- लैडल हैंडलिंग क्षमता में वृद्धि हुई और टर्नअराउंड समय में कमी आई।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल भिलाई स्टील प्लांट के एसएमएस 3 ने पूर्णतः इन-हाउस इंजीनियरिंग एवं निष्पादन के माध्यम से आरएच डिगैसर वेसल प्रीहीटिंग सिस्टम को प्रोपेन से कोक ओवन गैस (COG) में सफलतापूर्वक परिवर्तित किया।
आरएच डिगैसर, जो तरल इस्पात के वैक्यूम डिगैसिंग के लिए एक महत्वपूर्ण यूनिट है और भारतीय रेलवे के लिए ब्लूम एवं रेल उत्पादन की कड़ी गुणवत्ता आवश्यकताओं को पूरा करता है, मूल रूप से वेसल प्रीहीटिंग हेतु प्रोपेन गैस पर आधारित था। वर्तमान ईंधन संकट और प्रोपेन की सीमित उपलब्धता के कारण संचालन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया था।
इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए, टीम एसएमएस-3 ने पूर्णतः इन-हाउस इंजीनियरिंग एवं निष्पादन के माध्यम से आरएच डिगैसर वेसल प्रीहीटिंग सिस्टम को प्रोपेन से कोक ओवन गैस (COG) में सफलतापूर्वक परिवर्तित किया। यह प्रणाली 30 मार्च को सफलतापूर्वक कमीशन की गई, जिससे संचालन की निरंतरता और ईंधन लचीलापन सुनिश्चित हुआ।
इसके साथ ही, केवल चार लैडल बेली स्टैंड उपलब्ध होने के कारण उत्पन्न लैडल उपलब्धता की समस्या,जिससे प्रतीक्षा समय और उत्पादन दबाव बढ़ रहा था। इसको दूर करने हेतु टीम ने इन-हाउस एक अतिरिक्त लैडल बेली स्टैंड का निर्माण एवं कमीशनिंग भी की। इससे लैडल हैंडलिंग क्षमता में वृद्धि हुई और टर्नअराउंड समय में कमी आई।
नों कार्य मात्र पंद्रह दिनों के भीतर पूर्ण किए गए और इनका उद्घाटन श्री राकेश कुमार, ईडी (वर्क्स) द्वारा वरिष्ठ प्रबंधन की उपस्थिति में किया गया, जिनमें बी. के. बेहरा, सीजीएम (एम एंड यू); पी. के. सिंह, सीजीएम (मैकेनिकल); तथा त्रिभुवन बैठा सीजीएम (एसएमएस-3) शामिल थे। इसके अतिरिक्त एसएमएस-3 के अन्य अधिकारी प्रद्युम्न सतपथी, जीएम (मेंटेनेंस); डी. विजित, जीएम (ऑपरेशन); प्रमोद अग्रवाल, जीएम (ऑपरेशन); उमाशंकर परगनिहा, जीएम (ट्रेनिंग); एवं दिलीप वार्ष्णेय , जीएम (टीए टू सीजीएम) भी उपस्थित रहे।
आरएच COG कन्वर्जन प्रणाली का डिज़ाइन अजीत नारायण, जीएम (मैकेनिकल) के नेतृत्व एवं संजीबा मिश्रा, जीएम (मैकेनिकल) के मार्गदर्शन में इन-हाउस तैयार किया गया, तथा इसका निष्पादन श्री प्रोनब रॉय, एजीएम (मैकेनिकल) एवं श्री आशुतोष सिंह, एसएम (मैकेनिकल) द्वारा सहयोगी टीम KMC के साथ किया गया।
अतिरिक्त लैडल बेली स्टैंड का डिज़ाइन राकेश वृष्णवंशी, डीजीएम (मैकेनिकल); श्री रजत सरकार, डीजीएम (इलेक्ट्रिकल) एवं मोहम्मद जावेद अंसारी, डीजीएम (ऑपरेशन) द्वारा, संजीबा मिश्रा, जीएम (मैकेनिकल) एवं हिमांशु भूषण मलिक, जीएम (ऑपरेशन) के मार्गदर्शन में तैयार किया गया। इसका निष्पादन चंदन चतुर्वेदी, एसएम (मैकेनिकल); मृत अशुग पाल, एसएम (मैकेनिकल); एवं अंशु अग्रवाल, मैनेजर (इलेक्ट्रिकल) द्वारा सहयोगी टीम GRE के साथ किया गया।
दोनों परियोजनाओं आरएच COG कन्वर्जन एवं लैडल बेली स्टैंड संवर्धन का समग्र समन्वय एवं निगरानी प्रद्युम्न सतपथी, जीएम (मेंटेनेंस) द्वारा की गई, जिनके मार्गदर्शन में इनका समयबद्ध एवं सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ। त्रिभुवन बैठा-मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-3) ने समग्र रणनीतिक दिशा एवं निरंतर सहयोग प्रदान किया, जो परियोजना के सफल क्रियान्वयन में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राकेश कुमार ने टीम एसएमएस-3 को इस नवाचारी एवं समयोचित पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने इसे संचालनिक सुदृढ़ता, लागत अनुकूलन एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने टीम के इस सक्रिय दृष्टिकोण की सराहना की, जिसने आंतरिक विशेषज्ञता का उपयोग कर बाहरी चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया तथा अन्य इकाइयों के लिए एक आदर्श स्थापित किया।















