फायर ब्रिगेड की गाड़ियां नहीं पहुंचने का कारण लगातार हुए हादसे और मैनपॉवर की कमी बताई जा रही है। इसलिए परेड में शामिल नहीं कराया जा सका।
26 जनवरी के परेड में दिखा बच्चों की देशभक्ति जज्बा।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के गणतंत्र दिवस समारोह में रायता फैल गया। हर साल की तरह इस बार भी आयोजन हुआ, लेकिन सबके आकर्षण का केंद्र होने वाले इवेंट नदारद रहे। इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।
देशभक्ति जज्बे और जोश की झलक दिखाने वाले सीआइएसएफ के युद्धकौशल और डॉग शो की कमी सबको अखर रही थी। वहीं, छत्तीसगढ़ में टॉप की व्यवस्था रखने वाले बीएसपी के फायर ब्रिगेड से भी लोगों को मायूसी हाथ लगी।
फायर ब्रिगेड की पहचान की झलक इस बार नहीं दिखाई गई। स्कूली बच्चों ने ऑपरेशन सिंदूर आदि देशभक्ति कार्यक्रमों से बीएसपी की लाज बचा ली। जयंती स्टेडियम से बाहर निकले लोगों की जुबां पर सीआइएसएफ और फायर ब्रिगेड के खास इवेंट न होने की बात थी।
जयंती स्टेडियम में भिलाई का मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह हुआ। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल-सीआइएसएफ और फायर ब्रिगेड एवं स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया गया परेड देखते ही बनता था।
मन में देशभक्ति का जज्बा लिए एनसीसी के विभिन्न विंग में कई महीनो से ट्रेनिंग लेते हुए मार्च पास्ट का प्रैक्टिस करने वाले बच्चे गजब का तालमेल के साथ मार्च पास्ट किया। तिरंगे को सलामी दी।
निश्चित रूप से यह जज्बा इन बच्चों में से कईयों को आने वाले दिनों में देश के विभिन्न सेनाओं, पैरा मिलिट्री फोर्स, पुलिस अथवा अन्य राष्ट्रीय सेवाओं में जाने के लिए प्रेरित करेगा।
पूरे मामले पर विभाग का ये कहना…
इस मामले पर गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन करने वाले बीएसपी खेल एवं सांस्कृतिक विभाग के प्रभारी एवं ओलंपियन राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि सीआइएसएफ की तरफ से डेमो न करने की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। इसका कारण तो सीआइएसएफ ही बता सकता है। जबकि फायर ब्रिगेड ने साफ कर दिया था कि प्लांट में हुए हादसों की वजह से कर्मचारी रिहर्सल नहीं कर सकें हैं। इसलिए दमकल की गाड़ियों का डेमो नहीं दिखाया जा सका।
बच्चों ने कहा “सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी”
कार्यक्रम के दौरान मिडिल स्कूल के बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दी, जिसमें उनकी देशभक्ति झलक रही थी। एक तरफ शिक्षकों की मेहनत तो दूसरी तरफ बच्चों की लगन। दोनों देखते ही बनता था। बच्चों ने एक गाने पर अपनी प्रस्तुति देते हुए सबको बता दिया कि हम पर बुरी नजर डालने की कोशिश ना करें।
कोई कितना भी जोर लगा ले, हम हिंदुस्तानी हमेशा से सबसे आगे रहे हैं और हमेशा रहेंगे। बच्चों ने अपनी प्रस्तुति में रोंगटे खड़ा कर देने वाले गीत हे मेरे वतन के लोगों पर अद्भुत प्रस्तुति दिया। आज की प्रस्तुतियों में पुलवामा से लेकर उरी तक की झलकियां दिखाई। कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह की भी झलक बच्चों ने दिखाई। वहीं, बच्चों ने जिमनास्टिक का शानदार प्रदर्शन किया। यह आकर्षण का केंद्र रहा।
सीआईएसएफ के डॉग शो के लिए तरसते नजर आए दर्शन
सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स हमारे उद्योग की रक्षा करने के लिए बनाई गई थी, जिसकी बटालियन भिलाई में कार्यरत है, जिसमें अधिकारियों, जवानों के साथ-साथ पूरी वफादारी के साथ डॉग भी अपना काम करते हैं। डॉग्स शो में डॉग्स बताते हैं कि कहीं पर विस्फोटक पदार्थ रखा हो या कोई चोर चोरी करके सामान लेकर भाग रहा हो, उसे रोकने और पकड़ने के लिए पुरी मुस्तैदी के साथ काम करते हैं। लेकिन 26 जनवरी के प्रस्तुतीकरण में इसे नहीं रखा गया।
अत्यधिक सुसज्जित फायर सर्विस के वाहन भी नहीं दिखे स्टेडियम में
पैरामिलिट्री फोर्स के दायरे में ही आने वाले वर्दी धारी जवानों से सुसज्जित भिलाई इस्पात संयंत्र का फायर सर्विस। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अत्याधुनिक वाहनों को लेकर परेड में उतारने का लोग इंतजार कर रहे थे। किंतु नजर नहीं आए। भिलाई इस्पात संयंत्र का फायर सर्विसेज हमेशा से फायर फाइटिंग में अपना लोहा मनवाता रहा है।
संयंत्र के अंदर हो या संयंत्र के बाहर हो, अग्नि दुर्घटना की सूचना मिलते ही 30 सेकंड के अंदर फायर फाइटिंग के लिए गाड़ियां फायर ब्रिगेड स्टेशन से निकल जाती है। यहाँ उच्च अनुशासन के साथ फायर सर्विस के जवान हमेशा मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी करते हैं। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां नहीं दिखाने के कारण को पूछने पर पता चला कि मैनपॉवर की कमी के चलते सुसज्जित वाहनों को परेड में शामिल नहीं करवाया जा सका।

