SAIL NEWS:  वेतन विसंगति से कर्मचारियों को 5000 तक नुकसान, मूल वेतन, पीएफ पर असर, CITU ने प्रबंधन को जगाया 

SAIL NEWS Employees Lose up to Rs 5000 Due to Pay Discrepancy Basic Pay CITU Wakes up Management 1

सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के कर्मचारियों के वेतन विसंगति का मामला एक बार फिर सीटू ने उठाया है। सीटू की टीम ने औद्योगिक संबंध विभाग के माध्यम से कार्यपालक निदेशक (एच आर) को पत्र देकर कहा कि 22 अक्टूबर 2021 को हुए मेमोरेंडम का अंडरस्टैंडिंग के तहत निर्धारित किए गए मूल वेतन एवं नियमानुसार निश्चित हुई महंगाई को संयंत्र कर्मियों पर लागू करने के साथ ही भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत अनेक वरिष्ठ कर्मचारियों के अपने ही विभागीय /अनुविभागीय कनिष्ठ कर्मचारियों के वेतन के साथ विसंगति उत्पन्न हुई है।

इस वेतन विसंगति को दूर करने संबंधित सर्कुलर जारी नहीं होने से कार्मिक (एच आर) विभाग इस संबंध में कोई भी कार्रवाई करने में असमर्थता व्यक्त कर रहा हैं। कुछ कर्मचारी तो वेतन विसंगति के साथ ही सेवानिवृत्ति भी हो गए हैं। इसीलिए सीटू ने वेतन विसंगति को दूर करने संबंधित आवश्यक दिशा- निर्देश/ सर्कुलर जल्द से जल्द जारी करने की मांग की।

क्या होता है वेतन विसंगति

किसी भी विभाग में निर्धारित पद पर भर्ती हुए कनिष्ठ कर्मचारियों का मूल वेतन इस विभाग में भर्ती हुए वरिष्ठ कर्मचारियों से अधिक होने पर जो विसंगति उत्पन्न हो जाती है उसे ही वेतन में विसंगति कहते हैं। यह विसंगति वेतन समझौते के बाद उत्पन्न हो जाता है।

पिछले बार भी वेतन समझौता के उपरांत वेतन विसंगति हुई थी जिसे हल करने हेतु सर्कुलर जारी किया गया था किंतु इस बार अभी तक कोई सर्कुलर जारी नहीं हुआ है।

5000 तक हो रहा है वरिष्ठ कर्मियों को नुकसान

सीटू के संज्ञान में कुछ मामले आए हैं इसके अध्ययन करने के बाद पता चल रहा है कि कुछ कनिष्ठ कर्मचारी का वेतन अपने ही वरिष्ठ कर्मचारियों से लगभग ₹5000 बढ़ गया है। यदि दूसरे मायने में कहा जाए तो एक ही पद पर भर्ती हुए वरिष्ठ कर्मचारियों अपने कनिष्ठ कर्मचारी से ₹5000 कम वेतन उठा रहे हैं, जिसका समाधान निकालते हुए वरिष्ठ कर्मचारी का वेतन कनिष्ठ कर्मचारियों के बराबर अथवा अधिक किया जाना है। जिसके लिए उच्च स्तर से आवश्यक गाइडलाइन जारी होता है जो अभी तक जारी नहीं हुआ है।

मूल वेतन से किस-किस पर पड़ता है असर

सीटू नेता ने कहा कि जब किसी कर्मी का मूल वेतन बढ़ जाता है तो उस पर मिलने वाला महंगाई भत्ता भी बढ़ता है साथ में मूल वेतन पर मिलने वाले पर्क्स में भी बढ़ोतरी होती है। मूल वेतन पर मिलने वाले पेंशन की राशि में भी वृद्धि होने के साथ-साथ हर माह ईपीएफ में कट कर जाने वाला पैसा तथा प्रबंधन के द्वारा ईपीएफ में दिया जाने वाले पैसे में भी वृद्धि होती है। जिसे समग्रता में गणना करने पर यह बहुत बड़ी राशि होती है।