नक्सल प्रभावित बीएसपी रावघाट परियोजना से जुड़े गांव के 20 युवाओं ने दीदार किया भिलाई स्टील प्लांट का
पहले ग्रामीणों के पास सिर्फ कृषि से जुडना एकमात्र साधन था। सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र जहाँ एक ओर इस्पात निर्माण से देश को मजबूती प्रदान करने में अपना योगदान दे रहा है। वहीं, देश बुनियादी विकास यानी गांव के विकास में भी हर संभव प्रयास जारी रखता है। इसी क्रम में बीएसपी के रावघाट परियोजना के प्रभावित क्षेत्रों के गोद लिए हुए ग्रामों को विकसित करने और रावघाट के बफर विलेज़ेस में एक सकारात्मक माहौल बनाने की अपनी यात्रा में बुधवार को 20 युवाओं को दो दिवसीय भिलाई इस्पात संयंत्र के भ्र
पहले ग्रामीणों के पास सिर्फ कृषि से जुडना एकमात्र साधन था।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र जहाँ एक ओर इस्पात निर्माण से देश को मजबूती प्रदान करने में अपना योगदान दे रहा है। वहीं, देश बुनियादी विकास यानी गांव के विकास में भी हर संभव प्रयास जारी रखता है।
इसी क्रम में बीएसपी के रावघाट परियोजना के प्रभावित क्षेत्रों के गोद लिए हुए ग्रामों को विकसित करने और रावघाट के बफर विलेज़ेस में एक सकारात्मक माहौल बनाने की अपनी यात्रा में बुधवार को 20 युवाओं को दो दिवसीय भिलाई इस्पात संयंत्र के भ्रमण के लिए लाया गया।
जहाँ इन सभी युवाओं ने बीएसपी में इस्पात बनने की प्रक्रिया को करीब से देखा और इससे सम्बंधित जानकारी प्राप्त की। संयंत्र भ्रमण से पूर्व, इस्पात भवन में मुख्य महाप्रबंधक (रावघाट) अरुण कुमार ने इन युवाओं से मुलाकात की और उन्हें पूर्ण सुरक्षा के साथ संयंत्र भ्रमण का आनंद लेने हेतु प्रोत्साहित किया। इस दौरान उनके साथ माइंस के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी मौजूद थे।
इन 20 युवाओं में 5 महिलाएं शामिल थी। ये सभी युवा पादरगांव, भैयासाल्हेभाट और फूलपाड ग्रामों से हैं। इसके बाद 2 दिसम्बर और 5 दिसम्बर 2024 को को भी 20-20 युवाओं के समूह को भिलाई इस्पात संयंत्र के भ्रमण के लिए लाया जायेगा।
बीएसपी का उद्देश्य महत्वाकांक्षी रावघाट परियोजना के साथ साथ परिधीय ग्रामों में भी एक सकारत्मक वातावरण और उनका विकास करना है। जिसके लिए बीएसपी अपने सीएसआर विभाग के माध्यम से कई परियोजनाएँ चला रही है।
रावघाट सीएसआर परियोजना के अंतर्गत आने वाले 60 गाँवों के स्कूलों में गिफ्ट मिल्क योजना, युवाओं को आईटीआई प्रशिक्षण और ड्रायविंग प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार उपलब्ध कराना, बालिकाओं को नर्सिंग की शिक्षा प्रदान करना, आधारभूत सुविधाएँ जैसे पेय जल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थय केंद्र, बिजली, पुल आदि का निर्माण या व्यवस्था करना शामिल है।
उपरोक्त सभी योजनाओं का लाभ रावघाट माइंस के प्रभावित क्षेत्र के सम्मिलित गाँवों को दिया जा रहा है तथा कुछ गांवों के लिए प्रयास अब भी जारी है। जिससे क्षेत्र का विकास और ग्रामीणों के आजीविका में वृद्धि होगी। सेल भिलाई इस्पात संयंत्र अपने प्लांट एवं माइंस क्षेत्र के सामुदायिक समाजिक विकास में भागीदारी हेतु सदैव प्रतिबद्ध है।
भिलाई इस्पात संयंत्र के भ्रमण के लिए आई सुनीता (छद्म नाम) ने अपना विचार साझा करते हुए बताया, कि बीएसपी ने उनके लिए कैसे मदद की और उन्हें आधारभूत सुविधायें बीएसपी के आने के बाद ही प्राप्त हो रही है।
कार्तिक (छद्म नाम) ने रावघाट में बीएसपी के आने से अपना अनुभव साझा करते हुए बताया, कि बीएसपी ने हमें और सम्बंधित क्षेत्र का विकास किया और हमें सभी आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की।
कुछ बेरोजगार लोगों को नौकरी मिली और बीएसपी के विकास करने के कारण कुछ लोगो का व्यवसाय भी शुरू हो सका। जिससे लोगों के रहन सहन के स्तर में काफी सकारात्मक बदलाव आये हैं। बच्चों को ना सिर्फ स्कूल खोल के दिया बल्कि बस, गणवेश, पुस्तकें, मध्यान्ह भोजन आदि भी उपलब्ध करवाया।
पहले ग्रामीणों के पास सिर्फ कृषि से जुडना एकमात्र साधन था पर बीएसपी के कारण कई बेरोजगारों को रोजगार मिल चुका है घरों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है।
बीएसपी अपने सीएसआर परियोजना के तहत सदैव एक ऐसे समाज के निर्माण में मदद करती है, जो समावेशी विकास को प्राप्त करने के लिए सरकार के प्रयासों के पूरक हो। बीएसपी द्वारा इस तरह की पहल राष्ट्र को सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति की ओर ले जाने में मदद करती है।