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आल इंडिया एनएमडीसी रिटायर्ड एंप्लॉयज वेलफेयर फेडरेशन ईपीएफओ पर भड़का।
सूचनाजी न्यूज, छत्तीसगढ़। ईपीएस 95 हायर पेंशन की ताज़ा खबर: सेल के भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों और अधिकारियों को ईपीएस 95 हायर पेंशन से वंचित कर दिया गया है। अब एनएमडीसी से भी यही खबर आ रही है। पेंशनभोगियों के होश उड़ गए हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन-ईपीएफओ और केंद्र सरकार के खिलाफ गुस्सा भड़का हुआ है।
24 मार्च 2025 को लोक सभा में प्रश्नोत्तर के दौरान रोजगार एवं श्रम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लगभग यह बताने की कोशिश की है कि भिलाई स्टील प्लांट-सेल के जिन आवेदकों ने उच्च पेंशन के लिए, संयुक्त विकल्प पत्र प्रस्तुत किए हैं, वे इसके हकदार नहीं है। इस संदर्भ में उन्होंने ट्रस्ट रूल्स का भी हवाला दिया है।
आल इंडिया एनएमडीसी रिटायर्ड एंप्लॉयज वेलफेयर फेडरेशन महासचिव एलएम सिद्दीकी का कहना है कि एनएमडीसी लिमिटेड के 802 आवेदकों का संयुक्त विकल्प पत्र भविष्य निधि संगठन हैदराबाद ने बिना कोई कारण बताए निरस्त कर दिया है। न मौखिक रूप से , न ही लिखित या ऑनलाइन, किसी भी माध्यम से आवेदकों को उनके आवेदन को रिजेक्ट करने का कोई आधार नहीं बताया गया है।
24 मार्च से आवेदनों को निरस्त करने का सिलसिला
अचानक ही 24 मार्च से आवेदनों को निरस्त करने का सिलसिला शुरू कर दिया गया। यह एक गंभीर मसला था और आवेदकों के लिए किसी अप्रत्याशित आघात से कमतर नहीं था। एनएमडीसी ने भविष्य निधि आयुक्त हैदराबाद और केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त नई दिल्ली को 26 मार्च को ई मेल भेज कर आग्रह किया कि उन्हें और समस्त 806 आवेदकों को कारण बताया जाए जबकि एन एम डी सी ने उनके द्वारा चाही गई समस्त जानकारी उन्हें उपलब्ध करवाई है।
ईपीएफओ से कोई जवाब नहीं मिला
अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। 4 अप्रैल 2025 को एनएमडीसी हैदराबाद के अधिकारी पुनः भविष्य निधि संगठन, बरकतपुर, हैदराबाद के कार्यालय पहुंचे और भविष्य निधि आयुक्त से मिले और उन्हें बताया कि एनएमडीसी ने उन्हें (भविष्य निधि आयुक्त) और केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त को ई मेल भेज कर जानना चाहा था कि समस्त आवेदनों को एकमुश्त निरस्त करने का क्या आधार था। जिसका उन्हें जवाब आज तक नहीं दिया गया है।
आश्चर्यजनक ढंग से भविष्य निधि आयुक्त ने ऐसे किसी मेल के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की। एनएमडीसी अधिकारियों के बारम्बार अनुरोध पर उन्होंने अपने डीलिंग असिस्टेंट को निर्देश दिया कि यदि ऐसा कोई मेल है तो उन्हें प्रस्तुत किया जाए।
भविष्य निधि संगठन हैदराबाद के चक्कर लगा रहे अधिकारी
एक तरफ एनएमडीसी के अधिकारीगण लगातार प्रयासरत हैं।
भविष्य निधि संगठन हैदराबाद के चक्कर लगा रहे हैं, ताकि आवेदकों को उनका उचित लाभ मिल सके और दूसरी तरफ भविष्य निधि संगठन की उदासीनता से सभी आवेदक और एनएमडीसी के अधिकारीगण निराश हो रहे हैं।
यह भी उल्लेखनीय है कि भविष्य निधि संगठन के अधिकारियों ने स्वयं एनएमडीसी के मुख्य कार्यालय हैदराबाद में जाकर समस्त अभिलेखों का निरीक्षण किया और वे पूर्ण रूप से संतुष्ट थे।
ट्रस्ट रूल्स से संबंधित भी जानकारी नहीं
आश्चर्यजनक है कि अभी तक भविष्य निधि संगठन द्वारा जारी निरस्तीकरण के बाद, कोई कारण चाहे वह ट्रस्ट रूल्स से संबंधित हो या कोई अन्य जानकारी हो, नहीं बताया गया है।
हालांकि एनएमडीसी के अधिकारी इसी बीच भविष्य निधि संगठन कार्यालय हैदराबाद में दो बार जाकर आ चुके हैं और उन्होंने कहा भी कि आवेदकों के निरस्त होने का कारण बताया जाए और उनके द्वारा दिए गए अभिलेखों में यदि कोई कमी रह गई हो और या अन्य कोई जानकारी की जरूरत हो तो बताया जाए।
सांकेतिक तौर पर भविष्य निधि संगठन द्वारा यह अवश्य कहा गया है कि आवेदकों के बेसिक पे, डीए एवं अन्य आंकड़ों में थोड़ी बहुत भिन्नता है। पर यह कोई गंभीर मसला नहीं है।
श्रम मंत्रालय व ईपीएफओ दिल्ली जाएंगे प्रतिनिधि
आल इंडिया एनएमडीसी रिटायर्ड एंप्लॉयज वेलफेयर फेडरेशन ने जहां एक ओर इस विषय पर केंद्रीय न्यास बोर्ड के सदस्य सुनकारी मलेशम से भी चर्चा कर उनसे मदद मांगी है। फेडरेशन के अध्यक्ष पद्मा राव, महासचिव एलएम सिद्दीकी और वाइस प्रेसिडेंट डी एस वेलु साथ में कार्यकारणी सदस्यों ने स्पष्ट किया कि उनका एक प्रतिनिधि मंडल शीघ्र ही संबंधित मंत्री से, केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त नई दिल्ली से मिलकर उन्हें समस्त वस्तुतिधि से अवगत कराएगा, ताकि एनएमडीसी के कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मचारियों को, उनके वृद्धावस्था के सहारे के लिए उच्च पेंशन मिल सके।