- अनूप साहा, रमेश चंद्र,एस एस के पनिक्कर, प्रदीप धिरहे, श्याम लाल भार्गव,डिलेश्वर बोपचे,बिसेलाल कुर्रे,एच पी देवांगन,हरीश देवांगन, बलराम ठाकुर अशोक मांझी, के पापा राव, विश्वनाथ शोरी को मौका।
सूचनाजी न्यूज, भिलाई। हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन के मेकेनिकल जोन का सम्मेलन संपन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता यूनियन के उपाध्यक्ष संतोष कुमार प्रुष्टि ने किया। सम्मेलन की शुरुआत में दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि दी गई उसके पश्चात मेकेनिकल जोन में पिछले 3 वर्षों में हुए मुख्य गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
मेकेनिकल जोन के मुख्य विभागों मशीन शाप, प्लांट गैरेज,सी एच एम सी आर एम के संदर्भ में चर्चा की गई। सम्मेलन में विशेष रूप से यूनियन के अध्यक्ष विजय जांगड़े एवं महासचिव जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी उपस्थित थे।
नई उर्जा के साथ सत्यजीत गांगुली संयोजक एवं प्रदीप धिरहे उपसंयोजक चुने गए
जोनल सम्मेलन में आगामी कार्यकाल हेतु 14 सदस्यों का जोनल समिति का प्रस्ताव रखा गया जिसमें अनूप साहा, रमेश चंद्र,एस एस के पनिक्कर, प्रदीप धिरहे, श्याम लाल भार्गव,डिलेश्वर बोपचे,बिसेलाल कुर्रे,एच पी देवांगन,हरीश देवांगन, बलराम ठाकुर अशोक मांझी, के पापा राव, विश्वनाथ शोरी, शामिल थे। अध्यक्ष मंडल ने पेश किए गए प्रस्ताव पर राय मांगा, साथियों ने कोई अन्य प्रस्ताव ना देकर पेश किए गए प्रस्ताव के सभी साथियों को सर्वसम्मति से जोनल समिति के लिए चुन लिया।
तत्पश्चात जोनल संयोजक के लिए डिलेश्वर बोपचे उपसंयोजक के लिए प्रदीप धिरहे के नाम का प्रस्ताव रखा गया जिसे सभी साथियों ने सर्वसम्मति से चुन लिया। तत्पश्चात आगामी त्रय वार्षिक सामान्य सम्मेलन में भाग लेने वाले पांच प्रतिनिधियों और दो वैकल्पिक प्रतिनिधियों का चुनाव किया गया। सम्मेलन के अंत में यूनियन के अध्यक्ष विजय कुमार जांगड़े ने सभी उपस्थित प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया।
संयंत्र में उत्पादन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका होती है मेकेनिकल जोन की
मैकेनिकल जोन में मुख्य रूप से मशीन शॉप 1, 2, 3, सीआरएम, सीएचएम, प्लांट गैरेज, फाउंड्री सहित बहुत से ऑग्ज़ीलियरी शॉप आते हैं। यह शॉप संयंत्र के अंदर चलने वाले बड़े-बड़े विभागों को हमेशा सपोर्ट करने का काम करते हैं।
कभी-कभी संयंत्र के अंदर बड़े-बड़े विभागों में उत्पादन के दौरान मशीनरी में अचानक से टूट-फूट हो जाता है और उसे मशीनरी का वह टूटा हुआ पुर्जों अथवा सामान को बाहर से मनाने की नौबत आ जाती है एवं उत्पादन पूरी तरह से प्रभावित होने लगता है ऐसे में इन ऑग्ज़ीलियरी शॉप्स में पुर्जों को तैयार करवा कर उत्पादन को सामान्य कर दिया जाता है। वही संयंत्र के बड़े-बड़े रिपेयर को आसानी से हैंडल करने का काम विभाग करते हैं।











