सेल भिलाई इस्पात संयंत्र की उत्पादन क्षमता को 6.8 एमटीपीए से बढ़ाकर 10.2 एमटीपीए करने के लिए लगभग ₹31,000 करोड़ की अनुमानित लागत।
- आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति सेल की अपनी कैप्टिव खदानों और घरेलू तथा आयातित स्रोतों से की जाएगी।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण परियोजना के लिए डेडलाइन तय कर दी गई है। लोकसभा में मध्य प्रदेश के सतना से भाजपा सांसद गणेश सिंह ने इस्पात मंत्री से बीएसपी के प्रोजेक्ट के बारे में सवाल दागे। सरकार की ओर से जवाब दिया गया। दो बातों पर पूरी तरह से फोकस नजर आया। एक प्रोजेक्ट पर 31,000 करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी है। दूसरी बात इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 42 महीने की समय सीमा भी निर्धारित कर दी गई है।
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सांसद गणेश सिंह के सवाल
‘सेल’ के भिलाई इस्पात संयंत्र को 6.8 एमटीपीए से 10.2 एमटीपीए तक विस्तारित किए जाने का ब्यौरा क्या है और इसमें अनुमानित निवेश, कार्यान्वयन समय-सीमा और पूर्ण होने की अपेक्षित तिथि का ब्यौरा क्या है?
छत्तीसगढ़ में उक्त विस्तार परियोजना के परिणामस्वरूप प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कितना रोजगार सृजित होने की संभावना है?
क्या सरकार ने विस्तारित क्षमता के लिए कच्चे माल की उपलब्धता को सुदृढ़ करने हेतु कोई रणनीति तैयार की है और सतना-सिंगरौली कोयला क्षेत्र और अन्य घरेलू स्रोतों से आपूर्ति की योजना का ब्यौरा क्या है?
इस्पात राज्य मंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा का जवाब
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने भिलाई इस्पात संयंत्र की उत्पादन क्षमता को 6.8 एमटीपीए से बढ़ाकर 10.2 एमटीपीए करने के लिए लगभग ₹31,000 करोड़ की अनुमानित लागत पर सैद्धांतिक अनुमोदन किया है। इस परियोजना को पूरा करने की समय सीमा 42 महीने तय की गई है।
इस पररयोजना में निर्माण और प्रचालन चरणों के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन करने की क्षमता है। सभी आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति सेल की अपनी कैप्टिव खदानों और घरेलू तथा आयातित स्रोतों से की जाएगी।

