भारी बरसात में भी बोकारो स्टील प्लांट के कर्मचारियों का हल्ला-बोल, एरियर, ग्रेच्युटी संग 14 मांग

Bokaro Steel Plant Employees Halla-Bol 14 Demands Including Arrears Gratuity
  • प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दिया कि अगर प्रबंधन 14 सूत्रीय मांगों पर अविलंब कोई ठोस पहल नहीं किया तो उग्र आंदोलन होगा।

सूचनाजी न्यूज, बोकारो। हिन्द मजदूर सभा के संबद्ध जनता मजदूर संघ के पूर्व घोषित कार्यक्रम हल्ला बोल मे सैकड़ों मजदूर दोपहर 1 बजे भारी बरसात के बावजूद अधिशासी निर्देशक बिल्डिंग गोलम्बर में जुटे। भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया है। प्रदर्शन का संचालन संयुक्त महामंत्री अरुण कुमार करते हुए प्रबंधन को खुली चेतावनी दी कि अब मजदूर अपने मांगो को लेकर किसी भी हद तक जा सकते हैं।

मजदूरों को संबोधित करते हुए महामंत्री प्रमोद कुमार देव ने मजदूरों का 14 सूत्रीय मांग पर चर्चा करते हुए कहा कि सेल नित्य नए रिकार्ड मुनाफा हम मजदूरों के खून-पसीने से बना रहा है। मगर हमारा 39 महीने का एरियर दबा कर बैठा है।

Vansh Bahadur

आज दो-तीन साल से सेल में नई परिपाटी रही है कि दुर्गा महाष्टमी से चार दिन पहले बोनस का मीटिंग रखा जाता है और हमारे वरिष्ठ और जुझारू नेता के साथ वार्ता विफल होने के बावजूद भ्रष्ट प्रबंधन दुर्गाष्टमी को 30,000/ हमारे बैक खाता मे डाल दिया जाता है, तब हमारे निति निर्धारक नेता बोलते है कि हमने हस्ताक्षर नहीं किया है। और साल भर ठेका पतर का खेल होता है।

अब हमारी यूनियन कहती है कि 30-40 नहीं चलने देगे, पूरा 80,000 लेके रहेंगे। वर्तमान वेतन समझौता को अतिशीघ्र पूर्ण कर वर्ष 2027 के वेतन समझौते की तैयारी करो एरियर का झंझट ही खत्म करो।

प्रदर्शनकारियों ने कहा-पूर्व ED HR राजन प्रसाद का Dream Project स्टील क्लब मजदूरों के लिए अविलंब चालू कीजिए मैडम। RH avail पूर्व की भांति किया जाए। जूनियर इंजीनियर को सी टाइप आवास दिया जाए। इससे अवैध कब्जा का समस्या खत्म होगा। नगर सेवा भवन के भ्रष्टाचार में अंकुश लगेगा। उम्र को देखकर सुश्रुत वार्ड की सुविधा बहाल किया जाए।

ठेका श्रमिकों की स्थिति बद से बदतर है। एक तरफ SW का ESIC की सविधा बंद है। मगर उनको ठेकेदार USW का भी वेज नहीं देते हैं। ये घोर निंदनीय है। नेहरू जी इसलिए इस प्लांट का स्थापन नहीं किए थे।

आज सेल के मुनाफा में ठेका कर्मी अपंग हो जाता। मगर उस पर प्रबंधन का ध्यान नहीं है। हमारी यूनियन मांग करती है कि ऐसी परिस्थित में उसके आश्रित को स्थायी नौकरी देना होगा। बुढ़ापा में ग्रेच्युटी ही सहारा होता। इसलिए लेबर नियानानुसार 5 साल काम किए ठेका कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाए। रात में काम करने पर शरीर कमजोर हो जाता है, जिसकी भरपाई के लिए रात्रि भत्ता दिया जाता तो ये ठेका मजदूर को क्यों नहीं दिया जाता है।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दिया कि अगर प्रबंधन इस 14 सूत्री मांगों पर अविलंब कोई ठोस और सकारात्मक पहल नहीं किया तो आगे और भी उग्र आंदोलन करने पर हमारा यूनियन बाध्य होगा, जिसकी सारी जवाबदेही प्रबंधन की होगी।

कार्यक्रम में उपस्थित सत्येंद्र नारायण सिंह, मुकेश रंजन सिंह, नर्मदेश्वर सिंह, प्रदीप प्रसाद भगत, गौतम सिंह चौधरी, पंकज कुमार सिंह, लखन महतो, नरसिंह गोस्वामी, मनोज भारती, रामजी सिंह यादव, राम लखन, सतीश कौशल, मुबारक अंसारी, आनंद कुमार, भरत भारती, चंद्रशेखर मंडल, मनीष कुमार, अंकित मिश्रा, हिमांशु शेखर, राजेन्द्र सिंह, मुक्तेश्वर गोप, अजय कुमार शर्मा, दिपक कुमार, श्रीकांत व अन्य सभी जनता मजदूर संघ के सदस्य मौजूद रहे।