- अब हर साल आय प्रमाण पत्र जमा करने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है। पांच साल में एक बार जमा करना आवश्यक है।
सूचनाजी न्यूज, दिल्ली। क्या आप जानते हैं, कलाकारों को भी सरकारी पेंशन मिलती है। संस्कृति मंत्रालय ‘वरिष्ठ कलाकारों के लिए वित्तीय सहायता योजना’ नाम की एक योजना चलाता है, जिसके तहत चुने हुए अनुभवी कलाकारों को वित्तीय मदद दी जाती है। इस योजना के तहत उन कलाकारों को रखा गया है जिन्हें किसी भी तरह की पेंशन नहीं है। पिछले तीन सालों में इस योजना के तहत वित्तीय मदद पाने वाले वरिष्ठ कलाकारों की संख्या और दी गई रकम नीचे दी गई है:
योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए पात्रता मानदंड निम्नलिखित हैं:
आवेदक कलाकार ने अपनी सक्रिय आयु के दौरान कला, साहित्य आदि के अपने विशिष्ट क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो या अभी भी योगदान दे रहे हों;
आवेदक कलाकार की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए;
आवेदक की वार्षिक आय 72,000/- रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए;
आवेदक कलाकार संबंधित राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन से कम से कम 500/- रुपये प्रति माह की कलाकार पेंशन प्राप्त कर रहा हो, अथवा आवेदक की कलात्मक साख संस्कृति मंत्रालय के संबंधित क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र द्वारा सत्यापित और अनुशंसित होनी चाहिए।
आवेदक कलाकार संस्कृति मंत्रालय की किसी अन्य योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं कर रहा होना चाहिए।
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में जानकारी दी। कहा-इस योजना के तहत चयनित अनुभवी कलाकारों को जीवन भर के लिए 6,000/- रुपये प्रति माह तक की वित्तीय सहायता राशि प्रदान की जा रही है।
उक्त योजना के तहत चयनित कलाकारों को वित्तीय सहायता का वितरण कुछ अनिवार्य दस्तावेजों को जमा करने पर निर्भर करता है, जिनमें वर्ष में एक बार डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, हर पांच साल में वार्षिक आय प्रमाण पत्र और संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से प्राप्त होने वाली कलाकार पेंशन (यदि कोई हो) के दस्तावेज शामिल हैं।
कभी-कभी कलाकारों द्वारा इन दस्तावेजों को जमा न करने के कारण सहायता राशि के भुगतान में देरी हो जाती है, परंतु एक बार सभी आवश्यक दस्तावेज प्राप्त हो जाने पर जो कि वर्ष भर चलने वाली एक निरंतर प्रक्रिया है। वित्तीय सहायता को शीघ्रता से वितरित करने के हर संभव प्रयास किए जाते हैं।
इस योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को होने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए, हाल के वर्षों में मंत्रालय द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
जून, 2022 से इस योजना के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता की राशि को 4,000/- रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 6,000/- रुपये प्रति माह कर दिया गया है;
अगस्त, 2023 से वार्षिक आय की सीमा को 48,000/- रुपये प्रति वर्ष से संशोधित कर 72,000/- रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है।
अब हर साल आय प्रमाण पत्र जमा करने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है और इसके बजाय अब इसे पांच साल में एक बार जमा करना आवश्यक है;
पहले, इस योजना के तहत आवेदन करने वाले कलाकार के लिए संबंधित राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन से कम से कम 500/- रुपये प्रति माह की कलाकार पेंशन प्राप्त करना अनिवार्य था। अब इस शर्त में ढील दी गई है और यह प्रावधान किया गया है कि यदि आवेदक को राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश से पेंशन नहीं मिल रही है, तो उसकी कलात्मक साख का सत्यापन और सिफारिश संस्कृति मंत्रालय के संबंधित क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र द्वारा की जा सकती है।



















