- घोटाले से रेलवे को करीब 65 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
- सीबीआई ने 30 अगस्त 2018 को चार्जशीट दाखिल की थी।
सूचनाजी न्यूज, लखनऊ। Central Bureau of Investigation (सीबीआई) के विशेष न्यायालय (पश्चिम), लखनऊ ने रेलवे से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में दो अधिकारियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास और कुल 90 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषियों में भारत चौधरी, वरिष्ठ सामग्री प्रबंधक, डीजल डिपो गोंडा और राजेश कुमार शर्मा, तत्कालीन एसीएमटी (प्रयोगशाला), उत्तर-पूर्व रेलवे, गोरखपुर शामिल हैं।
सीबीआई ने यह मामला 7 अगस्त 2014 को स्रोत सूचना के आधार पर दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि वर्ष 2008 से 2013 के बीच आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत निजी फर्म एम/एस रिद्धि सिद्धि उद्योग, कोलकाता को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए जालसाजी और रिकॉर्ड में हेरफेर किया। बिना वास्तविक निरीक्षण के फर्जी निरीक्षण प्रमाणपत्र जारी किए गए और घटिया गुणवत्ता की सामग्री को ऊंचे दामों पर विभिन्न जोनल रेलवे को सप्लाई कराया गया।
इस घोटाले से रेलवे को करीब 65 लाख रुपये का नुकसान हुआ। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 30 अगस्त 2018 को चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें भारत चौधरी, कपिल देव शर्मा (मैनेजर, राइट्स), राजेश कुमार शर्मा, रविंद्र कुमार भालोटिया (प्रोपराइटर) और संबंधित फर्म को आरोपी बनाया गया।
मुकदमे के दौरान कपिल देव शर्मा और रविंद्र कुमार भालोटिया की मृत्यु हो गई, जिसके चलते उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई। ट्रायल पूरा होने के बाद अदालत ने शेष आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।













