सीटू को बड़ा झटका, बी सान्याल का निधन, मेडिकल कॉलेज को होगा देहदान

Big blow to CITU B Sanyal passes away body will be donated to medical college

बी सान्याल का पार्थिव देह 22 जुलाई की सुबह 11 बजे से अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास 33, प्रभांजलि आरडीए कालोनी, टिकरापारा, रायपुर में रखा जाएगा।

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के बी. सान्याल का निधन हो गया है। सान्याल सीटू की केन्द्रीय परिषद के सदस्य और छत्तीसगढ़ राज्य समिति के पूर्व अध्यक्ष थे। उनका निधन 21 जुलाई 2025 को रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में 73 वर्ष की आयु में हुआ।

सान्याल ने अपने ट्रेड यूनियन जीवन की शुरुआत जीवन बीमा निगम के कर्मचारी के रूप में की और लंबे समय तक अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ के एक प्रमुख राष्ट्रीय नेता के रूप में कार्य किया। उन्होंने बीमा कर्मचारियों के संघर्ष का नेतृत्व किया और प्रबंधन तथा सरकार की दमनकारी नीतियों का सामना किया।

Vansh Bahadur

छत्तीसगढ़ के राज्य महासचिव और अध्यक्ष रहे सन्याल

छत्तीसगढ़ में सीटू के नेतृत्व में अन्य क्षेत्रों के कामगारों को संगठित करने में सक्रिय रूप से काम किया और संयुक्त मध्य प्रदेश के समय से ही राज्य में ट्रेड यूनियन आंदोलन में सीटू नेता के रूप में जिम्मेदारियां निभाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ में सीटू का नेतृत्व किया और लंबे समय तक राज्य समिति के महासचिव और अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।

वामपंथी विचारधारा को जनता के बीच आगे बढ़ाने में हमेशा सक्रिय रहे

सीटू के राष्ट्रीय महासचिव तपन सेन ने शोक संदेश जारी किया है। सान्याल वामपंथी विचारधारा को जनता के बीच आगे बढ़ाने में हमेशा सक्रिय रहे और लंबे समय तक भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव मंडल के सदस्य रहे।
सान्याल का निधन कामगार वर्ग के आंदोलन के लिए एक बड़ा नुकसान है। उनकी इच्छा के अनुसार, उनका शरीर चिकित्सा शिक्षा के लिए रायपुर मेडिकल कॉलेज को दान किया जाएगा।

देह दान करेंगे बी सान्याल का

सीटू भिलाई के महासचिव जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी के मुताबिक श्रमिक वर्ग के संघर्ष के एक समर्पित योद्दा बी सान्याल का पार्थिव देह 22 जुलाई की सुबह 11 बजे से अंतिम दर्शन के लिए उनके निज निवास 33, प्रभांजलि आरडीए कालोनी, टिकरापारा, रायपुर में रखा जाएगा। उनके निवास में श्रद्धांजलि के पश्चात उनकी अंतिम यात्रा दोपहर 1.30 बजे से आरम्भ होगी और उनकी इच्छा के अनुरूप मेडिकल कालेज के विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए मेडिकल कालेज को देह सौंपी जाएगी।