी सदस्यों का स्वागत किया गया।राउरकेला इस्पात संयंत्र से विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में आए सागर मुंडा (अध्यक्ष, RSPSTEWA) ने SAIL में कार्यरत एसटी कर्मचारियों की समस्याओं, पदोन्नति (Promotion), स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य विभागीय मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
आमसभा बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष प्रदीप टोप्पो के द्वारा की गई। अध्यक्ष के द्वारा संगठन की स्थापना, उद्देश्य, महत्व, संघर्षों, पिछले वर्षों में किये गये क्रियाकलापों, गतिविधियाँ एवं उपलब्धियाँ, भावी योजनाओं, वर्तमान चुनौतियां की जानकारियाँ विस्तृत रूप मे प्रस्तुत की गई।
89वें संविधान संशोधन 2003 के द्वारा अनुच्छेद 338 में अनुच्छेद 338(A) को जोड़ा गया, जिसके फलस्वरूप अनुसूचित जनजाति समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन हुआ। जोकि 19.02.2004 को स्वतंत्र रूप से प्रभावी अस्तित्व में आया। जोकि सिर्फ STs समुदायों के मुद्दों को देखती है।
इसलिए भारत के किसी भी सरकारी, सार्वजनिक या निजी उपक्रमों के संस्थानों में STs कर्मचारियों के समग्र विकास एवं उनके हितों की रक्षा हेतु एक ऐसे स्वतंत्र संगठन की आवश्यकता को बतलाया गया, जिसमें STs कर्मचारियों के मुद्दों का उचित निराकरण, राष्ट्रीय नीतियों का अनुपालन और वेलफेयर से संबंधित कार्य ही सर्वप्रथम सर्वोपरि हो। जिसमें STs कर्मचारियों को शत प्रतिशत समुचित नेतृत्व का लाभ मिल सके। और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के उद्देश्यों की पूर्त्ति में सहायक भी हो।
पदाधिकारियों ने कहा-ST कर्मचारियों के बहुत सारे ऐसे मुद्दे/माँग हैं जिनपर भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन को उचित माध्यम से पत्राचार कर संज्ञान/माँग के रूप में दिया गया है। परन्तु किसी भी प्रकार का सकारात्मक सहयोग/जवाब अभी तक नहीं प्राप्त हुआ है। इसलिए ST एसोसिएशन अब सारे लंबित मुद्दों को तथ्यों के साथ STs समुदायों के लिए बने संवैधानिक मंच राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष शिकायत के रूप में उठाने जा रही है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के माध्यम से ही अब सभी मुद्दों का समाधान कराया जायेगा। और अब किसी भी प्रकार भी हो रही कर्मचारियों की समस्याओं को सीधा आयोग में ही दर्ज कराया जाएगा।
एसोसिएशन के संगठन सचिव घनश्याम सिंह सिदार के द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष 2025-2026 का वार्षिक आय व्यय का लेखा जोखा प्रस्तुत किया गया एवं आगामी वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए अनुमानित बजट भी प्रस्तुत किया गया।
दो रिक्त पदों पर हुए चुनाव पर मीडिया प्रभारी के रूप में टीकाराम हेम्ब्रम एवं जोनल सचिव में नारद लाल मंडावी निर्विरोध चुने गए। कार्यक्रम के अंत में एसोसिएशन के महासचिव श्याम सुंदर मुर्मू द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया और सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।


