- प्लांट में कहां-कहां मैनपॉवर कम किए जा सकते हैं, इसका स्टडी शुरू कर दी गई है।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल में कर्मचारियों की संख्या कम करने की मुहिम का दायरा काफी तेजी से बढ़ रहा है। इसकी जद में 50 प्रतिशत सीआइएसएफ जवानों को भी लाने की तैयारी है।
इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक ने बीएसपी दौरे और उसके बाद रिव्यू मीटिंग करके हड़कंप मचा दिया है।
सेल के अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से बोल दिया है कि हर तरफ से खर्च करने पर अभियान चल रहा है। सीआइएसएफ को भी टार्गेट किया जा रहा है। अब देखना यह है कि सीआइएसएफ जवानों को लेकर अंतिम फैसला क्या होने वाला है।
भिलाई स्टील प्लांट की कमाई का एक बड़ा हिस्सा सिक्योरिटी के नाम पर सीआइएसएफ को अदा किया जाता है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल-सीआइएसएफ जवानों की संख्या को भी आधा करके बड़े खर्च को कम करने की गणित बैठाई जा रही है। फिलहाल, रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
बता दें कि बीएसपी के ओएचपी, हॉस्पिटल में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड की मदद ली जा रही है। प्लांट के अंदर सुरक्षा की कमान कुछ विभागों में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड से कराने का पायलट प्रोजेक्ट सफल होता दिख रहा है। हो सकता है, इसी फॉर्मेट पर प्लांट के अंदर सीआइएसएफ जवानों के विकल्प के रूप में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड लगाए जाएं।
इसके अलावा प्लांट में कहां-कहां मैनपॉवर कम किए जा सकते हैं, इसका स्टडी शुरू कर दी गई है। सेल के सभी प्लांट के दो-चार अधिकारियों का ग्रुप राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड-आरआइएनएल मैनपॉवर स्टडी के लिए जा रहा है। बीएसपी के एक सीजीएम स्तर के अधिकारी के साथ कुछ अन्य अधिकारी भी विशाखापट्टनम स्टील प्लांट रवाना होने वाले हैं।












