EPFO वार्षिक बजट के अनुमानों को मंजूरी, ये है बैलेंस शीट, निष्क्रिय ईपीएफ खातों पर ये पायलट प्रोजेक्ट

EPFO Approves Annual Budget Estimates Balance Sheet Pilot Project on Inactive EPF Accounts
  • केंद्रीय श्रम मंत्री डाक्टर मंसुख मांडविया और श्रम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे की मौजूदगी में सीबीटी सदस्यों के बीच कई प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन-ईपीएफओ के वार्षिक बजट और ईपीएफ में निष्क्रिय खातों पर सीबीटी की रिपोर्ट सामने आ गई है। बोर्ड ने ईपीएफओ और ईपीएफओ द्वारा प्रबंधित योजनाओं के लिए वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों और वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों को भी मंजूरी दी।

केंद्रीय श्रम मंत्री डाक्टर मंसुख मांडविया और श्रम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे की मौजूदगी में सीबीटी सदस्यों के बीच कई प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। भारत और ब्रिटेन के बीच सामाजिक सुरक्षा अंशदान से संबंधित सामाजिक सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर की जानकारी भी दी गई।

भारत ने अब तक 22 द्विपक्षीय सामाजिक सुरक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, व्यापक और आर्थिक व्यापार समझौते (सीईटीए) के तहत पहली बार एक डबल कंट्रीब्‍यूशन कन्‍वेंशन (डीसीसी) समझौते पर बातचीत हुई है।

सीईटीए के साथ ही 24 जुलाई 2025 को पारस्परिक डीसीसी समझौते पर एक अलग पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। यह हस्ताक्षर समारोह दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में हुआ तथा इस पर भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री और ब्रिटेन के वित्‍त मंत्री ने हस्ताक्षर किए। इससे श्रमिक और उनके नियोक्ता दोनों के लिए लागत कम होती है और भारतीय प्रतिभा की लागत-प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होता है

ईपीएफ में निष्क्रिय खातों का परिसमापन

ईपीएफ प्रावधानों के तहत किसी खाते को निष्क्रिय माना जाता है यदि सदस्य के 55 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद या सेवानिवृत्ति की तिथि से, जो भी बाद में हो, लगातार तीन वर्षों तक उसमें कोई अंशदान प्राप्त नहीं होता है। ऐसे खातों के परिसमापन के लिए बोर्ड ने 1,000 रुपये या उससे कम की बकाया राशि वाले निष्क्रिय ईपीएफ खातों में दावा निपटान की स्वतः शुरुआत के लिए एक पायलट परियोजना को मंजूरी दी है।

पहले चरण में लगभग 1.33 लाख ऐसे खाते, जिनकी राशि लगभग 5.68 करोड़ रुपये है, इस सुधार पहल के अंतर्गत आएंगे। राशि सीधे सदस्यों के आधार-लिंक्ड और ईपीएफ से जुड़े बैंक खातों में जमा की जाएगी, जिसके लिए नए दावों या दस्तावेज़ीकरण की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी और सदस्यों को अपना बकाया तेजी से प्राप्त करने में मदद मिलेगी। पायलट परियोजना की सफलता के आधार पर इस सुविधा को बाद के चरणों में 1,000 रुपये से अधिक की बकाया राशि वाले खातों तक बढ़ाया जाएगा, जिससे ईपीएफ में सदस्य-केंद्रित सुधारों को और मजबूती मिलेगी।

इस पहल से सदस्यों के लंबे समय से लंबित बकाया राशि के भुगतान में तेजी आएगी, प्रक्रियात्मक देरी कम होगी, डेटा की सटीकता में सुधार होगा और ईपीएफओ सदस्यों के लिए पहुंच और सेवा वितरण में और अधिक आसानी होगी।

ईपीएफओ की बैलेंस शीट

ईपीएफ योजना, 1952, ईपीएस 1995 और ईडीएलआई योजना 1976 के संबंध में ईपीएफओ के वित्तीय वर्ष 2023-24 के वार्षिक लेखापरीक्षित खातों को सीबीटी द्वारा अपनाने और संसद के समक्ष रखने के लिए अनुमोदित किया गया था।